बेटी पुछलनि बाप सँ – हमर कोन गाम थिक (लघुकथा)
लघुकथा – रूबी झा सासूर सँ दुइ-चारि बेर रैस-बइस कँ आयला के बाद बहुत दुःखी भऽ पुछलखिन्ह अन्नपूर्णा अपन पिता सँ – बताऊ, हम कोन गामक छी आ हमर घर कतय अछि? अचंभित भय बजलाह नेन कान्त जी (अन्नपूर्णा के पिता) – ई की तोँ पुछैय छैं एखन, ई सवाल पूछैय के कि परोजन? अन्नपूर्णा … बेटी पुछलनि बाप सँ – हमर कोन गाम थिक (लघुकथा)








