नेपालक तराई-मधेस मे जितिया पाबनि हर्षोल्लास संग संपन्न
जितेन्द्रनारायण ठाकुर, विराटनगर, २३ सितम्बर २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! “जितिया पाबनि बड़ भारी, धियापुता केँ ठोकि सुतेलनि अपने खेलनि भरि थारी” ई कहाबत मिथिला मे बहुत लोकप्रिय अछि। एकर अर्थ होएछ “जितिया पाबनि करब बहुत कठिन होएछ, एकरा निर्वाह करय वास्ते महिला लोकनि धियापुता सुतलाक बाद पेट भरिकय खाएत छथि, जाहि सँ ई व्रत पूरा … नेपालक तराई-मधेस मे जितिया पाबनि हर्षोल्लास संग संपन्न









