फेसबुक चमत्कारः गंगासागर मेला मे हेरायल माय भेट गेली, काफी संघर्षक बाद पहुँचि सकलीह घर

कोलकाता/जनकपुर – जनवरी १८, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!!

सामाजिक संजालक उपयोगिता एक बेर फेर अपन उत्कृष्ट मानव सेवा करबाक नियति सिद्ध कय सकल, जखन गंगासागर केर मेला मे अपन संगी-साथी ग्रामीण तीर्थयात्री सबसँ संग छूटल लगभग ६८ वर्षीया मिथिलानी केर परिजन धरि समाद पहुँचि सकल। बहुत संघर्ष केला उपरान्त ओ पीड़िता आइ चारिम दिन अपन जेठ बेटीक घर पहुँचि गेलीह। ओम्हर कोलकाता मे विजय कुमार इस्सर आ हुनक पुत्र दुर्गानन्द झा सब आब चैनक साँस लेलनि। घरहु पर सभक आँखिक नोर आब जा कय रुकि सकल अछि।

घटनाक्रमः सविस्तार सँ

घटना मंगल दिन १६ जनवरी, २०१८ केर थिक। मैथिली गीत-संगीतक दुनियाक संग-संग मिथिलाक पहिचानक संरक्षक अभियानी विजय कुमार इस्सर कोलकाता सँ अपना फेसबुक वाल पर पुलिस वैन केर गिरफ्त एक महिलाक २ गोट फोटो पोस्ट करैत दिनक साढे एगारह बजे करीब लिखलखिन जे “अनेकता झा, मरैल, जनकपुर, नेपाल, जमाय पुरुषोत्तम झा, गंगासागर मेला मे परिचय पत्र नहीं होने के कारण पुलिस के चंगुल में फँस चुकी हैं। कोई जानते हैं तो सम्पर्क करें।”

मैथिली जिन्दाबाद केर सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरी एहि अपडेटक संज्ञान लैत विजय कुमार इस्सरजी सँ रोमनमे लिखल गेल किछु अस्पष्ट बात केँ आरो स्पष्टताक संग लिखबाक (जनतब देबाक) अनुरोध कयलखिन। जेकर जबाब संध्याकाल पौने आठ बजेक आसपास हुनका मैसेन्जर आ अपन वाल दुनू पर जबाब दैत कहलखिन, “नमस्कार ! गंगासागर यात्रा सँ घुरैत काल में पुलिस पिकअप भैन मे हम ई मैथिलानी केँ कानैत देखल । हम सब स्टीमर सँ अपन गाड़ी दिस जा रहल छलहुं । समयक बड अभाव छलै । हम जल्दी सँ हुनका सँ गप्प केलहुँ । हम अपना भरि प्रयास केलहुं लेकिन कोनो तथ्य क अभाव में किछु नहि भेल। ने कोनो नम्बर ने कोनो आईडी प्रूफ़ । तहन हम समय अभावक कारन जे विवरण भेटल हुनकर फोटो संग पोस्ट कैलहुँ। ओ कहलन्हि हमर जमाय केँ सब चिन्हैत छैन्हि जिनकर नाम पुरषोत्तम झा छैन्हि। पुलिस हुनका दक्षिण २४ परगना कोर्ट दिस लेने चल गेल।”

प्रवीण नारायण चौधरी तुरन्त एक मैसेज बनाकय शीघ्र सहायता लेल अपील अपन फेसबुक वाल केर संग-संग विभिन्न ग्रुप केर माध्यम सँ विजय कुमार इस्सरजीक पोस्ट कयल मैसेज आ फोटो केँ शेयर करैत कयलन्हि। पोस्ट केलाक १ घंटाक भीतर बुटवल (नेपाल) सँ श्री बी के झा द्वारा जनकपुरक आसपास मरैल केर बदला ‘मरै’ गामक जिकिर केलनि। हुनका सँ अनुरोध कयल गेल जे कोनो परिचित सँ सम्पर्क करैत जानकारी इकट्ठा करय वास्ते जे हिनकर जमाय पुरुषोत्तम झा आ ई महिला कियो छथि जे गंगासागर मेला गेल रहथि। बुटवलहि मे एहि गामक एक अन्य मिथिलानी सँ सम्पर्क करैत श्री बी के झा हिनक गाम मे सन्देश पठबौलनि। ओतय सँ ई पुष्टि भऽ गेलनि जे हँ दुर्गानन्द झा केर माताजी अन्य किछु ग्रामीणक सभक संग गंगासागर मेला गेल छलीह जतय छुटि गेलीह। एतेक सुनैत देरी ओ प्रवीण नारायण चौधरीक फेसबुक वाल पर हिनका बारे बाकी बात पता करबाक लेल निर्देशन दैत श्री बी के झा केँ सेहो खबैर देलखिन। तदनुसार श्री झा प्रवीण नारायण चौधरी केँ मैसेन्जर पर फोन कयलन्हि। ततबा काल मे कथित अनेकता झाक नाति सुरज झा फेसबुक सँ अपन नंबर साझा करैत सम्पर्क हेतु अनुरोध कयलनि आर तदोपरान्त उचित लोक धरि पहुँचि जेबाक बात बुझि प्रवीण नारायण चौधरी पीड़िताक परिवारक लोक केँ विजय कुमार इस्सरजी सँ सम्पर्क करौलनि। पुनः काल्हि १७ जनवरी गाम सँ दरभंगा होएत पीडिताक पुत्र दुर्गानन्द झा कोलकाता लेल प्रस्थान कयलनि।

आइ हुनक कोलकाता पहुँचलाक बाद पुलिस सँ सम्पर्क कयला उत्तर जे जबाब भेटल से आरो चिन्ता बढा देलक सभक। पुलिस बतेलक जे जतेक रास हेरायल-भोथियायल लोक सब छल तिनका सब केँ बजरंग परिषद् नामक सामाजिक संस्था केँ सौंपि देल गेल उचित सम्पर्कक हाथें सौंपि देबाक वास्ते। बजरंग परिषद् द्वारा समस्त हेरायल-भोथियायल केँ पुलिस सँ जिम्मा लेलाक बाद कोलकाता आनल गेल। परञ्च बजरंग परिषद् सँ आइ सम्पर्क कयलापर ओ बतेलक जे ओतय ई महिला नहि पहुँचि सकलीह अछि। पुलिस द्वारा जाहि व्यक्ति केँ बजरंग परिषद् पहुँचेबाक बात छल तेकर कहलाक बादो बजरंग परिषद् ई नहि गछलक जे ओ महिला ओतय एलीह।

एक बेर फेर परिवारक लोकक संग विजय कुमार इस्सरजी, प्रवीण नारायण चौधरी तथा समस्त खोजबीन मे लागल व्यक्ति सब चिन्तित भेलाह। मुदा कनेकालक बाद पुपरी (सीतामढी) स्थित अपन बड़की बेटी ओतय ओ हेरायल महिला पहुँचि गेलीह आ अपना संग बीतल कठोर पहरक वृत्तान्त सब कानि-कानिकेँ सुनेली। हुनका संग गंगासागर मेलामे सुरक्षा लेल खटायल गेल पुलिसक बर्बरतापूर्ण दुर्व्यवहार सच मे एहेन घृणित अछि जे सुरक्षा देनिहारक नाम पर कलंकक टीका लगबैत अछि।

ओ बतेली जे हुनका संग रहल सब कपड़ा-लत्ता आ पैसा-कौड़ी सब किछु ओ सब छीनि लेलक आ अजीब तरहक दुर्व्यवहार सब सेहो केलक। बाद मे ओ कोहुना-कोहुना ओकरा सभक नजरि सँ बचैत रेल पकड़िकय मिथिला एक्सप्रेस सँ रक्सौल पहुँचि गेलीह। फेर ओतहियो हुनका पाछाँ लोक सब लागल पहुँचि गेल छल जे ताकि रहल छलन्हि। ओ तैयो ओकरा सभक नजरि सँ अपना केँ नुकौने किछु सहयोगीक मदति सँ सीतामढी होएत अपन बचिया जे पुपरी मे रहैत छन्हि ताहि ठाम पहुँचि गेली। ओ लोक सब हुनका पाछाँ करैत सीतामढी तक आयल, से ओ देखलीह।