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प्रवीण नारायण चौधरी

शीतल वेड्स मोहन – एक आदर्श विवाह (मैथिली कथा)

कथा – प्रीति मिश्र, पटना शीतल वेड्स मोहन – एक आदर्श विवाह दृश्य १ ई खिस्सा थिक मॉडर्न मिथिला के। आइ-काल्हि बेटी सब बाहर जा-जा उच्च शिक्षा हासिल करैत छथि, खूब नाम करैत छथि। मुदा बेटीक विवाह एखनहुँ धरि माय-बाबू केर सबसँ पैघ जिम्मेदारी होइछ। शीतल पढ़ैत छलीह, मेधाबी आ सब तरहें सक्षम छलीह। आब शीतल वेड्स मोहन – एक आदर्श विवाह (मैथिली कथा)

दृढ़ ईच्छाशक्ति केर सामने केहनो चुनौतीक सामना सहज अछि – सिद्ध कयलीह दीपिका

मिथिलानी विशेष व्यक्तित्व परिचय – शिव कुमार सिंह ई छथि मैथिली और हिन्दी साहित्य के प्रखर लेखिका और समाजसेवी “दीपिका झा”। अपन मिथिला में एक सँ एक महान, गुणवती और उच्च व्यक्तित्व के मैथिलानी सब छै, जिनकर गिनती केनाय संभव नय। ताहि में एकटा हिनकर नाम सेहो छन्हि – “दीपिका झा”। जिनकर व्यक्तित्व हमरा बहुत दृढ़ ईच्छाशक्ति केर सामने केहनो चुनौतीक सामना सहज अछि – सिद्ध कयलीह दीपिका

शालिनी प्रिया – संघर्ष सँ सफलता केर विलक्षण उदाहरण

मिथिलानी विशेष व्यक्तित्व परिचय – बेबी झा, शिवहर शालिनी प्रिया – संघर्ष सँ सफलता केर विलक्षण उदाहरण विशेष मिथिलानी व्यक्तित्वक वर्णन मे आइ हम एकटा एहेन व्यक्तित्वक चर्चा कय रहल छी जे मात्र अप्पन बुद्धि आ बल-बुत्ता पर आगू बढि वर्तमान हरेक बच्चा लेल प्रेरणापात्र छथि । कार्तिक मास सन् १९९८ ई. मे मधुबनी जिलाक शालिनी प्रिया – संघर्ष सँ सफलता केर विलक्षण उदाहरण

भावना कंठ केर सपना एहि तरहें पूरा भेलनि

#मिथिलानी_विशेष_व्यक्तित्व परिचय – अंजू झा हम जिनका बारे में लिखऽ जा रहल छी ओ भारत माँ के सेवा में तत्पर भारतीय वायुसेना में #फाइटर_प्लेन (लड़ाकू विमान)के पायलट भावना कंठ छथि। ई सोशल फीगर भले नै होइथ, लेकिन मिथिला समेत संपूर्ण भारत के अभिमान छथि। भावना कंठ इंडियन आयल में इंजीनियर दरभंगा जिलांतर्गत घनश्यामपूर प्रखंड के भावना कंठ केर सपना एहि तरहें पूरा भेलनि

मिथिलानी नेहा शर्मा बालीवुड फिल्म के चर्चित चेहरा

मिथिलानी विशिष्ट व्यक्तित्व परिचय – किरण झा, मुम्बई नेहा शर्मा भारतीय मोडल और फिल्म अभिनेत्री छैथ। हिनकर जन्म बिहार के भागलपुर में 21 नवम्बर 1987 केँ भेलन्हि। नेहा शर्मा शुरुआत के पढाई लिखाई भागलपुर कान्वेंट स्कूल सँ केलन्हि। हिनकर पिता अजीत शर्मा भागलपुर के कांग्रेस विधायक छथि। नेहा शर्मा फैशन डिजाइनिंग के कोर्स कय मोडेलिंग दुनियाक एक मिथिलानी नेहा शर्मा बालीवुड फिल्म के चर्चित चेहरा

जीवनक महत्वपूर्ण दर्शन – चुकिया बैंक केर बचत सँ जीवनक प्रारब्ध भोग धरिक सहज मीमांसा

२६ जुलाई २०२१ – मैथिली जिन्दाबाद!! चुकिया बैंक   बचत करबाक एक पारम्परिक अधिकोष (बैंक) – घरेलू उपाय ‘चुकिया बैंक’ बहुतो गोटे परिचिते छी। बाल्यकाल मे बाबा-बाबू, माँ-काकी व अन्य श्रेष्ठजन सँ आशीर्वादीक रूप मे किछु कैञ्चा (पैसा) भेटल करय जाहि मे किछु खर्च होइत छल आ बाकी बचत के पैसा चुकिया बैंक मे जमा जीवनक महत्वपूर्ण दर्शन – चुकिया बैंक केर बचत सँ जीवनक प्रारब्ध भोग धरिक सहज मीमांसा

अन्वीक्षण – एक मनन योग्य लेख

औझका प्रसाद: अन्वीक्षण (Meditation) हिन्दू धर्माचरणमें उपवास उपासनाके एक मुख्य मार्ग थीक। आइ याने हिन्दू महीनाके माघ मास के कृष्ण चतुर्दशी – शिव चतुर्दशी – आजुक शुभ दिनक स्वामी शिव प्रति समर्पित विशेष पूजन-अर्चन-जप-तप-स्मरण-भजन-कीर्तन-श्रवण लेल अछि। ओना तऽ हरेक दिन के अपन विशेष महत्त्व छैक – हर क्षण मानव जीवनकेर अनमोल घड़ी छैक आ जे अन्वीक्षण – एक मनन योग्य लेख

मैथिली ठाकुर मिथिलाक पहिल लोकगायिका छथि जिनका भेटल छन्हि ई अद्भुत ‘करार’

२५ जुलाई २०२१, मैथिली जिन्दाबाद!! – आभा झा अपन आवाज आर हुनर सँ पूरा देश- दुनिया में पहचान बना चुकल लोकगायिका मिथिला के आन-बान आर शान मैथिली ठाकुर सोशल मीडिया पर पिछला किछ समय सँ काफी चर्चा में छथि। शास्त्रीय संगीत, मिथिला आर अन्य लोकभाषा के जानल-मानल गायिका मैथिली ठाकुर देश के पहिल पंक्ति के मैथिली ठाकुर मिथिलाक पहिल लोकगायिका छथि जिनका भेटल छन्हि ई अद्भुत ‘करार’

टीवी स्क्रीन पर धूम मचबैत मैथिल ललना सृति झा

टीवी स्क्रीन पर धूम मचबैत मैथिल ललना सृति झा टीवी धारावाहिक सँ स्नेह राखयवला/वाली लोक लेल ई चेहरा सर्वथा परिचित भ’ गेल छथि । मूलत: दरभंगा जिलाक डरहार गामक रहनिहारि सृति झाक जन्म 26 फरवरी 1986 केँ भेलनि । हिनक माता पिता आब काठमांडू वासी भ’ गेल छथि । पिता मिथिलेश झा बहुत दिन धरि टीवी स्क्रीन पर धूम मचबैत मैथिल ललना सृति झा

कतय पहुँचि गेलहुँ मिथिलावासी

२५ जुलाई २०२१ – मैथिली जिन्दाबाद!! कतय पहुँचि गेलहुँ मिथिलावासी   अपने समस्त मिथिलावासीक पृष्ठभूमि मे संयुक्त परिवारक संस्कृति अछि। सौंसे गाम-समाज केँ एकत्रित भाव मे कोनो कार्य निष्पादन करबाक परम्परा अछि। सब एक-दोसरक काज-प्रयोजन मे स्वस्फूर्त आगू बढिकय अबैत अछि। ओ जे कहबी छैक अपना ओतय ‘दस के लाठी, एक के बोझ’ सेहो एहि कतय पहुँचि गेलहुँ मिथिलावासी