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प्रवीण नारायण चौधरी

बात कम काज बेसी – ग्लोबल मैथिल केर विशेष परिचय

ग्लोबल मैथिलः काज बेसी बात कम मानवीय संसारक वर्तमान ग्लोबल विलेज केर लोकप्रियता मैथिलीभाषी-मिथिलावासी लेल सेहो ‘ग्लोबल मैथिल’ केर नाम सँ साकार होइत देखा रहल अछि। मूल रूप सँ ‘शाश्वत मिथिला आ माँ जानकी सेवा समिति, अहमदाबाद’ केर कुशल संचालकगण द्वारा परिकल्पित ‘ग्लोबल मैथिल’ केर परिकल्पना २०१९ ई. मे आयोजित ‘अन्तर्राष्ट्रीय मिथिला महोत्सव’ केर जनादेश-फलादेश बात कम काज बेसी – ग्लोबल मैथिल केर विशेष परिचय

समाजसेविका नीतू झा एवं पिंकी भरद्वाजक अगुवाई मे दहेज मुक्त विवाहक शुभारम्भ मधुबनी मे

घरहि सँ दहेज मुक्त विवाहक शुरुआतः नीतू झा   मधुबनी, २१ जून २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!!   घरहि सँ दहेज मुक्त विवाह आरम्भ करय पड़त। दहेज मुक्त मिथिला केर परिकल्पना सम्पूर्ण मिथिला लेल रहितो आरम्भ स्वयं सँ आ स्वयं केर परिधि सँ करबाक जरूरत अछि। देश सेहो व्यक्ति-व्यक्ति आ क्षेत्र-क्षेत्र केँ जोड़िकय बनैत छैक। आदर्श समाजसेविका नीतू झा एवं पिंकी भरद्वाजक अगुवाई मे दहेज मुक्त विवाहक शुभारम्भ मधुबनी मे

नक्शा संशोधन बाद नागरिकता विधेयक नेपाल में

नक्शा संशोधन उपरान्त नागरिकता संशोधन आइ नेपाल मे ट्रेन्ड कय रहल अछि ‘वैवाहिक अंगीकृत नागरिकता’ लेल ७ वर्षक निवास प्रमाणपत्र। सत्ताधारी नेकपाक सचिवालय द्वारा सम्बन्धित संसदीय समिति केँ अंगीकृत नागरिकता प्रदान करबाक लेल कम सँ कम ७ वर्षक बसोवास प्रमाण होयब आवश्यक अछि। यानि विदेशी नागरिक संग विवाहक बाद जखन ७ वर्ष तक नेपाल मे नक्शा संशोधन बाद नागरिकता विधेयक नेपाल में

परोपकार सँ पैघ धर्म नहि – कम सँ कम एक कन्यादान मे सहयोगी जरूर बनू

परोपकार सँ पैघ कोनो धर्म नहि   जीवन हर जीव केँ प्रिय छैक। मुदा मनुष्य लेल ई मात्र प्रिय टा नहि अनमोल सेहो छैक। मनुष्य केँ प्राप्त आयु मे ओकरा बहुत किछु करबाक आधार भेटैत छैक जे आन जीव केँ शायद नहि छैक नसीब…. आर एहि तरहें मनुष्य योनि मे जन्म लेलाक बादे ‘मोक्ष’ जेहेन परोपकार सँ पैघ धर्म नहि – कम सँ कम एक कन्यादान मे सहयोगी जरूर बनू

नेपाल भारत मित्रता मे सवाल पर सवाल

मित्रता पुरान लेकिन व्यवहार असमान – प्रसंग नेपाल भारत मैत्री   नेपाल-भारत केर जन-जन बीच सम्बन्ध केँ सम्मान देबाक कय गोट महत्वपूर्ण कार्य भारत द्वारा कयल जाइत छैक। १९५० केर शान्ति आ मैत्री समझौता अनुसार दुनू देशक नागरिक एक-दोसराक देश मे जमीन कीनि सकैत अछि, नौकरी कय सकैत अछि, बिना कोनो विभेदक एक-दोसरक देश मे नेपाल भारत मित्रता मे सवाल पर सवाल

पूर्वी नेपाल मे मैथिली भाषा आ संचार अवस्था

पूर्वी नेपाल आ मैथिली संचार – प्रवीण नारायण चौधरी, विराटनगर, नेपाल। भूमिकाः नव नेपाल अर्थात् नया राजनीतिक संरचनाक नेपाल – नया संविधान पर संचालित नेपाल – नव लोकतांत्रिक अवधारणाक नेपाल – संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र नेपाल – तेकर पूर्वी भूभाग अर्थात् प्रदेश १ – पूर्वक कोसी आ मेची अंचल सहितक भूभाग आर नेपाल केँ ५ विकास पूर्वी नेपाल मे मैथिली भाषा आ संचार अवस्था

राजनीति अपन करवट केम्हरो फेरय धरि नेपाल-भारत मित्रता अटूट बनल रहत

नेपाल-भारत सम्बन्ध अटूट अछि नेपाल आ भारत केर मीडिया संग-संग ट्विटर आ फेसबुक समान सामाजिक संजाल मे दुनू मित्रराष्ट्रक सम्बन्ध खराब होयबाक आ तरह-तरह केर कयास-कल्पना करैत संवाद सब संचरण भऽ रहल अछि। लेकिन एहि सभक बीच एकटा अन्तिम सत्य स्थापित अछि जे नेपाल आ भारतक सम्बन्ध केवल कूटनीतिक आ राजनीतिक नहि बल्कि जन-जन केर राजनीति अपन करवट केम्हरो फेरय धरि नेपाल-भारत मित्रता अटूट बनल रहत

नेपाल मे मैथिली भाषाभाषी बीच सहमति-विमतिक दुरावस्था कोना दूर होयत

अति महत्वपूर्ण सवाल   (मैथिलीक कमजोर पक्ष केँ दुर करबाक लेल कि कयल जाय?)   बहुत महत्वपूर्ण सवाल उठेलहुँ अछि जे मैथिलीक विकास, संरक्षण, संवर्धन व प्रवर्धन लेल कि ‘वेबिनार’ (सेमिनार, परिचर्चा गोष्ठी, चिन्तन शिविर, पैघ-पैघ आयोजन, आदि) मात्र समाधान देतैक?   नहि, बिल्कुल नहि। मात्र चर्चा सँ समाधान कहियो नहि भेटत। समाधान लेल चर्चा नेपाल मे मैथिली भाषाभाषी बीच सहमति-विमतिक दुरावस्था कोना दूर होयत

मिथिलाक सामाजिक, सांस्कृति आ समृद्धिक संवर्धनः फेसबुक लाइव मे नेपाल-भारतक संस्था प्रमुख

मैथिली जिन्दाबाद विराटनगर, ३१ मई २०२० । विशेष सम्पादकीय आइ संध्या ७ बजे सँ दृश्यम् मीडिया संग ‘हम सब मैथिल छी’ फेसबुक समूह पर “मिथिलाक सामाजिक, सांस्कृतिक आ समृद्धिक संवर्धन” शीर्षक मे ‘मैथिली-मिथिला लेल प्रयासरत’ किछु महत्वपूर्ण संस्था प्रमुख लोकनिक संग प्रखर परिकल्पक-योजनाकार श्री राजकिशोर झा (अहमदाबाद) केर समन्वय मे लाइव विमर्शक सत्र राखल गेल मिथिलाक सामाजिक, सांस्कृति आ समृद्धिक संवर्धनः फेसबुक लाइव मे नेपाल-भारतक संस्था प्रमुख

दूधक कर्ज (मैथिली कथा)

मैथिली कथा – वन्दना चौधरी, विराटनगर दूध के कर्ज  आय हवेली घर में खूब भोज भात भ रहल छल। पूरा गाम में सब जाना निमंत्रण छल। खूब चहल पहल चारू दिस मचल छल, सभक चेहरा पर खुशी के झलक ओहिना देखाइत छल, और देखेबो केना नै करतैक, एतेक बरखक बाद गामक मुखिया चौधरी साहब के दूधक कर्ज (मैथिली कथा)