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प्रवीण नारायण चौधरी

सरदार पटेल या नरेन्द्र मोदीक खोज मिथिला लेल जरूरी (विमर्श)

एक जरूरी विमर्श – विद्वानक सहभागिता वांछित सन्दर्भ – मिथिलाक आर्थिक विकास मे उद्यमशीलताक भूमिका  मैथिली मे संचारकर्म केर धर्म केँ निभबैत, विद्यमान समाज मे मिथिला प्रति चिन्तन-मनन केँ निरन्तरता देबाक लेल आजुक ई विमर्श अछि। एहि मे रुचि रखनिहार तथा उपयुक्त योग्यता सँ योगदान देनिहारक सहभागिता मात्र जरूरी अछि। सर्वप्रथम ध्यानाकर्षण आ अपनेक जवाब सरदार पटेल या नरेन्द्र मोदीक खोज मिथिला लेल जरूरी (विमर्श)

मैथिली-हिन्दीक महान स्रष्टा – श्यामल सुमन सर केर जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना

शुभकामना सन्देश – प्रवीण नारायण चौधरी मैथिली-हिन्दीक महान स्रष्टा – श्यामल सुमन सर केर जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना   आइ सँ लगभग ९ वर्ष पूर्व – २०१२ अर्थात् २०६९ वि.सं. साल विराटनगर मे आयोजित विद्यापति स्मृति पर्व समारोह मे भेंट भेलाह एक महान कवि-गीतकार आ स्वयं सेहो मधुर कंठक धनी व्यक्तित्व श्री श्यामल सुमन। जमशेदपुर मैथिली-हिन्दीक महान स्रष्टा – श्यामल सुमन सर केर जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना

अविस्मरणीय आ अभूतपूर्व विद्वान् श्री शम्भू शरण सिंह सर केर जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना

शुभकामना सन्देश – प्रवीण नारायण चौधरी अविस्मरणीय आ अभूतपूर्व विद्वान् श्री शम्भू शरण सिंह सर केर जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना   “कोनो भी सभ्यता केर विकास सँ एकटा भूगोल केर निर्माण होइत छैक, मुदा ओहि भूगोल केर सुरक्षा ओतुका संस्कृतिक विकास संग निर्वाह कैल जा सकैत छैक। मिथिलाक सभ्यता एकटा निश्चित भूगोल तय केने छैक, अविस्मरणीय आ अभूतपूर्व विद्वान् श्री शम्भू शरण सिंह सर केर जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना

मिथिला में मृत्युभोज नहि होइत छैक

मृत्युभोज मिथिला में नहि होइछ कृपया ई विषय पर किनको दुविधा हो त पहिने बुझू मृत्युभोज के बारे में। मिथिला में मृत्युभोज नहि होइत छैक। श्रद्धा पूर्वक पितर लेल श्राद्ध कयल जाइत छैक, अपन सामर्थ्य अनुसार समर्पण नहि कि कोनो सामाजिक बंधन कि एतेक करू भले जमीन बेचब या कर्ज करब। मृत्युभोज भारत केर किछु मिथिला में मृत्युभोज नहि होइत छैक

इच्छा आ परिणाम – एक मार्मिक लेख

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी इच्छा आ परिणाम   तहिया २८ वर्षक उमेर छल। बड़की बेटी एहि धराधाम मे आबि गेल छलीह। परम्परागत तौर पर हुनका नामे १ लाख टका के बीमा कराओल। अभिकर्ता हमर बहनोइ रहथि। ओ कहने छलाह जे बेटीक विवाह मे ई रकम काजक होयत। आब हम ४८ वर्षक छी। रकम मैच्योर्ड इच्छा आ परिणाम – एक मार्मिक लेख

राष्ट्रीय जनगणना २०७८ मे मैथिली भाषी बढि-चढिकय लिखेता अपन मातृभाषाक नाम

विराटनगर, ७ जनवरी, २०२१ । मैथिली जिन्दाबाद!! विराटनगरक सर्वथा प्राचीन आ सक्रिय मैथिली भाषा-संस्कृति व मिथिला समाजक संस्था मैथिली सेवा समिति द्वारा नेपालक जनगणना २०७८ प्रति आवश्यक संज्ञान लैत जनगणना मे अपन भाषा लिखेबाक लेल आ संगहि साहित्य एवं कला-संस्कृति संरक्षण-संवर्धन लेल जनजागरण संग विचार-विमर्श कार्यक्रम शुरू कय देल गेल अछि। एहि क्रम मे काल्हि राष्ट्रीय जनगणना २०७८ मे मैथिली भाषी बढि-चढिकय लिखेता अपन मातृभाषाक नाम

राष्ट्रीय जनगणना २०७८ नेपाल आ मैथिली सेवा समिति विराटनगर केर वृहत्-विचार-विमर्श कार्यक्रम

राष्ट्रीय जनगणना २०७८ नेपाल आ मैथिली सेवा समिति विराटनगर केर वृहत्-विचार-विमर्श कार्यक्रम मे प्रवीण विचार ६ जनवरी २०२१, जानकी सेवा सदन, विराटनगर मे ३ बजे सँ ६ बजे सम्पन्न कार्यक्रम मे राखल गेल विचारक प्रति निम्न अछिः मैथिली सेवा समिति द्वारा आयोजित आजुक वृहत् विचार विमर्श कार्यक्रम जेकर उद्देश्य मैथिली भाषा, साहित्य, संस्कृति तथा कला राष्ट्रीय जनगणना २०७८ नेपाल आ मैथिली सेवा समिति विराटनगर केर वृहत्-विचार-विमर्श कार्यक्रम

कवियित्री सुमन झा केर रचना ‘बेटी’

बेटी – सुमन झा, कोलकाता बेटी छथि जग के निर्माता, बेटिये त छथि धरती माता। कियै लगै छथि बेटी भारी, हुनके स त आँगन वारी। बाबु के ओ दुलरी गुडिया, दुख्खो में ओ सुखक पुडिया। बेटी छथि जग के निर्माता बेटिये त छथि धरती माता बेटी होइथ गोर या कारी लेकिन बनैथ कुलवंती नारी। सीता कवियित्री सुमन झा केर रचना ‘बेटी’

मिथिला केँ दहेज सँ मुक्ति दियेबाक लेल हम-अहाँ कि करबैक?

दहेज मुक्त मिथिला – जरूरी सवाल-जवाब १. फेसबुक सँ दहेज मुक्त हेतैक मिथिला? उ. फेसबुक पर हम-अहाँ हजारों के संख्या मे जुड़ल छियैक आर दहेज प्रथा सँ मुक्त स्वच्छन्द समाजक निर्माण लेल बेर-बेर सोचैत छियैक। कोनो परिवर्तन लेल पहिने सोच-विचार प्रक्रिया आरम्भ होयब जरूरी होइत छैक। एहि तरहें ‘दहेज मुक्त मिथिला’ नामहि सँ हमरा-अहाँ मे मिथिला केँ दहेज सँ मुक्ति दियेबाक लेल हम-अहाँ कि करबैक?

नेपालक जनगणना आ ८० प्रश्न – भाषा सम्बन्धी ३ प्रश्न

नेपाल मे जनगणना प्रश्नावली (२०७८) केर प्रकाशन – पूछल जायत ८० प्रश्न केन्द्रीय तथ्यांक विभाग द्वारा किछु समय पूर्वहि १२म जनगणना आ संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्रक नेपालक पहिल जनगणना मे केन्द्र, प्रदेश आ स्थानीय तह केर प्रत्येक वार्डक हरेक व्यक्ति ओ परिवार सँ संकलन कयल जायवला विवरण लेल कुल ८० प्रश्नक प्रश्नावली ‘राजपत्र’ मे प्रकाशित कय नेपालक जनगणना आ ८० प्रश्न – भाषा सम्बन्धी ३ प्रश्न