भगवान केर पहिचान पर नैय्यायिक पंडित रुद्रधर झा – अत्यन्त पठनीय आ मननीय लेख
समस्त चराचर प्राणी तथा सम्पूर्ण विश्व साक्षात् भगवाने छथि – पंडित रुद्रधर झा (मैथिली अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) ‘हरि रेव जगज्जगदेव हरिर्हरितो जगतो न भिन्नतनुः’ (आर्षवाणी) भगवाने समस्त जड़चेतनमय संसार छथि आर सम्पूर्ण जड़चेतनमय विश्वे भगवान् थिक, कियैक तँ समस्त जड़चेतनमय संसारक भगवान् सँ भिन्न शरीर नहि अछि। अर्थात् – भगवान् केर शरीर सम्पूर्ण जड़चेतनमय … भगवान केर पहिचान पर नैय्यायिक पंडित रुद्रधर झा – अत्यन्त पठनीय आ मननीय लेख









