सावन मास मे बाबा बैद्यनाथ केँ समर्पित एक मैथिली भजन

भजन

– प्रवीण नारायण चौधरी

बाबा हो! पूरा कर दू सपना हमार
भोग के पाछू पागल हम्में – आऽऽऽ आऽऽऽ आऽऽऽ
भोग के पाछू पागल हम्में
भटकि रहलि संसार
बाबा हो! पूर कर दू सपना हमार!
 
ई भवसागर थाह कतहु नहि
हेलि हेलि हम्मे थाकल – २
हाथ गोर सब थाकि चुकल है
हेलबो पार ना लागल – २
डूबब हम्में थाह लगलि है – आऽऽऽ आऽऽऽ
डूबब हम्में थाह चललि है
आंगूर धरू सरकार!!
बाबा हो! पूरा कर दू सपना हमार!
 
बालक रहली मातु पिता भर
गदहा जैसे जबानी – २
खोजत रहली सुख सम्पत्ति के
बीत गेल जिन्दगानी – २
जिनगी बीते खटनी भरे – आऽऽऽ आऽऽऽ
जिनगी बीते खटनी भरे
फल मिलल बस हार!!
बाबा हो! पूरा कर दू सपना हमार!!
 
खूबे सुनली बाबा बैजू
बोल बम के महिमा – २
हमहुँ सोचली जेबै एबरी
बाबाधाम सावन मा – २
आबि गेली गंगाजल ले के – आऽऽऽ आऽऽऽ
आबि गेली गंगाजल ले के
करि दऽ बेरा पार!!
बाबा हो! पूरा कर दू सपना हमार!!
 
हरिः हरः!!