मनुष्य कियैक दुःख आ अशान्ति भोगैत अछि?
जीवन मे सभक कियो न कियो आदर्श पुरुष होइत छैक। हमर आदर्श हमर पिता भेलाह। हुनकर कइएक महत्वपूर्ण शिक्षा मे एक गोट शिक्षा होइत छल जे कोना अपना केँ एकदम शान्ति मे राखि सकब। ओ बेर-बेर कहथिन जे ऊपर मुंहें नहि ताक। नीचाँ देख। माने जे ऊपर मे अनन्त आकाश छैक। कतबो ऊँचाई धरि कियो … मनुष्य कियैक दुःख आ अशान्ति भोगैत अछि?









