मिथिला समाज मे दहेज प्रथा कहियो नहि छल, कन्यादान संग गृहस्थी उपयोगी सामानक दान स्वेच्छा सँ
विचार – प्रवीण नारायण चौधरी दान आ दहेज मे फरक अहाँक याद होयत, एक बेर भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी बड़ा स्पष्ट तौर पर अन्तर्वार्ता मे पूछल एक सवाल ‘भ्रष्टाचार कहिया धरि खत्म होयत?’ केर जवाब मे कहलखिन जे ई तुरन्त खत्म नहि कयल जा सकैत अछि, कम करबाक वचन दैत छी आ खत्म होइ … मिथिला समाज मे दहेज प्रथा कहियो नहि छल, कन्यादान संग गृहस्थी उपयोगी सामानक दान स्वेच्छा सँ









