मधुबनी, फरबरी २९, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!!
मैथिली साहित्यिक एवं सांस्कृतिक समिति मधुबनी द्वारा बेगूसराय केर मैथिली कवि निशाकर केर पहिल मैथिली कविता संग्रह ‘गंग नहौन’ लेल नव हस्ताक्षर सम्मान देल जायत। ई जानकारी संस्थाक तरफ सँ आधिकारिक तौर पर करायल गेल अछि। हिनका संस्था द्वारा नगद पुरस्कार स्वरूप ५००१ टाका देबाक निर्णय लेल गेल अछि। आगामी ८ फरबरी केँ संस्थाक वार्षिकोत्सव पर ई पुरस्कार निशाकर जी केँ हस्तान्तरण कैल जायत।पिताः श्री सहदेव प्रसाद यादव
मायः श्रीमती विमला देवी
जन्मः ०१ जनबरी १९८० ई.
शिक्षाः स्नातक (प्रथम भाग)
मैथिली आ हिन्दीक विभिन्न पत्र-पत्रिका मे कविता प्रकाशित। पोथीक रूप मे प्रथम संग्रह ‘गंग नहौन’। बेगूसराय केर चतुरंग प्रकाशन सँ प्रकाशित भेलनि अछि। बेगूसराय सँ प्रकाशित हिन्दी साप्ताहिक ‘सरजमीं’ मे दुइ बर्ख धरि संवाददाताक रूप मे कार्यरत रहलाह। ‘नई सुबह के लिये’ – हिन्दी फोल्डर पत्रिका आ नारी संवेदना एवं सामाजिक सरिकारक हिन्दी त्रैमासिक ‘औरत’ केर सह-सम्पादन मे संलग्न, पेशा एक प्राइवेट शिक्षक केँ करैत मैथिली लेखन मे सदैव रुचि लैत आबि रहला अछि। मैथिली भाषाक प्रसिद्ध हस्ताक्षर प्रदीप बिहारी सँ प्रभावित होएत एहि भाषा मे सेवा लेल प्रवेश केलनि कहैत छथि।
मूल ग्राम कसहा, पोस्ट सिमरिया घाट आ जिला बेगूसराय केर रहनिहार अपन सम्पर्क नंबर ९५३४४९२१४२ आ ९९३४७२१०३५ दैत कहैत छथि जे मैथिली भाषा ओ साहित्यक सेवा मे कतहु हाजिर भऽ सकैत छी।
मैथिली भाषा-साहित्यक सशक्त अभियानी अजित आजाद निशाकर जी केर परिचय करबैत कहलैन अछि जे मैथिली भाषा मे एहने स्रष्टा सँ अमरता आबि रहल अछि। निशाकर जी अपन माता-पिताक एकलौता संतान आर आर्थिक रूप सँ विपन्न रहितो मैथिली भाषाक सेवा मे जाहि लगन सँ कार्य करैत छथि से नमन योग्य अछि।

