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प्रवीण नारायण चौधरी

भाषाभटकाव मिथिला सभ्यताक अन्तक संकेत त नहि?

भाषाभटकल लोक   १९८७ ई. मे बाढि सँ बेहाली आयल। जहाँ-तहाँ नदीक तटबन्ध सब टूटि जेबाक कारण बेहिसाब पानि सँ खेत-पथार, एतेक तक कि खरिहान, घर-अंगना सबटा डूबि गेल छल। लोक खाना कोना पकायत ताहू लेल समस्या रहैक। ऊँच-ऊँच बान्ह आ घरक छत पर आश्रय लय येन-केन-प्रकारेण संघर्ष कय केँ प्राण-रक्षा मे लागल छल। शायद भाषाभटकाव मिथिला सभ्यताक अन्तक संकेत त नहि?

सप्तरीक राजगढ बेल्हीचपेना मे विष्णु महायज्ञ चैत २ गते सँ

साभार – शुभचन्द्र झा, राजविराज १४ मार्च २०२१ – मैथिली जिन्दाबाद!! सप्तरी जिलाक राजगढ ४ बेल्हीचपेनामे इएह २०७७ साल चैत महिना २ गतेसं हाेएबला विष्णु महायज्ञक तैयारी अन्तिम चरणमे पहुँचि गेल अछि। एहि यज्ञ लेल कलश यात्रा, शाेभा यात्रा बिभिन्न बाजा गाजा सहित साेमदिन शुभारम्भ हुअ जा रहल अछि । जनकपुरक पगला बाबाक प्रत्यक्ष निगरानीमे सप्तरीक राजगढ बेल्हीचपेना मे विष्णु महायज्ञ चैत २ गते सँ

एकर सच्चाई स्वयं निरीक्षण कय सकैत छी

ओ व्यक्ति सम्मान योग्य नहि   जे स्वयं अपन भाषाक सम्मान नहि करय ओ व्यक्ति सम्मान योग्य नहि भऽ सकैत अछि। हालांकि एहि भ्रम मे बहुतो लोक फँसल अछि, ओकरा अपना होइत छैक जे अपन भाषाक बदला हिन्दी या अंग्रेजी बाजब त लोक बेसी पैघ आ पढ़ल-लिखल विद्वान् बुझत, लेकिन ओकर स्वयं केर आत्मा पर्यन्त एकर सच्चाई स्वयं निरीक्षण कय सकैत छी

कियैक नहि भ रहल अछि मैथिल ब्राह्मण समुदाय केर लड़काक विवाह

मैथिल ब्राह्मण समुदाय आ कुमार लड़काक बढैत संख्या हम मैथिल ब्राह्मण समुदाय सँ छी। ओना त मिथिला सँ सब जाति सिर्फ आ सिर्फ मैथिल कहाइत छी, कारण हमरा सभक राजा मैथिल कहाइत छलाह – हुनकहि पालित राज्य मिथिला आ प्रजा सेहो राजा समानहि मैथिल कहाइत छी – मुदा आइ एहि लेख मार्फत हम अपन जातीय कियैक नहि भ रहल अछि मैथिल ब्राह्मण समुदाय केर लड़काक विवाह

प्रसंग अन्तर्राष्ट्रीय नारी दिवस केर – प्रवीण विचार

अन्तर्राष्ट्रीय नारी दिवस विशेष अन्तर्राष्ट्रीय नारी दिवस २०२१   आर, अधिकार केर लड़ाई मे महिला अधिकार प्रति विश्व भरि मे सचेतना जगबाक/जगेबाक विशेष दिवस यानि ८ मार्च पर अपन माय, पत्नी, बहिन, बेटी सहित समस्त नारी समाज प्रति पूर्ण श्रद्धाक संग सम्मान आ वाजिब समान अधिकार लेल शुभकामना!!   अन्तर्राष्ट्रीय तथ्यांक मुताबिक एखन धरि महिलाक प्रसंग अन्तर्राष्ट्रीय नारी दिवस केर – प्रवीण विचार

मिथिला विभाजन दिवस यानि ४ मार्च पर उपवास कार्यक्रमक संग वेबिनारक आयोजन

८ मार्च २०२१ । मैथिली जिन्दाबाद!! (ई समाचार विलम्ब सँ देबाक लेल अग्रिम क्षमायाचना) ४ मार्च १८१६ ई. सुगौली सन्धि लागू हेबाक तारीख थिक। यैह दिन सँ मिथिलाक पुण्यभूमि क्रमशः दुइ सार्वभौम सम्पन्न राष्ट्रक सीमा मे बँटि गेल, कहि सकैत छी बाँटि देल गेल। चूँकि मिथिला कतेको शताब्दी सँ अपन राजकीय स्वरूप मे नहि अछि, मिथिला विभाजन दिवस यानि ४ मार्च पर उपवास कार्यक्रमक संग वेबिनारक आयोजन

वाचस्पति स्मृति दिवस तय समय पर मनेबाक निर्णय

ठाढ़ी, मधुबनी। 8 मार्च 2021 । 2016 ई. सँ निरन्तर 16 मार्च केर दिन वाचस्पति उद्यान, ठाढ़ी में मनायल जाइत रहल अछि। पहिने ई आयोजन गामहि में गठित भामती वाचस्पति प्रतिमा स्थापना समिति द्वारा आरम्भ कयल गेल। बाद में एहि आयोजन केँ बिहार सरकार द्वारा स्थानीय समिति संग सहकार्य करैत राज्य प्रायोजित आयोजन के रूप वाचस्पति स्मृति दिवस तय समय पर मनेबाक निर्णय

सावधान: एना अहूँ केँ कियो ब्लैकमेल कय सकैत अछि

चमत्कारिक प्रसंग – कृष्ण कांत झा पांच दिन पूर्व के घटना अछि। फेसबुक पर एकटा महिला के मित्र निमंत्रण आयल छल। बिना कुनू जांच पड़ताल के हम मित्रता के स्वीकृति देलौं। तदनन्तर अश्लील संदेश आबय लागल। ओ महिला हमर परिचित नहि छलि। हमरा बुझायल जे कोनो मित्र महिला के आइ डी बनाकय परिहास करैत छथि। सावधान: एना अहूँ केँ कियो ब्लैकमेल कय सकैत अछि

सभक मातृभाषा मीठ होइत छैक – मैथिली मीठ भाषा कियैक कहाइत अछि (विवेचना)

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी मैथिली केँ मीठ भाषा कियैक मानल जाइछ “मैथिली केँ मीठ भाषा कियैक मानल जाइछ?” ई सवाल पुछि बैसला मित्र बद्रीनाथ जी आ हमरा पास जे सहज उत्तर छल से यैह कि भाषाविज्ञान व विज्ञजनक अनुसार कोनो भाषाक मिठास ओकर शब्द आ ध्वनिक संग बजबाक शैली मे देखल जाइछ। मैथिली भाषा सभक मातृभाषा मीठ होइत छैक – मैथिली मीठ भाषा कियैक कहाइत अछि (विवेचना)

महिलाक हाथ मे बागडोर सौंपिकय देखू – मिथिलाक प्रगति सूत्र पर करुणा झा

लेख – करुणा झा, राजविराज मिथिलानी सबस अपेक्षा बढ़ि रहल छै मैथिल समाज स्वभावत: बड़बोला समाज अछि। जतेक छै तहि स बेसी बाजब मैथिल के स्वभाव रहल अछि। स्वकेंद्रित विकास के प्रधानता देबय बला ई समाज क्रांति-धर्मी कहियो नै रहल अपितु किछु ऐतिहासिक घटना के छोइड़ दियौ त सदैव ई समाज सत्तासीन व्यक्ति वा व्यवस्था महिलाक हाथ मे बागडोर सौंपिकय देखू – मिथिलाक प्रगति सूत्र पर करुणा झा