३ मई २०२२, मैथिली जिन्दाबाद!!
प्रत्येक वर्ष नव अन्दाज आ नव-नव लक्ष्य सन्धान करयवला अद्भुत ओ विलक्षण आयोजन लेल प्रसिद्ध गुजरात मिथिला समाजक प्रतिनिधि संस्था शाश्वत मिथिला द्वारा २०२२ केर आयोजन “गुजरात मिथिला महोत्सव” एहि वर्ष १ मई २०२२ केँ सफलतापूर्वक सम्पन्न कयल गेल। विगत जेकाँ अहु वर्षक आयोजन शाश्वत मिथिला फाउन्डेशन तथा माँ जानकी सेवा समिति अहमदाबाद गुजरात केर संयुक्त तत्त्वावधान मे ई आयोजन भव्यतापूर्वक आयोजित भेल अछि। एहि बेरुक महोत्सव शास्वत मिथिला भवनक अपनहि परिसर में कयल गेल जे सिद्ध करैत अछि जे गुजरातक प्रवासी मैथिलजन अपन सोच आ संकल्प प्रति कतेक दृढता सँ निर्धारित समय केर सीमा मे ठोस आ दीर्घकालिक परिणाम प्रदायक लक्ष्य केँ पूरा कयल करैत छथि। वास्तव मे मिथिला-मैथिली लेल विलक्षणतापूर्वक ठोस कार्य करैत भविष्यक पीढ़ी लेल पूर्वाधार तैयार करब आ आयोजनहु मे एहि तरहक तत्त्व सामग्री लोक-समाज केँ प्रदान करब जे प्रवासहु केर क्षेत्र मे मौलिक भाषा-साहित्य-संस्कृति-सभ्यता संग जोड़िकय राखत – अनुकरणीय अवधारणाक ई सूरज पश्चिमहि सँ उदित होइत आबि रहल अछि। विगत किछेक वर्ष मे अन्तर्राष्ट्रीय स्तरक आयोजन कय केँ ई तथ्य गुजराती मैथिल द्वारा सिद्ध कयल गेल अछि।
आयोजनक मुख्य आकर्षण
‘कतेक जिबए य मैथिली’ क्वीज प्रतियोगिताक आयोजन केँ निरन्तरता दैत जतय मिथिला सँ दूर रहनिहार मैथिल परिवार केँ मूल संस्कृति सँ जोड़बाक उदाहरण बनल, तहिना ‘मंत्रीजी सँ दुइ गोट मांग’ केर रूप मे आयोजक संस्था द्वारा ठोस उपलब्धि हासिल करबाक दिशा मे राज्य आ देशक केन्द्रीय सरकारक मंत्री सँ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करबाक जिम्मेदारी सौंपल गेल।
संस्थाक दिवंगत सदस्य लोकनि केँ २ मिनट मौन धारण करैत श्रद्धाञ्जलि अर्पण कयल जेबाक संग संस्थाक सदस्य लोकनि द्वारा साल भरिक गतिविधि मे सहभागिता केँ प्रोत्साहन देल गेल। तहिना संस्थाक सदस्य लोकनि द्वारा बेसी सँ बेसी सहभागिताक प्रयास सेहो सराहनीय रहल। अधिक सँ अधिक सदस्य लोकनिक सम्मान आ प्रोत्साहन सँ सुदृढ़ भविष्यक आधारशिला रखबाक संग साहित्यिक गतिविधि मे सेहो सहभागिता केँ बढेबाक महत्वपूर्ण कार्य एहि बेरुक आयोजन मे सम्मिलित कयल गेल। सामा चकेवा केर कलाकार लोकनि केँ सम्मान एकरे एक उदाहरण थिक।
वन्दना झा केर लिखल दुर्गासप्तशतीक भावानुवाद केर विमोचन साहित्यिक झुकाव केँ दरसेलक। अभिनन्दन गीत, शिव स्तोत्र, जयप्रकाश मिश्र द्वारा श्रीगणेश, सदस्य सभक बीच प्रबोध झाक संचालन मे कतेक जिबए य मैथिली क्वीज केर आयोजन सहितक अन्यान्य आयोजन मैथिली-मिथिला कार्यक्रम जे विभिन्न स्थान आ खास कय केँ प्रवासक्षेत्र मे होइत अछि, ताहि सब लेल अनुकरण योग्य उदाहरण बनल।
उद्घाटनक विहंगमावलोकन
कि सब बजलाह विशिष्ट व्यक्तित्व लोकनि?
बिहार सरकार के जल प्रबंधन एवं सूचना प्रसारण मंत्री संजय झा सभा केँ सम्बोधित करैत विकास केर हरेक पक्ष में वर्तमान सरकार के सकारात्मक सोच, योजना आ उपलब्धि पर चर्चा करैत बिहार आ मिथिला में लगानी मैत्री वातावरण बनि जेबाक बात कहैत शिक्षा, स्वास्थ्य संग कृषि उत्पाद आधारित संस्थान, संयंत्र एवं औद्योगिक क्षेत्र में मैथिल डायस्पोरा सँ निवेश करबाक आह्वान कयलनि। आयोजन में समाहित एक अति विशिष्ट कार्यक्रम तहत मंत्री सँ दुइ मांग आयोजकक प्रतिनिधि वन्दना झा द्वारा राखल गेल दुइ मांग जे महाकवि विद्यापति के डीह पर राष्ट्रीय स्मारक भवन निर्माण कयल जाय ताहि प्रति आ गुजरात मे बनि रहल शाश्वत मिथिला भवन केर प्रस्तावित निर्माण पूरा करबाक लेल संघीय सरकार के सहयोग भेटय ताहि प्रति सकारात्मक प्रतिबद्धता जनौलनि। संजय झा इहो बजलाह जे सरकारी कार्यशैली व संयंत्र मे किछु बात नहियो सम्भव हुए लेकिन व्यक्तिगत आ समूहगत स्तर पर आवश्यक सहयोग लेल ओ भरपूर प्रयास करता।
उद्घाटन समारोह में कनी देरी सँ उपस्थित भेलाह भारतीय राज्यमंत्री अश्विनी चौबे सेहो मिथिलाक लोक, हुनक शिक्षा आ संस्कार संग साहित्यिक परम्परा केर उच्च सम्मान करैत आयोजकक विलम्बित आमंत्रण शिरोधार्य करैत उपस्थित हेबाक बात कहलनि। बाल्यकाल सँ कोना महाकवि विद्यापति संग आत्मसात करबाक पैतृक संस्कार प्राप्त भेल से उजागर करैत महाकवि केर स्मृतिगान मुक्तकण्ठ सँ कयलनि। मिथिला के विकास आ भाषा संस्कृति के संरक्षणार्थ भारतक मोदी सरकार कतेक प्रभावकारी तरीका सँ अटल जी के समय सँ करैत आबि रहल अछि से याद करैत निकट भविष्य में रामायण सर्किट के महत्वाकांक्षी परियोजना सेहो जल्द लागू कयल जायत से जनतब देलनि। एयरपोर्ट, एम्स संग पर्यटकीय विकास केर लक्ष्य पर काज एनडीए सरकार के योगदान थिक ओ बतेलनि।
कार्यक्रमक अन्यान्य विशेषता
आयोजन एके दिनक रहितो अलग अलग कार्यक्रम केँ सुनियोजित ढंग सँ निष्पादित करब बहुत चुनौतीपूर्ण भेल करैत छैक। लेकिन समय केर ध्यान करैत आ विषय सँ बिना बहकने जँ कयल जाय त ओहि कार्यक्रमक उपलब्धि दीर्घकालिक होइत छैक। कार्यक्रमक प्रस्तुति सँ ई बुझायल जे समय व्यवस्थापन अत्यन्त चौकन्ना रहैत पूरा भेल।
तहिना सम्मान कार्यक्रम में गुजरात के प्रस्तावित मिथिला भवन लेल जमीन दाता लोकनि केँ सम्मानित कयल गेलनि। भूमिदान सम्मान प्राप्तकर्ता में राज किशोर झा, नीरज कुमार, प्रवीम एम झा, सुजीत राय, रविंद्र एन. झा, अमिय कुमार झा, प्रेम प्रकाश सिंह, ओंकार नाथ झा संगहि जी. एन. झा, शेखर प्रियदर्शी, विजय कुमार सिन्हा, प्रकाश झा, संजय ठाकुर, प्रवीण कुमार झा बडौदा, राजू भाई डाभी, वैद्यराज डॉ. हरिनाथ झा, उपेंद्र नाथ चौधरी, सत्येंद्र एन झा, बसन्त झा, करसन भाई पटेल, प्रो. अनिल मिश्रा, श्रीमती विनीता पाठक, श्रीमती वन्दना झा छलथि।
आयोजक द्वारा प्रत्येक साल आयोजन होइवला वृहत महोत्सव द्वारा भाषा, साहित्य, कला, संस्कृति, समाज आदि विभिन्न क्षेत्र में आजीवन योगदान देनिहार भारत सँ नेपाल धरिक मिथिलावासी केँ देल जायवला मैथिल शिरोमणि सम्मान सँ एहि वर्ष महामंडलेश्वर लक्ष्मण दास, कमलाकांत झा, लक्ष्मण झा सागर, डॉ आभास लाभ, ए के झा, नीरज कुमार, लोकेन्द्र सिंह, देवब्रत झा, सुबोध प्रसाद पंकज एवं प्रवीण द्वारी केँ सम्मानित कयल गेलनि अछि।
मैथिली अभियानी सम्मान सखी बहिनपा मिथिलानी समूह के गुजरात संयोजिका रूबी झा केँ देल गेलनि। संस्था केँ ५ लाख टका सँ ऊपर के दान दाता लोकनि में ललित कुमार झा, सन्तोष कुमार मिश्र, अमरेश झा तथा शिवशंकर झा केँ दानवीर सम्मान सँ सम्मानित कयल गेलनि। तहिना समा चकेवा के कलाकार लोकनि मध्य कुल 9 गोटे केँ सम्मान कयल गेलनि।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में काठमांडू सँ पधारल डॉ आभास लाभ, दिल्ली सँ कुमकुम मिश्र, मोरंग नेपाल सँ वीरेंद्र झा, दरभंगा सँ खुश्बू मिश्रा द्वारा विभिन्न लोकगीत तथा भक्तिगीत सब प्रस्तुत कयल गेल छल।