रामचरितमानस मोतीः वर्षा ऋतु वर्णन
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती वर्षा ऋतु वर्णन १. देवता लोकनि पहिनहि सँ ओहि पहाड़ पर एक गोट गुफा केँ खूब बढियाँ सँ बना (सजा) रखने छलथि, ई सोचिकय जे कृपाक खान श्री रामजी अओता आ किछु दिन एतय रहता। सुन्दर वन फूलायल बहुत सुशोभित अछि। मधुक लोभ सँ भँवराक समूह गुंजार कय … रामचरितमानस मोतीः वर्षा ऋतु वर्णन





