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प्रवीण नारायण चौधरी

सहरसा मे खुजल एम्बीशन कैरियर जंक्सन, मेधावी लेल छात्रवृत्ति

सुभाषचन्द्र झा, सहरसा। फरबरी १०, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! सहरसा में खुजल एंबीशन कैरियर जंक्शन, मेधावी छात्र-छात्रा केर निःशुल्क पढाई केर व्यवस्था मिथिला में बढ़िया शिक्षा के अभाव में एहिठामक छात्र-छात्रा केँ पलायन करय सँ रोकबाक लेल सहरसा में कोटा केर योग्य शिक्षक द्वारा कोटे जेकाँ शिक्षण व्यवस्था सहरसा में कम लागत स पढाई हेतु ई सहरसा मे खुजल एम्बीशन कैरियर जंक्सन, मेधावी लेल छात्रवृत्ति

कोसी में बनत बंदारगाह व हवाई अड्डा: सांसद पप्पू यादव

सुभाषचन्द्र झा, सहरसा। फरबरी ११, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! सुपौल जिला के वीरपुर कोसी बराज आर धम्हारा घाट समीप बंदरगाह आर हवाई अड्डा बनेबाक योजना 2019 ई तक पूरा करबाक लेल प्रयास शुरू क देल गेल अछि । एकरा लेल बजट में 125 करोड़ रुपया स्वीकृति भेल अछि । जकर घोषणा बहुत जल्द केन्द्रीय मंत्री नितिन कोसी में बनत बंदारगाह व हवाई अड्डा: सांसद पप्पू यादव

२५ फरबरी सँ होयत मिथिला परिक्रमा

मोहन भारद्वाज, मधुबनी। फरबरी १९, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिलाक सुप्रसिद्ध ‘मिथिला परिक्रम’ जे जनकपुर केर चारूकात विभिन्न स्थान सँ होएत भक्तजन-श्रद्धालू लोकनि तीर्थयात्रा करैत जानकी-रमण केर दर्शन करैत पूरा करैत छथि से एहि बेर २५ फरबरी सँ शुरु होमय जा रहल अछि। प्राप्त जानकारीक मुताबिक २५ फरबरी हनुमानगढी सँ ई यात्रा शुरु होयत। २६ फरवरी २५ फरबरी सँ होयत मिथिला परिक्रमा

मृत्युञ्जय नारायण मिश्रक पुण्य तिथिपर श्रद्धा-सुमनः पंकज ठाकुर

सहरसा/सुपौल, फरबरी १९, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिलाक एक अत्यन्त उदीयमान नेतृत्वकर्ता छलाह मृत्युञ्जय नारायण मिश्र – चूँकि जेठ भाइ ललित बाबूक नाम भारत मे अमर शहीद आ प्रखर नेतृत्वकर्ताक रूप मे बेसी प्रचलित अछि ताहि सँ बेसी लोक मृत्युञ्जय बाबू केँ हुनकर अनुज कहिकय बुझैत छथि। – ई बात सहरसा जिलाक भाजपा युवा मोर्चाक उपाध्यक्ष मृत्युञ्जय नारायण मिश्रक पुण्य तिथिपर श्रद्धा-सुमनः पंकज ठाकुर

जाहि आगि सँ पकलौं वैह सँ देह-हाथ सेकऽ पड़ैत अछिः ज्योति

मैथिली कविताः हम आ हमर देश – ज्योति यादव, कक्षाः १२, कान्तिपुर हायर सेकेन्डरी स्कूल, विराटनगर । Jyoti Yadav जे आइग सँ पकलौं यौ मैथिल उहे स देह-हाथ सेकऽ पड़ैत अछि जे आइग सँ…… जे छी दुश्मन देश के यौ मैथिल ओकरे लेल जियय के भीख मांगय पड़ैत अछि जे आइग सँ पकलौं यौ मैथिल…. जाहि आगि सँ पकलौं वैह सँ देह-हाथ सेकऽ पड़ैत अछिः ज्योति

रूपा-धीरूक २५म वैवाहिक वर्षगाँठपर भव्य समारोह कमलपुर मे

मधुबनी, १९ फरबरी, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषा – मिथिला संस्कृति – मैथिल पहिचानक समर्थक, प्रचारक आ स्वयं सर्जक धीरेन्द्र प्रेमर्षि तथा रूपा झा केर वैवाहिक वर्षगाँठ काल्हि २० फरबरी, २०१७ केँ २५म बेर ‘रजत वैवाहिक वर्षगाँठ’ केर रूप मे मनाओल जायत। लेखन, गायन, संचार, फिल्म, राजनीति – विभिन्न क्षेत्र मे धीरेन्द्र प्रेमर्षि तथा रूपा रूपा-धीरूक २५म वैवाहिक वर्षगाँठपर भव्य समारोह कमलपुर मे

मिथिला सँ अबधवासी केँ याद पाड़य आयल छीः संजीब झा

सहरसा, फरबरी १९, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! उत्तर प्रदेश केर विधानसभाक चुनाव मे मिथिलाक कार्यकर्ता लोकनि केँ सेहो भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व द्वारा चुनाव प्रचार मे भरपूर उपयोग कएल जा रहल अछि। सहरसाक पूर्व विधायक संजीब झा सेहो एहि प्रचार मे शामिल छथि आर ओ कहलैन अछि जे ई एकटा बड नीक अवसर भेटल जेकाँ बुझा मिथिला सँ अबधवासी केँ याद पाड़य आयल छीः संजीब झा

विश्वमाता सीता का अद्भुत माहात्म्यः पं. रुद्रधर झा

विश्वमाता सीता का अद्भुत माहात्म्य – स्व. पं. रुद्रधर झा (अपनी पुस्तक ‘गूढ तत्त्व समीक्षा’ में) यद्यपि पृथ्वी की सर्वोत्तम भूमि मिथिला की पावनतम भूमि से ब्रह्मज्ञानी महाराज जनक के द्वारा आविर्भूत हुई अयोनिजा परमेश्वरी भगवती विश्वमाता सीता का माहात्म्य वर्णनातीत है, तथापि अपनी वाणी को पवित्र करने के लिये ही उनकी आश्चर्यमय विशेषताओं में विश्वमाता सीता का अद्भुत माहात्म्यः पं. रुद्रधर झा

अहीं द्वारे हम लिखय छी – से बुझियौ

कविता  – उदयचन्द्र झा ‘विनोद’ अही्ं दुआरे हम लीखैछी से बुझियौ अहाँ न जीलहुँ तैँ जीबै छी से बुझियौ अहाँ संग भोरे उठि सातु पिबैत रही अहाँ न छी तैयो पीबै छी से बुझियौ हमर चालि मे जतय जतय आपत्ति रहय से सब आब न हम करै छी से बुझियौ शयन कक्ष मे जूता चप्पल अहीं द्वारे हम लिखय छी – से बुझियौ

खजौली स्थित सिंहजीक चुड़ा मिल जैरकय खाख भऽ गेल

रवीन्द्र भारती, खजौली। फरबरी १०, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! राति खजौली बाज़ार स्थित एक चुड़ा मिल में आगिलग्गी सँ सब सम्पत्ति खाख मे मिल जेबाक दुखद समाचार भेटल अछि । एस्बेस्टस केर मकान सहीत सब मशीन आ धान-चुड़ा आदि जैरकय खख्स्याह भऽ गेल । मिल मालिक मनियरवा निवासी संजय सिंह केर कहब अयि जे काल्हि सायंकाल ७ खजौली स्थित सिंहजीक चुड़ा मिल जैरकय खाख भऽ गेल