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प्रवीण नारायण चौधरी

मानवता केँ कलंकित करयवला हत्याकांड विराटनगर मे

अजय मिश्र मैथिल, विराटनगर। सितम्बर ८, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! पैछला मंगल ६ सितम्बर विराटनगर मे एक अत्यन्त वीभत्स हत्याकांडक समाचार आयल अछि। आपसी मित्रता मे भेल खटपटी सँ शत्रुता मे परिणत मानवीय सम्बन्ध केर ई एक असाधारण घटना प्रतीत भऽ रहल अछि। हत्याक प्रकृति देखि एना लगैत अछि जे घटना पूर्ण योजनाबद्ध तरीका सँ कैल मानवता केँ कलंकित करयवला हत्याकांड विराटनगर मे

ऑडिटर साहबः मैथिली कथा

कथा – प्रवीण कुमार झा, बेलौन, दरभंगा (हालः दिल्ली सँ) ऑडिटर साहब के घर बचिया के देखय बला आयल छलैन. बचिया के देखाओल गेल… पढ़ल लिखल, सुलोचना आ दिव्य छलीह से कोनो तरहक प्रश्ने नै रहैक कटबा छंटबा के. ऑडिटर साहब केर कनियाँ मारे ख़ुशी के डाँड़ में नुआ खोंसि चिहुंक रहल छलि.. बुच्ची गै ऑडिटर साहबः मैथिली कथा

गुरु ‘अमरजी’ केँ याद करैत

संकलन शिक्षक दिवसपर साहित्यिक पुरोधा चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’ केँ समर्पित – मनोज चौधरी, रुद्रपुर (हालः रायपुर, छत्तीसगढ) “शिक्षक दिवस” केर अवसर पर चरण स्पर्श आदरणिय गुरुदेव (पंडित श्री चंद्रनाथ मिश्र”अमरजी”) कें, आशीर्वादक अनुभव “पीठ पर मुक्काक थाप” संग करैत, गुरुदेव जी कें बहुत बहुत शुभकामना, सदैव स्वस्थ, मन सँ आनंदित आ अर्थ सँ परिपूर्ण रहथि गुरु ‘अमरजी’ केँ याद करैत

१०० वर्षक बाद पुनर्प्रकाशित मिथिला मोदक विमोचन प्रभात झा द्वारा

काशी, सितम्बर ८, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! चिरप्रतिक्षीत मिथिला मोद मैथिली पत्रिकाक पुनर्प्रकाशन काशी सँ कैल गेल अछि। एकर विमोचन भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा द्वारा पैछला रवि ४ सितम्बर केँ मैदागिन स्थित नागरी प्रचारिणी सभा परिसर मे कैल गेल। मैथिल समाज बनारस केर अथक प्रयास सँ मिथिला मोद समान प्रतिष्ठित मैथिली पत्रिकाक पुनर्प्रकाशन संभव हेबाक १०० वर्षक बाद पुनर्प्रकाशित मिथिला मोदक विमोचन प्रभात झा द्वारा

मणिपद्म केर स्मृति दिवस आइः के सब मोन पाड़ैत छथि

पटना, सितम्बर ७, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! चेतना समिति द्वारा विद्यापति भवन मे संध्याकाल ६ बजे सँ मैथिली भाषाक महान् साहित्यकार ब्रजकिशोर वर्मा मणिपद्म केर स्मृति दिवस मनाओल जा रहल अछि। समितिक तरफ सँ रमानन्द झा रमण एहि समारोह मे जनसहभागिता लेल हकार दैत कहलैन अछि जे मणिपद्म केर लेखनी सँ मिथिलाक विभिन्न कालखंडक लोकदेवता रूप मणिपद्म केर स्मृति दिवस आइः के सब मोन पाड़ैत छथि

अहिल्या स्थान शामिल अछि राम रूट पर्यटन सर्किट मे

अहिल्यास्थान, दरभंगा। सितम्बर ७, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि ६ सितम्बर, २०१६ मंगल दिन मिथिलाक एक अत्यन्त प्रसिद्ध तीर्थस्थल अहिल्यास्थान मे मिथिलाक बेटी आ गोआ केर महामहिम राज्यपाल डा. मृदुला सिन्हा आयल छलीह। राज्य केर उपेक्षाक कारण पर्यटन दृष्टि सँ आइ धरि ई स्थान कोनो उपलब्धि हासिल नहि कय सकल अछि वनिस्पत अहिल्या समान अन्य पौराणिक महत्वक अहिल्या स्थान शामिल अछि राम रूट पर्यटन सर्किट मे

मातृभूमि-मातृभाषा लेल स्वैच्छिक सहयोगक अनुपम उदाहरण

दिल्ली, सितम्बर ७, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! आजुक समय मैथिली-मिथिलाक दर्जनों अभियान धरातलपर चलि रहल अछि आर ताहि सब लेल वांछित आर्थिक सहयोग वास्ते सर्वथा उत्कृष्ट स्वैच्छिक अंशदान केँ मानल जाएत अछि। मैथिली साहित्य महासभा दिल्ली द्वारा कैल जा रहल नीक कार्यक सराहना करैत नाइजेरिया सँ संजय श्रीवास्तव अपन स्वैच्छिक अंशदान पठेबाक एकटा सुन्दर अनुकरणीय उदाहरण सोझाँ आयल मातृभूमि-मातृभाषा लेल स्वैच्छिक सहयोगक अनुपम उदाहरण

जितिया पाबैन केर व्रत कथा

जितिया पावनि साभारः नेट सँ दहेज मुक्त मिथिला पर संरक्षित डोकुमेन्ट सँ जितिया पावनि के व्रत आशिन कृष्ण पक्ष अष्टमी कऽ हो‌इत अछि । व्रत केनिहारि सप्तमी दिन नहाके अरबा-अरबा‌ईन खा‌ई छथि । ई व्रत अ‌ईहव आ वीधव सभ करैत छथि । अपन-अपन सन्तानक दीर्घायुक लेल ई व्रत क‌एल जा‌ईछ । अष्टमी दिन निराहार रहिक जितिया पाबैन केर व्रत कथा

नव राज्यक गठन केँ विभाजनकारी कहब सरासर गलतः भारत मे नव राज्यक गठनक विस्तृत इतिहास

आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी आवश्यकता मे ई आलेख सितम्बर २६, २०१३ केर लिखल एक बेर फेर राखि रहल छी जाहि सँ मिथिला राज्य अभियान सँ जुड़ल कतेको अभियानी केँ कोनो विचार रखबाक समय कोनो सन्दर्भ देबाक बेर यथार्थ नीति आ घटना-परिघटनाक जानकारी रहैन। भारत एक संघीय गणतांत्रिक राष्ट्र थीक जतय राज्य निर्धारणक विषय लेल नव राज्यक गठन केँ विभाजनकारी कहब सरासर गलतः भारत मे नव राज्यक गठनक विस्तृत इतिहास

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री द्वारा आर्कियोलोजी एण्ड ट्रेडीशनक विमोचन

नीलम ठाकुर, दिल्ली। सितम्बर ६, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! शिक्षक दिवस केर शुभ अवसर पर प्रो. दयानाथ त्रिपाठी केँ सम्मान मे डॉ. महेश शर्मा, संस्कृति तथा पर्यटण मंत्री, भारत सरकार द्वारा “ARCHAEOLOGY & TRADITION” नामक पोथीक विमोचन कैल गेल अछि। एहि किताब मे पुरातत्व सँ युक्त सब तत्व सरल आर सहज तरीका सँ वर्णित अछि।