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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिलीक चर्चित युवा कवि प्रणव नार्मदेय केर दुखद निधन पर प्रवीण श्रद्धाञ्जलि सुमन अर्पित

१९ जनवरी २०२१ – मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि १८ जनवरी २०२१ सन्ध्या साढे ५ बजे करीब काशी मे उपचाररत कवि प्रणव नार्मदेय केर दुखद निधन भऽ गेलनि। सोशल मीडिया मे ई खबरि समस्त मैथिली साहित्य जगत केँ मर्माहत कय देलक आ देर राति धरि लोक अपन-अपन स्मृति आ कवि नार्मदेय केर मार्मिक रचना सभ शेयर करैत मैथिलीक चर्चित युवा कवि प्रणव नार्मदेय केर दुखद निधन पर प्रवीण श्रद्धाञ्जलि सुमन अर्पित

एनआरएनए केर आयोजन प्रवासी प्रवाह – 33म भाग मैथिली पर भव्यता सँ सम्पन्न

18 जनवरी 2021, मैथिली जिन्दाबाद!! प्रवासी प्रवाह केर 33म श्रृंखला में मैथिली कवि सम्मेलन गैर आवासीय नेपाली संघ केर भाषा, साहित्य, संस्कृति तथा सम्पदा प्रबन्धन समिति द्वारा ‘प्रवासी प्रवाह’ बहुचर्चित धारावाहिक कार्यक्रम केर 33म श्रृंखला में नेपालक दोसर सर्वाधिक बाजल जायवला राष्ट्रीय भाषा मैथिली पर केन्द्रित रहल। संघक संस्थापक अध्यक्ष डॉ उपेन्द्र महतो (रूस) केर एनआरएनए केर आयोजन प्रवासी प्रवाह – 33म भाग मैथिली पर भव्यता सँ सम्पन्न

तेज काकी (हास्य कथा)

कथा – दीपिका झा एकटा काकी छली। ओ स्वभाव स कनी तेज छलखिन। एक दिन हुनकर घरक बगल में एकटा दुल्हा बाली काकी रहै छलखिन। ओ अंगना एलखिन आ कहलखिन – “बहिन यै! यै बड़ सुन्दर रमलिला होइ छै, फल्ला चिल्ला जाइ छै। ईहो चलती?” “गे माय, हम कोना जैब? हम सैं-बेटा तर में छी। तेज काकी (हास्य कथा)

आइ छी गैर-आवासीय नेपाली संघ केर ३३म् ‘प्रवासी प्रवाह’ मैथिली भाषा-साहित्य पर – जुड़बाक अपील

हार्दिक अपील   प्रत्येक मैथिली भाषी आ विशेष रूप सँ साहित्यप्रेमी लोकनि सँ विशेष आग्रह –   गैर-आवासीय नेपाली संघ – एनआरएनए केर “भाषा, साहित्य, संस्कृति तथा सम्पदा प्रवर्द्धन समिति” द्वारा निरन्तर उद्देश्य सन्दर्भित कार्यक्रमक आयोजना कयल जाइत रहल अछि। पहिल बेर एहि संस्था द्वारा नेपालक अन्य राष्ट्रिय भाषाक रूप मे सर्वप्रथम मैथिली केँ स्थान आइ छी गैर-आवासीय नेपाली संघ केर ३३म् ‘प्रवासी प्रवाह’ मैथिली भाषा-साहित्य पर – जुड़बाक अपील

मैथिली सुन्दरकाण्डः विभीषण द्वारा श्रीराम केर शरणागतिक प्राप्ति

मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद विभीषण केर भगवान्‌ श्री रामजी केर शरण वास्ते प्रस्थान और शरण प्राप्ति दोहा: राम सत्यसंकल्प प्रभु सभा कालवश तोर। हम रघुवीर शरण चली देब दोष नहि मोर॥४१॥ भावार्थ:- श्री रामजी सत्य संकल्प एवं (सर्वसमर्थ) प्रभु छथि आर (हे रावण) तोहर सभा काल केर वश अछि। मैथिली सुन्दरकाण्डः विभीषण द्वारा श्रीराम केर शरणागतिक प्राप्ति

त कि सही में ओ बुढ़िया भागमन्त छल?

बीहनि कथा -1 माँ – हेमन्त झा, दिल्ली रामकुमार कक्का के अंगना मे आइ भोरे स खूब चहल पहल छैक। हुनक माँ (बाबी) के भरल पुरल घर मे परदेस मे रहय बला छोट-पैघ नाती-नातिन, पोती-पोता सब दरबज्जा स आँगन, अड़ोस-पड़ोस मे धमाल मचबैत बेर बेर हलुवाइ लग जा क पुछैत छैक– आप इतना सारा दूध त कि सही में ओ बुढ़िया भागमन्त छल?

अहाँक सम्मान समर्पण सीता लेल कियैक

– नीलम झा आइ हम अहाँ सब स किछु प्रश्न क रहल छी । हमरा त किछ नै बुझय आबैय य क्षमा करब 🙏🏻 हमरा त मैथिली भाषा नै लिखय आबैय, बहुत गलती करै छी हम, तैयो हमरा पूूूछय के मोन करैत अछि । त हमर प्रश्न ई अछि, विशेष करि के अपन सखी सब अहाँक सम्मान समर्पण सीता लेल कियैक

मीमांसा – मैथिली केर मर्यादा आ मिथिलाक लोकक मानहीनताक मूल कारण

मैथिली पर पैसा आ जातिक दम्भ?   पैसाक दम्भ या जातिक दम्भ यदि मैथिली केँ आकर्षित करितय त इतिहास ओ नहि रहितय जे अछि। पुछू केना? रावण द्वारा मैथिली (सीता) केर अपहरण कयल गेल छल। रावण जातियो मे श्रेष्ठ आ सम्पदा मे सेहो श्रेष्ठतम् छल, स्वयं अपन भाइ कुबेर आ ओकर सारा सम्पदा हथिया लेने मीमांसा – मैथिली केर मर्यादा आ मिथिलाक लोकक मानहीनताक मूल कारण

सीतामढ़ी के पुपरी में सम्पन्न भेल मैथिली कवि गोष्ठी

रिपोर्ट साभार दिलीप कुमार झाजी के फेसबुक पोस्ट काल्हि 10 जनवरी 2021 सीतामढ़ी जिलाक पुपरी में भव्य कवि सम्मेलन आयोजित कयल गेल छल। एकर रिपोर्ट सहभागी कवि एवं साहित्यकार अभियानी दिलीप कुमार झा फेसबुक पर एना पोस्ट कयने छथि – जागृत मिथिला, सीतमढ़ीक तत्वावधानमे काल्हि१० जनवरी २०२१क’ पुपरी गाममे तिलक साह मध्य विद्यालयक प्रांगणमे दू सीतामढ़ी के पुपरी में सम्पन्न भेल मैथिली कवि गोष्ठी

मिथिला के परम विद्वान पंकज मिश्र केर जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना

प्रिय पंकज बाबू केँ जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना हमर सपना रहल, अछियो, मिथिला केर सब विभूति केँ ताकि लेब आ जोड़ि लेब। प्रो. विद्यानन्द मिश्र केर अविस्मरणीय उक्ति सँ भेटल प्रेरणा जे मिथिला केर वर्तमान दयनीयता के कारण एतुका विद्वान व विदुषी तिल तिल में बिखैर गेला अछि, निज मिथिला भूमि सँ रहितो कियो कतय, मिथिला के परम विद्वान पंकज मिश्र केर जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना