दोहामे सम्पन्न भेल मैथिली काव्यगोष्ठीके उनन्तिसम मासक बैसार

साहित्य जोड़ि रहल अछि प्रवासी मिथिलावासी केँ विदेशहु केर धरा पर

दोहा/कतार, २४/०२/२०१८ विन्देश्वर ठाकुर

“मातृभाषाक जगेर्णा हमरासबहक प्रेरणा” मूल नाराके संग बिगत २९ मास सँ निरन्तर रुपमे आयोजना होइत आबि रहल मैथिली काव्य-सन्ध्या अन्तर्गतके कार्यक्रम साँझक चौपाड़ि पर के उन्नतिसम मासक होली विशेष बैसार २३/०२/२०१८ शुक्र दिन दोहा/कतारके ग्राण्डमल्ल/सनैयामे सफलतापूर्वक सम्पन्न भेल।

कवि सोगारथ यादव जीक संयोजकत्वमे शुरु भेल बैसारमे पहिल चरणमे सबगोटे अपन-अपन परिचय देलनि। तकराबाद एक/एक क’ रचनासब वाचन कएल गेल।

बैसारमे कवि अब्दूर रज्जाक जी दू टा कता आ एकटा शृंगारिक गजल सुनौलनि। तहिना कवि राम सोगारथ यादव जी एकगोट भर्जिन गजल आ एकट दमदार कविता सुनाबि अपन मौलिकताके जबर्जस्त परिचय देलनि। तेसर कवि छलथि राम अधिन ‘सम्भव’ जी। हुनक एकगोट कविता आ परम्परागत डम्फाके चोट बला होरी गीत खूब चर्चित रहल। चारिम सर्जकके रुपमे गीत सुनौलनि श्री लक्ष्मी नारायण मण्डल जी।हमरा सब सँ उमेर आ योग्यता दुनूमे श्रेष्ठ रहल ई कवि जेहने सुन्नर लिखै छथि तेहने सुन्दर हिनक गायन सेहो छै। अचरजके बात जे संगीतमे सेहो तेहन दक्षता। हिनक उपस्थिती सँ बुझू जे चौपाडिमे चारि चान लागि गेल।

एहि बहुमुखी प्रतिभा सँ साक्षातकार करेबाक लेल हृदय सँ धन्यवाद कवि सोगारथ यादव जी के। तकराबाद नवतुरिया कविसबमे कवि पंकज कुमार यादव तथा विश्वबन्धु यादव जी द्वारा होली विशेष रचना व जोगिरासब प्रस्तुत कएल गेल। हिनकासबहक रचना लेखन आ साहित्य प्रतिके रुचि देखि सबगोटे अभिभूत भेलनि। निरन्तर लिखबाक सुझाब देलनि।

कौल्हका बैसार एहि रुपे सेहो कने विशेष रहल जे अन्तर्राष्ट्रिय नेपाली साहित्य समाज कतार च्यापटरके अध्यक्ष वरिष्ठ गजलकार श्यामराज रानाभाट जी, उपाध्यक्ष गजलकार प्रेम प्रसाद भट्टराई जी, कोषाध्यक्ष मणि पौडेल जी तथा नबोदित साहित्यिक वाचनालय कतारके अध्यक्ष गजलकार लेख कार्की जीक विशेष उपस्थिति रहल। ई सब सर्जक अपन अपन रसगर नेपाली भाषाके गजल सुना खूब आनन्दित कएलनि। अपन मातृभाषा लेल कएल गेल पहल प्रसंशनिय रहल उल्लेख करैत निरन्तरता देबाक लेल आग्रह सेहो कएलनि। अन्तमे कवि विन्देश्वर ठाकुर द्वारा किछु चहटगर जोगिरा सब सुना आनन्द प्रदान कराओल गेल।

बैसारके तेसर चरणमे एकटा महत्वपूर्ण आ अतिआवश्यक मुद्दापर सेहो चर्चा कएल गेल। मिथिला/मधेशमे एक महामारीक रुपमे पसरल दहेज प्रथा निर्मूल करबाक लेल प्रयासरत संस्था – अपन मिथिला समाजकेर पदाधिकारी सब संग सहकार्य क’ जनचेतना बढेबाक लेल सदैव सहयोग करबाक बात भेल। बैसारमे एहि संस्थाक पदाधिकारी सब सुभेष जी, शत्रुधन जी, मन्साराम जी आदिक उपस्थिति छल। तहिना हेल्प मधेशी दिस सँ रामकल्याण महतो जी, राम सुवन यादव, प्रदीप ठाकुर लगायत अन्य युवापीढीक सेहो उपस्थिती छल।

अँनलाइन रचनामे कवि प्रणव नामर्दय जी आ रितेश मैथिल जीक कविता वाचन कएल गेल। समग्रमे एहि मासक बैसार खूब झमटगर, सफल आ सार्थक रहल। पछिला मासक बैसारमे जेहने सर्जक आ श्रोताके कमी रहे एहिमासमे तेहने जमिक’ बारिष भेल। सबगोटे आनन्दित भेलाह।निरन्तर बढोत्तरी लेल अपना अपना दिस सबगोटे पहल करब कहैत बैसारके समापन कएल गेल।