पहिने बेटी बेचल जाइत छल, आब बेटा बेचल जाइत अछि – मिथिला समाज सँ गम्भीर सवाल
लेख – रूबी झा हम जहन छोट रही, करीब पन्द्रह साल केर, त एकटा टोल के दीदी (बुआ) बुलैय लेल अंगना एलीह, माँ कहलक दीदी छथिन गोर लगहुन। हम गोर त लागि लेलियनि लेकिन जहन दीदी चैल गेलखिन्ह त माँ केँ हम सवाल पर सवाल पूछैय लगलियैक। हम छोटे सँ बहुत जिज्ञासु छलहुँ। हरेक चीज … पहिने बेटी बेचल जाइत छल, आब बेटा बेचल जाइत अछि – मिथिला समाज सँ गम्भीर सवाल









