नेपाल मे एखन धरि कतेको रास क्रान्ति भ’ गेल अछि । विकास सभक मुख्य एजेन्डा मे रहैछ । लेकिन पड़ोसहि मे स्थित भूटान जे कि नेपाल सँ काफी छोट रहितो आर्थिक प्रगतिक मामिला मे काफी आगू अछि – से कियैक अछि एहि पर अध्ययन जरूरी छैक ।
आउ, एक बेर नेपाल आ भुटानक अर्थतंत्र बारे किछु महत्वपूर्ण विन्दु पर ध्यान दैत छी ।
भारतक सब पड़ोसी देश सब भुटानक समृद्धिक बेर-बेर चर्चा कयल जाइछ । प्रति व्यक्ति आय सँ लैत जीवनस्तर मे, सामाजिक-सांस्कृतिक सौहार्द्रता मे, युवा पुस्ता केर राष्ट्रचिन्तन व रोजगार-व्यवसाय आदि मे भुटान सदिखन नेपाल सँ बेसी नीक कहल जाइछ । ओतय राजनीतिक अस्थिरता कहियो नहि सुनल या देखल । हिमालयक कोरा मे स्थित स्वतंत्र देश – सम्प्रभुता सम्पन्न राष्ट्र रूप मे भुटानक समृद्धिक पाछाँ इहो मान्यता अछि जे ओ पड़ोसी मित्रराष्ट्र पर निर्भरता केँ बिना कोनो जोखिम आ मैत्री सम्बन्ध केँ छेड़छाड़ कएने आगू बढ़य पर केन्द्रित अछि । लेकिन नेपाल अपन भौगोलिक निर्भरता – सामाजिक-सांस्कृतिक समानता आ मैत्रीपूर्ण सम्बन्धक प्राकृतिक आधार सभक विपरीत खाली उकसाबय वला बात-विचार मे ओझराकय आइ अस्थिर राजनीतिक वातावरण मे अपन जनता केँ फँसाकय राखि देलक, एना चर्चा कयल जाइछ ।
भूटानक अर्थव्यवस्था, कुल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) केर सन्दर्भ मे काफ़ी छोट भेलाक बावजूद, मज़बूत शासन, कम भ्रष्टाचार आ टिकाऊ, उच्च-मूल्यवला पर्यटन तथा जलविद्युत निर्यात पर ध्यान केन्द्रित करबाक कारण अक्सर सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि मे नेपाल सँ बेहतर प्रदर्शन करैत अछि । एकर विपरीत, नेपाल केँ राजनीतिक अस्थिरता, कमज़ोर शासन तथा उच्च जनसंख्या घनत्व जेहेन आर्थिक चुनौती सभक सामना करय पड़ैछ, हालाँकि एकर पैघ अर्थव्यवस्था तथा जनसंख्या विविध क्षेत्र मे विकासक अधिक क्षमता प्रदान करैत छैक । मुदा क्षमताक सदुपयोग करबाक बदला खाली उग्र राष्ट्रवाद आ भारत विरोधी नारा सब सँ आर्थिक प्रगतिक बाधक स्वयं बनल अछि, ई कहय मे अतिश्योक्ति नहि होयत ।
एहिठामक राजनीतिक चिन्तक एवं विश्लेषक सभक मुंह मे शब्दक चयन कतहु सँ कमजोर नहि, अपितु ‘दुइ पैघ अर्थतंत्र पड़ोसी राष्ट्र सँ समदूरस्थ सम्बन्धवला विदेश नीति’, ‘असंलग्न परराष्ट्र नीति’, आदि । एकटा छोट राष्ट्र मे अनेकों पैघ राष्ट्रशक्ति सब संग सम्बन्धक विकास कयल जेबाक बात नीक अछि, मुदा विदेशक ‘खरात’ (विभिन्न सहयोगक अनुदान आदि प्राप्त करबाक होड़ मे फँसिकय) सभक खिलौना बनल यथास्थिति पर केकरो ध्यान नहि जाइछ एतय ।
दुइ राष्ट्रक आर्थिक स्थितिक तुलना लेल आँकड़ा कि कहैछ – एक दृष्टि मेः
प्रमुख आर्थिक संकेतक
जीडीपी: नेपालक जीडीपी काफ़ी पैघ अछि, जेकर आँकड़ा लगभग ४०-५० बिलियन डॉलर (नाममात्र) अछि, जखन कि भूटानक जीडीपी लगभग ३ बिलियन डॉलर सँ ३.४ बिलियन डॉलर केर बीच अछि ।
जनसंख्या: नेपालक जनसंख्या काफ़ी पैघ अछि, लगभग ३० मिलियन, जखन कि भूटान केर जनसंख्या १ मिलियन सँ कम अछि ।
जीडीपी वृद्धि: भूटान सामान्यतया मज़बूत आ निरन्तर जीडीपी वृद्धि दर्शाबैछ, जे अक्सर नेपालक विकास दर सँ बहुत बेसी होइत अछि जे राजनीतिक अस्थिरता सँ प्रभावित भ’ सकैछ स्पष्ट अछि ।
आर्थिक चालक और चुनौतियाँ
भूटान
चालक: जलविद्युत निर्यात, उच्च-मूल्यवला कम-प्रभाववला पर्यटन, मज़बूत शासन, कम भ्रष्टाचार आर पर्यावरणीय स्थिरता पर ध्यान ।
चुनौती: छोट स्केल (पैमाना), पर्यटन तथा जलविद्युत पर निर्भरता, आर अपन आकार केर कारण सीमित संसाधन ।
नेपाल:
चालक: एकटा पैघ घरेलू बाज़ार आर पर्यटन, कृषि मे वृद्धिक अनेकों संभावना, आ अपन विशाल प्रवासी समुदाय सँ प्राप्त धन (रेमिटैन्स) ।
चुनौती: राजनीतिक अस्थिरता, सरकार मे बेर-बेर बदलाव, भ्रष्टाचार आ कमज़ोर संस्थागत क्षमता, जे दीर्घकालिक विकास एवं कुशल संसाधन प्रबन्धन मे बाधा दैत अछि ।
शासन व विकास रणनीति
भूटान: एहेन आर्थिक नीति सब केँ प्राथमिकता दैत अछि जे सतत विकास केर समर्थन करैछ आर अपन सांस्कृतिक विरासत एवं पर्यावरणीय संसाधन सभक संरक्षण करैछ, जाहि सँ स्थिर शासन व निरन्तर प्रगति होइत छैक ।
नेपाल: राजनीतिक उथल-पुथल – हरदम क्रान्ति करबाक स्थिति । कमज़ोर संस्था सभक कारण प्रभावी सार्वजनिक नीति सब केँ लागू करय मे कठिनाइ होइछ, जाहि सँ निरन्तर आर्थिक विकास आ विकासक लक्ष्य सब केँ प्राप्त करबाक ओकर क्षमता प्रभावित होइत छैक ।
(आँकड़ा व आधार – साभार गूगल)
हरिः हरः!!
