विचारक कतहु कमी नहि, योगदान देनिहारक घोर अकालः मिथिला आन्दोलन पर विमर्श
विमर्श – परितोष मिश्र मिथिला राज्य आन्दोलन An intellectual mistake….. मिथिला राज्य आन्दोलन एक असमान्य कालखंड सय गुजरि रहल अछि, रेणु शब्दावली के अनुदित करैत अगर कही त इ “अजगुत आ आत्महंता संजोग” अछि । एहि कालखंड में हमरा सभ के माथक ऊपर कोनो देवता सभ वाला नीलाकाश नहि अछि, ओतय से कोनो आकाशवाणी नहि होमय … विचारक कतहु कमी नहि, योगदान देनिहारक घोर अकालः मिथिला आन्दोलन पर विमर्श








