पोखरिभीड़ा मे मैथिली हास्य-व्यंग्य कवि सम्मेलनक आयोजन चैती दुर्गाक अवसरपर

जतरा दिन पोखरिभीड़ाक दुर्गास्थान मे

– हरिश्चन्द्र हरित

चैती नवरात्राक विजयादशमी दिन मैथिली हास्य-व्यंग्य कवि-सम्मेलन अपन चरम-उत्कर्ष पर रहल । दरभंगा जिलाक तारडीह प्रखंडक पोखरिभीड़ा गामक ई दुर्गास्थान मधुबनीक सीमावर्त्ती गाम रहने दूनू जिलाक लोकक लेल आकर्षणक विषय छल । जनतब दी जे आइधरि मिथिला-मैथिलीक कोनोटा कार्यक्रमक ई पहिल अवसर रहबाक कारणे हमरोसभक लेल चुनौती आ रोमांचक विषय सेहो छल । आयोजककेँ हमरासभक ओहिठाम पहुँचि गेलाक बादे विश्वास भेलनि जे ठीके ई सभ आबि गेलाह । से की बच्चा, की बूढ़ आ की जनी-जाति सभक अनुराग सँ भरल आवेश टपकैत कृतज्ञ आँखि हमरोसभकेँ अभिभूत कय देलक । अल्पाहारक बाद जखन मंचदिस हमसभ चललहुँ तँ तखनकेर अनायासे बनि गेल मानव-शृंखला अपूर्व-आनंदक सृष्टि कय रहल छल ।

पुष्प-गुच्छ, पाग आ शालसँ सभगोटेक सम्मान करैत पूर्व-मुखिया आ एखनुक जिप-सदस्य दिनकर प्रसाद सिंह (पिंटूजी) अपन उद्गार व्यक्त करैत बजलाह जे हमरा तँ एखनहुँ विश्वास नहि भ रहल अछि जे एहि ऐतिहासिक अवसर पर एहेन-एहेन विभूतिक स्वागत करबाक सौभाग्य हमरा भेटल अछि । वस्तुत: अपने लोकनिक आगमन सँ आइ बुझना जाइछ जे हमर गाम तँ पवित्र भेवे कयल, अपनो लोकनिकेँ ई भरोस दै छी जे हमरा सभकेँ जखन जे आदेश देबै, हमसभ तत्पर रहब आ अपनाकेँ कृतार्थ बूझब ।

कार्यक्रमक व्यवस्थामे लागल पूजासमितिक अध्यक्ष, सचिव सहित अशोक मिश्रजीक सक्रिय सहभागिता आह्लादकारी छल ।

आइकान मणिकान्तजीक संयोजन मे सर्वश्रीजनकजी, विष्णुदेव झा विकल, वंशीधर मिश्र, कौशलेश चौधरी आ हरिश्चंद्र हरित जतय अपन कविताक प्रस्तुति सँ जनमानसकेँ गुद्गुदी सँ लय ठहक्का धरि उद्वेलित करैत रहलाह ओतहि आकाशवाणीक प्रभविष्णु ओ युवा गायक दीपकजी कमंगलाचरण सँ समदाउन धरि अपन मधुर-कंठ ओ गायकी सँ अभीष्ट-छाप छोड़बामे सफल रहला ह । कार्यक्रमक समाप्तिक बादहु मंच सँ तखने उतरय देलनि जखन हमसभ गछि लेलियनि जे हमरालोकनि पुन:अहाँक गाम आयब ।

एम्हर पोखरिभीड़ा जाइत काल सेहो एकटा घटना क सामना करय पड़ल, जखन टटुआर (बिसौल) क बाबा सिद्धेश्वरनाथ मंदिर लग बाटहि पर हमरासभकेँ उतारि प्रवीणकुमार झाक सरदारी मे मंदिरक सचिव-अध्यक्ष, सिंहारा-लिट्टी ओ उजरा ललकासँ जबरन जलपानक हेतु विवश कय देलनि जे सेहो आह्लादकारी आ आवेशपूर्ण बटमारि सँ कम रोमांचक नहि छल ।