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नेपालक अन्तिम दशा आ भविष्य लेल सवाले-सवाल

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कहू त ?

कोनो देश मे बदलाव लेल क्रान्ति होइछ । लेकिन क्रान्तिक आड़ मे यदि एक राजनीतिक दलक कार्यकर्ता दोसर राजनीतिक दलक नेता-कार्यकर्ता सँ अपन शत्रुता आ स्वार्थक युद्ध थोपत, आततायी जेकाँ दोसरक घर आ सम्पत्ति केँ आइगक हवाला करत, त फेर ओकरो संग प्रतिशोधक भावना कहियो न कहियो भड़कत या नहि ?

नेपाल मे भेल ‘जेन-जी’ (युवा पुस्ता) आन्दोलन तखन क्रान्ति मे परिणत भ’ गेल जखन पुलिस प्रशासन ओकरा सब पर गोली चलौलक । पहिल दिन शान्तिपूर्ण आन्दोलन प्रतिनिधि सभा भवन मे प्रवेश करबाक कोशिश कयलक, तेकरा रोकबाक लेल सुरक्षा बल गोली चलौने छल ।

पहिने सेहो कतिपय आन्दोलन सब मे नेपाल प्रहरी द्वारा गोली चलेबाक कारण कतेको शान्तिपूर्ण आन्दोलन अत्यन्त हिन्सक-अराजक बनैत देखने रही ओना । मधेश आन्दोलन आ विशेष रूप सँ नेपालक संविधान जारी करय सँ किछु पहिने जाहि तरहें असन्तोषक भाव प्रकट भेल छल, ताहि समय सेहो नेपाली सुरक्षाबल (प्रहरी) एहिना चरम् अत्याचार कएने छल । कतेको मधेशीक छाती आ माथा मे गोली मारने छल । ओहो आन्दोलन बेतरतीब ६ मास धरि पूरे मधेश मे अफरातफरी मचा देने छल । बिद्यालय, बाजार, ब्यापार, बिद्यार्थी, बैंक आदि सबटा बेहाल भेल छल ।

मुदा, एहि बेर ८ सितम्बर के यैह गोली चलेनाय पूरे देश लेल घातक भ’ गेल । सैकड़ों युवा घायल सेहो अछि । शहीदक संख्या ५० सँ उपर कहल जा रहल अछि । एखन धरि कतहु सही आँकड़ा नहि भेटि सकल अछि, किछु समय लागत ।

देशक गृहमंत्री रमेश लेखक नैतिक जिम्मेदारी लैत त्यागपत्र देलनि । लेकिन आन्दोलनकारी सब एहि सँ सन्तुष्ट नहि भेल । उल्टा कानून-व्यवस्था आ नागरिक सुरक्षा लेल जिम्मेदार प्रहरी बल सेहो घबरा गेल ।

९ सितम्बर २०२५ केँ भयावह प्रतिक्रिया – आ सम्पूर्ण देश मे भयावह – विकराल विद्रोह देखय लेल भेटल । कतेक क्षति भेल से पुछू नहि । हालांकि राति १० बजे सँ नेपाली सेना कमान अपन हाथ मे लय लेलक, आर बेसी क्षति होइ सँ बचि गेल । लेकिन ततबा समय धरि जे क्षति भेल से घोर रहस्यमयी ढंग सँ देशक दस्तावेज व अमूल्य धरोहर संग-संग पर्सनल रिसिइवी सँ त कतेको निर्दोष लोक – विशेष रूप सँ व्यापारी वर्ग – गरीब-निमुखा सभक रोजगारदाता पर बड पैघ जुलुम हेबाक घटना सेहो घटित भेल ।

प्रस्तुत तस्वीर नेपालक मुख्य दैनिक समाचार पत्र ‘कान्तिपुर दैनिक’ केर आजुक संस्करण थिक । एकर हेडलाइन देखू । ई संकेत कय रहल अछि जे ‘जेन-जी’क आड़ मे आर कतेको तरहक लोक हिन्सा-आइगलग्गी मे घुसपैठ कयलक आ मात्र किछेक घन्टा मे देशे केँ सुड्डाह कय देलक । घोर आश्चर्य त तखन लगैत अछि जखन देशक न्यायालय, जगह-जमीनक रजिस्ट्री कार्यालय, जिला प्रशासन कार्यालय, स्थानीय निकायक प्रशासकीय भवन – वडा कार्यालय सँ नगरपालिका-गाउंपालिका आ प्रदेश सभा आदिक भवन केँ सेहो जरा देल गेल । कतेक तकलीफदेह स्थिति छैक जे पुछू जुनि ।

एतेक चीज बनबैत-बनबैत नेपाल केँ आगामी २० वर्षक समय लागि जेतैक एना लगैत अछि । लोकक शहादति आ अंग-भंग होयबाक अपूरणीय क्षतिक त बाते कि कहू ! सब तरहें नोक्सााने-नोक्सान ! आह !!

आब आगू ई पर्सनल रिसिइवी मे फेर एक-दोसर संग नहि उलझत तेकर गारन्टी के लेत ? जाहि तरहें पुलिस सब अपन हथियार राखि देलक आ जान बचेबाक लेल साइलेन्ट भ’ गेल, तेहेन अबस्था देखैत आगू सुरक्षाक प्रत्याभूति केना भेटतैक लोक केँ ? नव निवेशक आ खास कय केँ विदेशी लगानीकर्ता सब आब कोन आधार पर नेपाल आओत से विस्मय विषय बनि गेल अछि । आन्तरिक निवेशक – पूँजी निवेशक सब नव उद्यम-उद्योग केकर भरोसे नेपाल मे लगाओत ? पर्यटक सब सँ मोट कमाइ होइवला नेपाल मे आगू दिन पर्यटक केना आओत ? लाखों लोकक रोजी-रोटी केना चलत ? बहुत रास सवाल माथा डिस्टर्ब कएने अछि ।

बस, बाबा पशुपतिनाथ एकमात्र भरोसा ! रक्षा करू सभक हे महादेव !!

हरिः हरः!!

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