जुड़य अपना त आदर करय आन – ओकर कहानी जे संघर्ष कय धियापुता केँ ठाढ केलक
लघुकथा – रूबी झा बिलो रिक्सा चालक छलाह। दिन-राति मेहनत क अपन परिवार केर लालन-पालन करैत छलाह। ओ पाँच-प्राणी छलाह – अपने, कनियाँ आ हुनक दुटा बेटी आ एकटा बेटा छलैन। सब गोटे दिल्ली मे रहैत छलैथ। दिन बहुत नीक ढंग सँ बीत रहल छलैन। भगवान के लीला देखू, एक दिन शरीर हुनका धोखा द … जुड़य अपना त आदर करय आन – ओकर कहानी जे संघर्ष कय धियापुता केँ ठाढ केलक







