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प्रवीण नारायण चौधरी

रामनवमीक शुभ-अवसरपर जनकपुर केर अनुपम रीत

राम जन्मोत्सव विशेषः मिथिलाक कण कणमे सीताराम – सुजीत कुमार झा, जनकपुरधाम रामनवमीक तैयारी जनकपुरमे जोर-सोर सँ चलि रहल अछि । पूरे मिथिलाञ्चलक घर घरमे अखन सोहर गाओल जा रहल अछि । सभक घरमे एकहि रंगक उत्साह देखबामे लागि रहल अछि । भगवान रामक जन्मकोत्सव अछि । जन्मक उत्साहके वर्णन करैत जनकपुर ७ मे रहल कलुआहीबाली कहैत छथि रामनवमीक शुभ-अवसरपर जनकपुर केर अनुपम रीत

श्रीचन्द्रमणिरचित श्रीसीता-शतक

श्रीसीता-शतक 1. कर वीणा पद्मासना सकल ज्ञान आगार सरस्वती शुभदायिनी करिअ नमन स्वीकार।।1।। जय गणेश गिरिजा-तनय काव्य-कला-गुण धाम सकल सिद्धिदाता प्रभु कोटि-कोटि परनाम।।2।। शशि शोभित जनि भाल पर सिर पर सुरसरि धार कर त्रिशूल लए कष्ट हरू शिव करुणा अवतार।।3।। विष्णु-प्रिया बनि जानकी मिथिला मे अवतार राम रमापति ‘चन्द्रमणि’ बनि हरलनि भव भार।।4।। सिरमा मे श्रीचन्द्रमणिरचित श्रीसीता-शतक

मैथिलीसेवी संस्था पर डा. चन्द्रमणि केर टिप्पणी ‘ई स्वांग कहिया धरि’ आर हमर विचार

विचारः सन्दर्भ मैथिली पोथी लोक कीनिकय पढबाक – मैथिलीसेवी संस्था द्वारा भाषा-साहित्यक प्रकाशन आदि पर कम ध्यान देबाक – आदि-इत्यादि – प्रवीण नारायण चौधरी डा. चन्द्रमणि झा कहैत छथि, “अहाँ मैथिलीक संस्था चलबैत छी, चन्दा एकत्र कए साल मे एक बेर बाबा विद्यापतिकेँ श्रद्धांजलि देबाक नाम पर आयोजन कए अपन परिचय-फलक बढ़बैत छी । मुदा, एकटा मैथिलीसेवी संस्था पर डा. चन्द्रमणि केर टिप्पणी ‘ई स्वांग कहिया धरि’ आर हमर विचार

मिथिलाक विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः गंगानाथ झा (पंडित महामहोपाध्याय)

मिथिलाक ऐतिहासिक धरोहरः विशिष्ट व्यक्तित्व परिचय मिथिलाक विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः गंगानाथ झा (पंडित महामहोपाध्याय)   – मूल आलेखः लक्ष्मी प्रसाद श्रीवास्तव (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)   दरभंगा जिलान्तर्गत सरिसवपाही गामक पंडित धरानाथ झा केर सुपुत्र गंगानाथ झा केर जन्म २५ दिसम्बर, १८७२ ई. मे भेलनि। ओ सरस्वती-सेवाक सम्मान प्राप्त कएलनि। गंगा बाबू ‘डी. लिट्’ केर मिथिलाक विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः गंगानाथ झा (पंडित महामहोपाध्याय)

मैथिल समाज नेपाल – बुटवल केर दसम् वार्षिकोत्सव धूमधाम सँ पूरा भेल

बुटवल, नेपाल। मार्च २७, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! दिनाड़्क 2073/12/12 गते शनिदिन अर्थात् २५ मार्च, २०१७ केँ मैथिल समाज नेपाल रुपन्देही, बुटवलक 10म् बार्षिकोत्सव, 10म् साधारण सभा तथा 5म् अधिवेशन बुटवल उप-महानगरपालिका-6, हाट बजार स्थित सिद्धार्थ गौतम बुद्ध क्याम्पसक सभागार में समाजक अध्यक्ष मुखीलाल चौधरीक सभापतित्व तथा नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठानक प्राज्ञ परिषद सभासद एवं एहि समाजक सल्लाहकार मैथिल समाज नेपाल – बुटवल केर दसम् वार्षिकोत्सव धूमधाम सँ पूरा भेल

कोशी महासेतु बलुआहा पुल के लोकार्पण जून में

सुभाषचंद्र झा, सहरसा। मार्च २४, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! दरभंगा स सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पुर्णिया केर दूरी आब आधा रहि जायत । कोसी महासेतु बलुआहाक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जून में उद्घाटन करताह जकर घोषणा, उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव कयलनि । कोसी महासेतु निर्मली जेकाँ दरभंगाक भविष्य केर जीवन रेखा बनत कारण ई जे कोसी महासेतु बलुआ, कोशी महासेतु बलुआहा पुल के लोकार्पण जून में

शिक्षा, साहित्य व संस्कृति पर सहरसा मे सेमिनार सम्पन्नः एम्बीशन कैरियर जंक्सन

सुभाषचंद्र झा, सहरसा। २८ मार्च, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! सहरसा मे २७ मार्च केँ शिक्षा, साहित्य व संस्कृति विषय पर एम्बीशन कैरियर नामक कोचिंग संस्थान द्वारा एक महत्वपूर्ण सेमिनार केर आयोजन कएल गेल छल । मिथिलाक कोसी क्षेत्रक प्रतिभा केँ निखारक लेल सेमिनार व प्रतिभा खोज में प्रथम आयल छात्र छात्रा केँ पुरस्कार सेहो देल गेल । शिक्षा, साहित्य व संस्कृति पर सहरसा मे सेमिनार सम्पन्नः एम्बीशन कैरियर जंक्सन

मैथिल ब्राह्मण लेल मननीय आ पठनीय होयबाक संग अनुकरणीय

मैथिली कविता – डा. संजित झा सरस, ठाढी (वाचस्पतिनगर) – हालः दिल्ली संध्यावन्दन ब्राह्मण के भेलैन दुरगंजन छोड़लथि जहिया संध्यावंदन । भोरे उठि क डाँव डाँव करैथ बिनु पूजा आ देवसमर्पण ।।१।। संस्कार खतम आ धर्म भ्रष्ट अछि कौलिक सेहो कर्म नष्ट अछि । शालिग्राम शिला तक फेकलथि जनउ पहिरने बहुते कष्ट अछि ।।२।। टीक मैथिल ब्राह्मण लेल मननीय आ पठनीय होयबाक संग अनुकरणीय

अहाँक एक वोट सँ मैथिली ठाकुर स्टार सँ सूपरस्टार बनि जेती, ऐगला वोट १ आ २ अप्रैल केँ

अभ्यंकर झा, दरभंगा। मार्च ३०, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! आब ‘राइजिंग स्टार’ के मुकाबला टॉप-10 स निकैल क फाइनल में जगह बनेबाक लेल होयत, और सुपर-10 स विजय के लेल लड़ती मैथिल दुलारी धिया ‘मैथिली ठाकुर’। सिंगिंग रियालटी शो ‘राइजिंग स्टार’ एक वास्तविक टेलीविजन गायन प्रतियोगिता केर भारतीय संस्करण अछि। कलर्स टीवी पर सप्ताह मे 2 अहाँक एक वोट सँ मैथिली ठाकुर स्टार सँ सूपरस्टार बनि जेती, ऐगला वोट १ आ २ अप्रैल केँ

मिथिलाक ऐतिहासिकता मे विद्यापतिधामक महत्वः गंगा आ मिथिला

मिथिलाक ऐतिहासिकता मे विद्यापतिधामक महत्वः गंगा आ मिथिला मूल आलेखः डा. लक्ष्मी प्रसाद श्रीवास्तव (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)   मिथिलाँचल केँ ओकर दक्षिण सीमा पर अंकस्थ करैत देवनदी गंगा पूर्व दिशा दिशि बढली अछि। सम्पूर्ण मिथिला गंगाक कोरा मे स्थित अछि। एहि ठामक निवासीक आकांक्षा अनुरूप गंगा केर स्थान एहि श्लोक सँ प्रकट होएत अछि – मिथिलाक ऐतिहासिकता मे विद्यापतिधामक महत्वः गंगा आ मिथिला