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प्रवीण नारायण चौधरी

लैंगिक समानता लेल दहेज मुक्त मिथिलाक प्रयास

समाजरूपी गाड़ीक दू पहिया थिकैक महिला आ पुरुष। अपन मिथिलाक कइएक विषय पर महिला लोकनिक सहभागिता सही मे बड कमजोर अवस्था मे रहैक। लेकिन अन्डर करेन्ट मे मिथिला महिला समाज केकरो सँ कम नहि छलीह, छथि वा रहती – ईहो सच छैक। तखन हुनका सब केँ आगाँ आनब केना? बस एतबे टा सवाल केर जवाब लैंगिक समानता लेल दहेज मुक्त मिथिलाक प्रयास

मिथिला भारतीक किछु अंक आ ताहि मे समेटल गेल महत्वपूर्ण विषय पर आलेख

२३ जुलाई २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली-मिथिलाक नीक दस्तावेजीकरणक कार्य करयवला एक प्रसिद्ध पत्रिका ‘मिथिला भारती’ जे १९६९ ई. मे प्रथम बेर प्रकाशित भेल छल, तेकर आरो-आरो अंक मे कोन विषय पर किनकर लेख समेटल गेल अछि, से जानकारी ईसमाद प्रकाशन केर फेसबुक पेज सँ प्राप्त भेल अछि। संभवतः ई विषय-सूची सँ बहुतो जिज्ञासू केँ ई मिथिला भारतीक किछु अंक आ ताहि मे समेटल गेल महत्वपूर्ण विषय पर आलेख

कि मलकोका आ ब्रह्मकमल फूल एक्के थिक?

२२ जुलाई २०२०। मैथिली जिन्दाबाद!! पूर्व मे प्रकाशित एक लेख (लिंक http://www.maithilijindabaad.com/?p=6255 ) ‘मिथिलाक पाबैन चौरचनः एक संस्मरण’ मे मलकोका फूलक चर्चा आयल छल जाहि पर एक सज्जन मनीष झा आइ बड अनुपम जानकारी ‘जिज्ञासा’ केर क्रम मे रखलनि – “हम भैंट क फूल (मलकोका), फूल के ऊपर होई बला फल और एकर जैड़ में कि मलकोका आ ब्रह्मकमल फूल एक्के थिक?

भाषा-साहित्य संग मूर्तिकलाक विशेषज्ञ ‘विजय दत्त मणि’ जनकपुरधाम

२२ जुलाई २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली साहित्य समाजक सचिव श्री विजय दत्त मणि आइ अपन फेसबुक सँ स्वयं द्वारा सृजित नव मूर्तिकलाक प्रदर्शन मे कहार द्वारा द्विरागमन ओ बिदागरी मे दूल्हिन केँ एक स्थान सँ दोसर स्थान धरि माफा मे बैसाकय लय जेबाक सांस्कृतिक परम्परा – लोकसंस्कृति केँ झलकौलनि अछि। एहि संगे ओ कैप्शन मे भाषा-साहित्य संग मूर्तिकलाक विशेषज्ञ ‘विजय दत्त मणि’ जनकपुरधाम

अपन शारीरिक रोगक अपनहि परीक्षण आ अपनहि इलाज

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी अपन इलाज अपने करू जेना कि एखन देखि रहल होयब, कतेको रास चिकित्सक या चिकित्सालय सेहो कोरानाक त्रास वा आशंका मे एहतियातन बन्द अछि – एहेन समय अपन इलाज अपनहि करबाक एकटा नीक सुझाव हमरा सभक पास मौजूद अछि। बीमारीक लक्षण सँ इलाज करबाक स्थापित विधान अनुसार हम सब स्वयं अपन शारीरिक रोगक अपनहि परीक्षण आ अपनहि इलाज

ओक्सफोर्ड युनिवर्सिटी बनेलक कोरोना वायरस केर वैक्सीन

२१ जुलाई २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!! इंग्लैन्ड केर ओक्सफोर्ड युनिवर्सिटी द्वारा अप्रैल माह सँ लगातार टेस्ट कयल जा रहल कोरोना वायरस कोविड १९ बीमारी सँ लड़बाक लेल बनायल गेल वैक्सीन आखिरकार नीक परिणाम देखौलक अछि। मानव ऊपर कयल गेल परीक्षण मे एकर सकारात्मक परिणाम देखल गेलैक अछि। आगाँ ब्रिटेन सरकार केर तरफ सँ ८४ मिलियन स्टर्लिंग ओक्सफोर्ड युनिवर्सिटी बनेलक कोरोना वायरस केर वैक्सीन

परस्पर प्रतिस्पर्धा या आपस मे घात-प्रतिघात

मिथिलाक महापुरुष सब पर आक्षेपक पड़ताल – प्रवीण नारायण चौधरी किछु दिन पहिने एकटा लेख मार्फत मिथलाक लोकक कूटनीति-रणनीति सँ नौकरशाहीक क्षेत्र मे उल्लेख्य कथा-गाथा पठेबाक अनुरोध कएने रही। किछु कथा एहेन आयल अछि जे पढिकय हमर मस्तिष्क मे एकटा सवाल ठाढ भेल अछि। कथा सेहो कोनो बेसी दूर के नहि, आ नहिये कोनो बेसी परस्पर प्रतिस्पर्धा या आपस मे घात-प्रतिघात

मिथिला साइकिल यात्री शुरू कयलनि वीरपुर सँ ‘सप्तरी बोलबम यात्रा’

राजविराज, सप्तरी। १९ जुलाई २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिलाक लोकसंस्कृतिक जननायक अभियन्ता सुभाष विरपुरिया मैथिली जिन्दाबाद सँ बात करैत जानकारी करौलनि जे पूर्व मे कयल गेल साइकिल देवघर यात्रा केर तर्ज पर एहि वर्ष सेहो हुनका लोकनिक जत्था द्वारा कोसी बैरेज समीप पवित्र कोसी नदी मे स्नान कय ओतहि जल भरिकय मिथिलाक्षेत्रक महत्वपूर्ण शिव मन्दिर मे मिथिला साइकिल यात्री शुरू कयलनि वीरपुर सँ ‘सप्तरी बोलबम यात्रा’

युवा सहभागिता सँ समाजक प्रगति शीघ्र संभव

मैथिलीभाषी युवा शक्ति लेल शिक्षा आ प्रशिक्षणक पैघ आवश्यकता युवा शक्ति भविष्य थिकैक। शिक्षा आ प्रशिक्षण सँ ई सब मूल-मौलिकता प्रति सजग होइत छैक। चूँकि प्राथमिक विद्यालय सँ उच्च शिक्षा प्राप्ति धरि मैथिलीभाषाभाषी छात्र सभ केँ स्वाभिमान आ आत्मबल बढाबयवला कोनो सामग्री पाठ्यक्रम मे शामिल नहि कयल गेल छैक, स्थानीय विशेषता केँ झलकेबाक लेल आधारभूत युवा सहभागिता सँ समाजक प्रगति शीघ्र संभव

मैथिल डिप्लोमैसी आ ब्युरोक्रेसी – एक अध्ययन

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी मैथिल डिप्लोमैसी आ ब्युरोक्रेसी   (मिथिलाक लोक केर स्वाभाविक कूटनीति और नौकरशाही गुण-धर्म)   हम मिथिला सँ छी। गाम हमर मूल निवास, मौलिक संस्कार आ प्रथम राष्ट्रीयता थिक। नगर सभ्यता सेहो गामे सँ प्रभावित अछि। एहेन कतेको आख्यान भेटैत अछि जे शिक्षा, व्यवसाय, उद्योग, आदिक विकसित केन्द्र मे गामहि केर मैथिल डिप्लोमैसी आ ब्युरोक्रेसी – एक अध्ययन