जेसीबी महाराजक कृपा सँ भेटल पुरातात्विक महत्वक विष्णु प्रतिमा, कर्णाटकालीन मूर्तिक स्वरूप

मई १९, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!!

मुरारी कुमार, पुरातत्वविद् – दरभंगाक स्टेटस सँ

“जेसीबी महाराज की जय हो”
एक बेर पुनः JCB महाराज केर कृपा मिथिला प्रक्षेत्र पर भेल अछि। ओ फेर सँ एक गोट विष्णु भगवान् केर कर्नाटकालीन कलाकृतिक प्रतिमा केँ अपन कार्य-कुशलताक बल पर आमजनक समक्ष अनलनि अछि। 
जेसीबी द्वारा खुदाई सँ विगत किछु वर्ष सोझाँ आनल गेल विभिन्न पुरातात्विक महत्वक खोज सँ बहुत रास नव बात पता लागि रहल अछि। किछु वर्ष पहिने धरि मिथिलाक मूर्तिकला पर बाहरी प्रभाव केर आशंका केँ एहि नव अन्वेषण सँ दूर करय मे सफलता भेटि रहल अछि। आइ एहि तरहक निरन्तर खोजक कारण ई बुझल जा सकैत अछि जे एहि क्षेत्र मे सेहो क्षेत्र-विशेष मूर्तिकला केर स्वतंत्र प्रभाव रहबाक बात सिद्ध भऽ रहल अछि।
दिनांक १७ मई केँ संतनगर (झंझारपुर) सँ प्राप्त भेल एहने एकटा महत्वपूर्ण जेसीबी खोज पर चर्चा करब। हम मुरारी कुमार झा, पुरातात्विक खोज केर अध्येता भोरे सुशांत भास्कर (मूर्ति कला) और चंद्रप्रकाश (तकनिकी सहायक, म० ल० सिंह संग्रहालय दरभंगा) केर संग ओहि स्थान पर पहुँचलहुँ जेकर जानकारी संध्याकाल श्रीमान शिव कुमार मिश्र (स० संग्रहाल्याध्यक्ष म० ल० सिंह संग्रहालय दरभंगा) हमरा देने छलाह। ई कर्णाटकालीन विष्णु प्रतिमा 3’7″ (110cm) लंबा (ऊंच) और 1’11″(59cm) चौड़ा अछि। गांव केर उच्च विद्यालय और मध्य विद्यालय केर बीच अवस्थित मंदिर मे तत्काल लेल एहि प्रतिमा केँ राखल गेल अछि। ई गाम कमला नदीक कछेर सँ 01 किमी पश्चिम और प्राचीन अमरावती नदी सँ लगभग 11 किमी पूब मे स्थित अछि। गामक प्राचीन भाग ऊँच डीह समान देखाएल अछि।
असल मे प्रतिमा लगभग 20-25 दिन पहिने जेसीबी द्वारा नहरक माटि‍-कटाइ मे भेटबाक बात स्थानीय लोक सब बतेलनि। गामहि केर एक युवा जखन माटिक ढेप सँ १७ मई केँ आम तोड़बाक लेल एकटा ढेप उठेलनि त हुनका ओहि प्रतिमाक एक भाग देखाय देलकनि आर फेर ओ गौंआँ सब केँ सूचना दय सब कियो मिलिकय प्रतिमा बाहर निकालि उपरोक्त मंदिर मे रखबौलनि।