मैथिली सुन्दरकाण्डः श्रीरामजी द्वारा समुद्र सँ रास्ता देबाक लेल प्रार्थना – लक्ष्मणजी द्वारा रावण लेल शुक मार्फत सन्देश
मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद समुद्र पार करबाक लेल विचार, रावणदूत शुक केर एनाय और लक्ष्मणजी केर पत्र केँ लैत वापस जेनाय सुनु कपीश लंकापति वीर। कुन विधि तरब जलधि गंभीर॥ संकुल मगर साँप मत्स जाति। अति अगाध दुस्तर सब भाँति॥३॥ भावार्थ:- हे वीर वानरराज सुग्रीव और लंकापति विभीषण! सुनू, … मैथिली सुन्दरकाण्डः श्रीरामजी द्वारा समुद्र सँ रास्ता देबाक लेल प्रार्थना – लक्ष्मणजी द्वारा रावण लेल शुक मार्फत सन्देश









