आधुनिक मिथिला मे नारी के योगदान

565

#आधुनिक_मिथिला_में_नारी_के_योगदान

आधुनिक मिथिला में नारी के योगदान

जहिना सतयुग में सती के महिमा देखलक सकल जहान ,
त्रेता में सेहो सँग राम के भेलैन जनक नंदिनी के गुणगान
द्वापर में द्रौपदी बनि कहलनि कतेक जरूरी नारी सम्मान ,
सबयुग के रचयिता नारी के आधुनिक मिथिला में सुनु योगदान

जननी,अर्द्धांगिनी कखनौ बहिन ओ संगी कखनौ सुता समान ,
हुनके स अहाँ के घर जगमग हुनके सँ सब पकवान
कहु बिना नारी के कोना क मिथिला बनत महान ,
बहुत कठिन रस्ता पर चलि उ बनौलनि अपन स्थान

सिमटल नै दायरा चूल्हा तक छुलखिन ये उड़ि आसमान
शिक्षक,अधिवक्ता ,अभियंता,डॉक्टर बन बचबैथ प्राण
सब दिन रहि मर्यादा में ओ बढौलेन परिवार देश के शान
कहु कोना के हम किछ शब्द में लिखब नारी के योगदान ।

पल्लवी प्रखर