भजू सियाराम केँ भजू
आजुक भजन (हरेक वर्ष माँ द्वारा छैठिक खरना पर किछु रचना करैत आबि रहल छी – आइ जे रचना कयल अछि से पूर्णरूपेण महाकवि तुलसीदास द्वारा उत्तरकाण्ड मे उद्धृत् ओहि कथ्य पर आधारित अछि जाहि मे ओ कहलनि अछि जे श्री राम केँ केना आ कखन भजू…) भजू दीनबन्धु रघुनाथ भजू भजू जानकीनाथ सनाथ भजू … भजू सियाराम केँ भजू




