जपि ले जपि ले – हरिहर नाम तूँ जपि ले रे
साहित्य – प्रवीण नारायण चौधरी जपि ले जपि ले नाम तूँ जपि ले हरि हर नाम तूँ जपि ले रे जखन तखन बस नाम सुमिरि ले ध्यान प्रभु केर करि ले रे जपि ले जपि ले… जन्म लैत तूँ कनलें बजलें होश हवास गमेलें रे मातु पिता परिजन केर सङ्ग में दुनिया मे रमि गेलें … जपि ले जपि ले – हरिहर नाम तूँ जपि ले रे









