प्राध्यापक डॉ. झा बनलथि यहि बरखक “महामूर्ख” (फ़ोटो फीचर)

जनकपुरधाम : जनकपुरधाममें होरिक पूर्व सन्ध्यामें महामूर्ख सम्मेलनक आयोजना काएल गेल । मिथिला नाट्यकला परिषदक हरेक वर्ष जनकपुरधामक जानकी मन्दिर परिसरमें ओ सम्मेलनक आयोजना विगत २६ वर्ष स’ करैत आएल अछि।

परिषद प्रत्येक वर्ष १० सँ १७ गोटा कए मूर्खक उपाधि देल करैत अछि। जहिमध्य एक गोटा महामूर्ख घोषित होइत छथि। अहि वर्ष मधेश प्रदेशक नीति तथा योजना आयोगक उपाध्यक्ष एवं प्राध्यापक डॉ. भोगेन्द्र झा”व्यथित” कए महामूर्खक उपाधी देल गेल। कार्यक्रमक समापनसँगहि ओ महामूर्ख घोषित भेलाह।

‘महामूर्ख’क उपाधि संगहि झा कए प्रशस्ति पत्र, मिथिला चित्रकला, फूल तथा विभिन्न तरकारी मिश्रित माला र दोपटा ओढ़ा कए सम्मान काएल गेल।

कार्यक्रममें ११ गोटकेँ मूर्खक उपाधी देल गेल छल।  जाहिमें प्रदेश सभा सदस्य मञ्जु यादवकेँ “अदल बदली”, नेपाली कांग्रेसक नगर उपसभापति राकेश बिक्रम साहकेँ “टिटही”, मिथिला चित्रकार मनिषा साहकेँ “गन्हकी”, मिथिला वाइल्ड लाईफ ट्रस्टक अध्यक्ष देवनारायण मण्डलकेँ “हराशंख”, नेपाल पत्रकार महासंघ धनुषा शाखाक अध्यक्ष मनिका झाकेँ “दिलतोरिया”, अधिवक्ता सुदिप कोइरालाकेँ “गोबर गणेश”, गिद्धाबेलापट्टी इस्कूलक प्रधानाध्यापक पवन मण्डलकेँ “डपोर शंख”, वरिष्ठ कलाकार रामरेखा पण्डितकेँ “बज्रकिट”, जनकपुरधाममें पहिल बेर मिथिला चित्रकलाकेँ शुरुवात केनिहारि मिथिलेश्वरी कर्णकेँ “लालबुझकड”, व्यवसायी अभिशेष चौधरीकेँ “बोतलानन्द” आ जनकपुरधाम उपमहानगरपालिकाक प्रमुख प्रशासकीय अधिकृत प्रद्युम्न उपाध्यायकेँ “बैशाखनन्दन”क’ उपाधि देल गेल।

हाँस्य व्यङ्ग्यक लेल आयोजित कार्यक्रममें कविता वाचन एवं जोगिरा सेहो झमटगर प्रस्तुति भेल छल। कवितामार्फत् सँ कविसभ विभिन्न व्यक्तिकेँ विषयगत कटाक्ष कएने  छलाह।