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प्रवीण नारायण चौधरी

जीतिया पाबनि पर सामूहिकताक प्रदर्शन – भाषा, संस्कृति आ समाजक उत्थान मुख्य उद्देश्य

२१ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! राधा मंडलक अगुवाई मे जीतिया महोत्सव २०७६, सरोचिया मे भेल भव्य समारोह मैथिली जनसांस्कृतिक मंच विराटनगर केर तत्त्वावधान मे श्रीमती राधा मंडल केर संयोजन-अगुवाई मे आयोजित जीतिया महोत्सव २०७६ परसू वृहस्पति दिन विराटनगरक सरोचिया स्थित शिक्षा सदन विद्यालय मैदान मे आयोजित भेल। एहि आयोजन केर अध्यक्षता स्वयं राधा मंडल कएने जीतिया पाबनि पर सामूहिकताक प्रदर्शन – भाषा, संस्कृति आ समाजक उत्थान मुख्य उद्देश्य

जीतिया पर्व समारोह आब लोकोत्सव केर रूप मे परिणति पाबि रहल अछि

२१ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला जनसमुदाय द्वारा घरे-घर केर सीमा मे बान्हल जीतिया पाबनि मनेबाक परम्परा केँ सार्वजनिक उत्सवक रूप मे मनेबाक नव परम्परा केँ पहिल-पहिल शुरू करनिहाइर मिथिलानी वसुन्धरा झा द्वारा ८म बेरुक जीतिया पर्व समारोह भव्यताक संग मनायल गेल। आम जनसमुदाय – आम समाज संग सामूहिकताक प्रदर्शन करैत जीतिया पाबनि मनेबाक प्रथा जीतिया पर्व समारोह आब लोकोत्सव केर रूप मे परिणति पाबि रहल अछि

मैथिलीभाषाभाषी सावधानः सन्दर्भ भारतक जनगणना २०२१

विशेष सम्पादकीय   सुनबा मे आयल अछि जे भारतक जनगणना लेल सूचना संकलन करबाक प्रक्रिया शुरू अछि। २०२१ केर फरवरी धरि ई कार्य संपूर्ण कयल जेबाक परम्परा मुताबिक भारतीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी कयल गेल निर्देशन अनुसार प्रश्नक सूचीक संग सूचना संकलन करनिहार ठाम-ठाम पर घुमि-घुमिकय सूचना संकलन कय रहला अछि।   विदित हो जे मैथिलीभाषाभाषी सावधानः सन्दर्भ भारतक जनगणना २०२१

मिथ्याचारक चाप (समय-सापेक्ष नैतिककथा)

नैतिक कथा – प्रवीण नारायण चौधरी जँ भीतर मनमे कूद-कूद मचल रहय आ बाहर सँ ई आवरण चढेने रहत कि जोगी-फकीर छी, तेकरे कहल जाइत छैक मिथ्याचार। आचार-विचार जेहेन भीतर हो तेहने बाहर, भले गुन्डइ भीतर अछि आ बाहरो अछि तऽ संसार ओकरा नीके कहैत छैक, खास कऽ के एहि कलियुगमे। जतेक राबिन हूड आजुक मिथ्याचारक चाप (समय-सापेक्ष नैतिककथा)

कि याद अछि दरभंगाक दहेज हत्याकांडक ओ वीभत्स कथा

१८ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! समाज मे नीक आ बेजा घटित होयब स्वभाविक छैक। पिछला वर्ष दरभंगाक एकटा दहेज हत्याकांड काफी चर्चा मे रहल। एक दरोगा जी अपन बेटीक विवाह दोसर दरोगा जीक बेटा सँ करौलनि। कथा-वार्ता दुइ समान हैसियतक परिवार मे केना होइत छैक मिथिला मे सब केँ बुझले होयत। बेटीक परिवार पर लगभग कि याद अछि दरभंगाक दहेज हत्याकांडक ओ वीभत्स कथा

काल्हि दिल्ली मे होयत हरिमोहन स्मृति समारोह

दिल्ली, १७ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! भारतक राजधानी दिल्ली मे काल्हि १८ सितम्बर २०१९ बुद्धदिन स्वर्गीये प्रोफेसर हरिमोहन झा केर “जन्मदिवस” पर “अखिल भारतीय मिथिला संघ, नई दिल्ली” द्वारा “गांधी शांति प्रतिष्ठान” दीन दयाल उपाध्याय मार्ग, आईटीओ चौक केर नजदीक, नई दिल्ली – ११०००२” मे “हरिमोहन स्मृति समारोह” संध्या ५ बजे सँ राखल गेल अछि काल्हि दिल्ली मे होयत हरिमोहन स्मृति समारोह

आयोजनक स्तर कतेक पैघ मुदा सूचना संचरण लेल कोनो सोच नहि, छोट विज्ञप्ति तक नहि

विशेष संपादकीय अन्तर्राष्ट्रीय मैथिल व्यक्तित्व मे उद्यमी अजय झा केर नाम सुप्रतिष्ठित अछि। संयोगवश हम सब फेसबुक सँ जुड़ल छी। अजय झा उद्यमिताक क्षेत्र मे मैथिल लोकक विकास हेतु काफी प्रेरणास्पद विचार सेहो रखैत छथि, तेँ एकटा विचारक सेहो छथि। अमेरिका आ भारत सहित विभिन्न देश बीच एनाय-गेनाय बुझू जेना हिनक व्यवसायिक व्यक्तित्व लेल सामान्य आयोजनक स्तर कतेक पैघ मुदा सूचना संचरण लेल कोनो सोच नहि, छोट विज्ञप्ति तक नहि

मुम्बई मे मंत्री विनोद नारायण झाक सम्मान, मैथिली भाषाभाषी लोकनि द्वारा देल गेलनि मांगपत्र

१७ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! बीतल रवि दिन आर तदोपरान्त सेहो बिहारक मंत्री विनोद नारायण झा केँ मुम्बई मे विभिन्न मैथिली भाषाभाषी लोकनिक संस्था-समूह द्वारा सम्मान कार्यक्रम कयल जेबाक सूचना अछि। मैथिली समन्वय समितिक प्रवक्ता राजकुमार झा द्वारा पठाओल गेल विज्ञप्ति अनुसार मंत्री विनोद नारायण झा केर सम्मानक संग हुनका मार्फत बिहार सरकार समक्ष किछु मुम्बई मे मंत्री विनोद नारायण झाक सम्मान, मैथिली भाषाभाषी लोकनि द्वारा देल गेलनि मांगपत्र

जनक समाजवाद – संसार भरिक एक विलक्षण परम्परा जे सिर्फ मिथिला टा मे भेटैत अछि

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी जनक समाजवाद (Janaka’s Socialism)   मिथिलाक इतिहास आ परम्परा मे सर्वसमावेशिकताक सिद्धान्त तथा जनक समाजवादक विलक्षण जीवनशैली देखाइत अछि। राजनीतिक स्थिति व परिस्थितिक कारण सब जगह जातिक बात उठब स्वभाविके छैक, लेकिन यथार्थता ईहो अछि जे हर मानव मे जा धरि गुण आ धर्म केर परिमाण नहि बढत ता धरि जनक समाजवाद – संसार भरिक एक विलक्षण परम्परा जे सिर्फ मिथिला टा मे भेटैत अछि

कर्मयोगी – कथा एक कर्मठ पुत्र आ पुत्रवधू केर

कथा – राजेन्द्र झा, वडोदरा, गुजरात मैथिली कथाः शीर्षक – कर्मयोगी राति के दस बाजि गेल रहनि किशुनजी के गाम पहुँचवा में । दुपहरिया के करीब दूइए बजे ट्रेन सँ पटना पहुंच गेल रहथि किशुन । आ तकरा बाद तीन-तीन टा बस बदलैत – बदलैत अप्पन गाम पहुंचल रहथि । मोन खिन्न भ’ गेल रहनि कर्मयोगी – कथा एक कर्मठ पुत्र आ पुत्रवधू केर