बाढिक विभीषिका पर आधारित अनुपम कवि सम्मेलन दरभंगा मे संपन्न

दरभंगा, सितम्बर ३, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!!

आइ दिनांक ३ सितंबर, रवि दिन केँ बाढ़िक विभीषिका पर आधारित कवि-सम्मेलन ‘बाढ़ि दू हजार सतरह’ केर आयोजन दरभंगाक मिर्जापुर स्थित भगवान निवास मे भेल । मैथिली साहित्य केर चिर-परिचित हास्य कवि डा. जय प्रकाश चौधरी ‘जनक’ केर अध्यक्षता मे आयोजित एहि कवि सम्मेलन केर उद्घाटन दरभंगाक वरीय उप-समाहर्ता डा. रविन्द्र कुमार दिवाकर कएलनि आर मुख्य अतिथिक भूमिका विष्णु देव झा ‘विकल’ द्वारा निभायल गेल।

सद्भावना यात्रा समिति दरभंगाक तत्वावधान मे आयोजित एहि कवि सम्मेलन केर उद्घाटन सेहो बड अनुपम आ निराला अन्दाज मे कएल गेल, अतिथि लोकनि लोटा भरल जल केर अर्घ्यदानक संग एकर उद्घाटन संभवतः पहिल प्रयोग छल।

मणिकांत झा केर संयोजन तथा संचालन मे आयोजित कवि सम्मेलनक शुभारंभ दीपक कुमार झा केर गाओल गणेश वंदना सँ भेल । एहि कवि सम्मेलन मे कवि लोकनि अपन-अपन रचनाक माध्यम सँ बाढ़िक विभीषिकाक विषद वर्णन कएने छलाह। कवि लोकनि मे फूल चन्द्र ‘प्रवीण’, विभूति आनन्द, शारदा नन्द सिंह, संजीव कुमार मिश्र , शंभू नाथ मिश्र, प्रवीण कुमार झा, अमर कांत कुमर, सुमित गुंजन, राघव रमन, सुरेंद्र चौधरी, आदिक नाम प्रमुख छल। संयोजक मणिकांत झा कहलनि जे आजुक पढल गेल कविताक संग्रह एक पुस्तकक रूप मे जल्दिये प्रकाशित कएल जायत। 

एहि सँ पहिने आगत अतिथि लोकनिक संग कवि सभक स्वागत पाग तथा चादरि सँ जीव कांत मिश्र एवं विनोद कुमार झा द्वारा कयल गेल छल। धन्यवाद ज्ञापन विजय कांत झा केर उदबोधन सँ भेल। कार्यक्रम केँ सफल बनेबा मे प्रकाश कुमार चौधरी, रंजीत कुमार, अभिमन्यु झा, कुंदन कुमार, कमलेश झा, दिलीप कुमार पिंटू , कुशल कुमार आदिक भूमिका महत्वपूर्ण रहल।