सीता (मैथिली कविता)
साहित्य सृजन – पल्लवी झा मिथिलेश्वर अप्पन खेत में हल के शिरा घुमाओल जहिना जनकनन्दिनी भेली अवतरित धरा के भीतर सँ हे बहिना धन्य भेल मिथिला के धरती जन जन गाबै ये बधैया अन धन सोनवा लुटबै खुशी में झूमी सुनैना मैया जनकसुता ओ चारू चंचला लक्ष्मी के अवतारी सेहो सात बरख आयु में … सीता (मैथिली कविता)









