आत्मनिरीक्षण – बाबाधामक पेड़ा (प्रसाद)
आध्यात्मिक चिन्तन – प्रवीण नारायण चौधरी आत्मनिरीक्षण – बाबाधामक पेड़ा (प्रसाद) कइएक दिवस सँ दिमाग मे एकटा बात अबैत अछि – प्रवीण! तोरा स्वयं मे कतेक अभिमान छौक आ तूँ दोसर अभिमानी केँ देखैत देरी कतेक जल्दी उताहुल भऽ अपन अभिमान केँ उजागर करय लगैत छँ से कहियो आत्मनिरीक्षण कयलें? ई सवाल अपना आप … आत्मनिरीक्षण – बाबाधामक पेड़ा (प्रसाद)









