#लेखनीक_धार
लेख विचार
प्रेषित: नीलम झा निवेधा
श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह
लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि
विषय :- “अहांक नजरिये दहेजमुक्त विवाहक परिभाषा”
जखन मिलैक दू परिवारक मनबंध।
तखने निश्चित होइक विवाहक संबंध।।
पीड़ित कए ककरो जौं होइक मोनक बंधन।
निश्चय पीड़ा दायक वो होइक गठबंधन।।
दहेज एकटा एहन कुप्रथा थीक जे कतेको घर तबाह क’ देलक। कतेको बेटी बलि चैढ़ गेलीह। कतेको माय बाप बेटी विवाह मे खेत पथार, घर घरारी बेची कंगाल बनि गेलाह। मुदा ई सभ एकदम खुलेआम होइत छल। जेकरा लोग कहैत छल दहेज प्रथा। आ हमरो नजरि में ई दहेज
कहबैत छल।
एहि स्थितिमे समाजमे स्त्री पुरुष, नवतुरिया आ नव विवाहित सबके मोन अंदर सँ टूइट जाइत छल। कतेको बेटी आत्महत्या करबा पर मजबूर भ’ जाइत छल। कतेको माय बाप कुनू धराने अप्पन संतानक निर्वाहन करैत छल।
तकर बाद किछु साल पहिने लोक या त’ कनियाक गहना कहि किछु नगद लैत छलखिन वा बेटी वला के गहना कपड़ा के भार दैत छलखिन आ अपनो अपना ओकाद अनुसार बेटा वला बेटाक विवाहमे खूम खर्चा करैत छलखिन। ई हो एकटा दहेज मुदा दुनु पक्षके।
मुदा आब दहेजक मांग बहुत कम भ’ गेल अछि। लड़का वला सेहो खूम खर्चा करैत छथि तैयो बेटी बलाक हाल बेहाल रहैत छैन। खासकए जिनका सभ किछु ब्राण्डेड चाहि। ओ बेटी वला सभ समान, होटल, बरातीक संख्या अनगिनीत, लहंगा, शेरवानी, पंडालक तामझाम, गाड़ी,फ्रीज,बंगला,एसी गहना,कपड़ा एहि सभमे अत्यधिक परिशान रहैत छैथ आ इहो हमरा नजरिमे दहेजे छैक।
आब बेटी वला कहत सीना चौड़ा कए हम अपन बेटी विवाहमे एत लाख वा करोड़ खर्चा केलहुँ मुदा विवाह दहेज मुक्त छल। जखन दहेज मुक्त छल त’ ई सोरहा किएक?
ताहिपर सँ बेटा वला के खूम नमहरगर पोस्ट। हमरा बेटाक विवाह फनाने तारीख क’ पूर्ण रूपेन दहेज मुक्त भेल। मुदा हमरा नजरि मे दहेजक इहो परिभाषा अछि।
बेटा- बेटी के सुखी जीवनक लेल जौं दहेज मुक्त विवाह करैत छी त’ एतेक देखावा जुनि करी। बेसी खर्च दुनू पक्षक लोक नञि करी। अपन- अपन पैसा सँ अपन घरक यथा सम्भव समान स्वंय खरीदी। तखन होएत दहेज मुक्त विवाह आ दहेज मुक्त समाज।
नीलम झा “निवेधा”
जनकपुरधाम
