अपन मिथिलाक साँझ आ शास्त्र-पुराण-वेद मे वर्णित संध्या केर महत्व
मिथिलाक लोकजीवन मे साँझ देबाक परम्परा कहल जाइछ जे एहि धराधाम सँ वेद वर्णित विधान जँ लुप्त भऽ जाय, तँ मिथिलाक लोकजीवन मे स्थापित परम्परा केँ निभेला सँ वेद स्वस्फुर्त प्रकट भऽ जायत। जिनक जन्म आ लालन-पालन मिथिलाक लोकसंस्कार मे भेल ओ सब जनैत छी जे भोरे ब्रह्ममुहूर्त मे उठय सँ लैत नित्यकर्म सँ … अपन मिथिलाक साँझ आ शास्त्र-पुराण-वेद मे वर्णित संध्या केर महत्व









