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प्रवीण नारायण चौधरी

होली विशेष मैथिली गीत

गीतः दारू सब जगह चलै छै… – अशोक कुमार सहनी, रघुनाथपुर, लहान-४ (हालः दोहा, कतार) होली में चलै छै, दीवाली में चलै छै नाच में चलै छै, गजल में चलै छै शादी में चलै छै, तलाक मेें चलै छै जनम दिन में चलै छै, मरण दिन में चलै छै दारू सब जगह चलै छै… घर होली विशेष मैथिली गीत

मिथिलाक सनातन समाजवाद पर एक दृष्टि

सम्पादकीय काश्यप गोत्र धारण करबाक प्रथा आ मिथिलाक समाजवाद   मिथिला समाज मे सभक सहभागिता सँ सभ्यताक संरक्षण, संवर्धन आर प्रवर्धनक अनुपम इतिहास रहल अछि। आइ एकटा सन्दर्भ मोन पड़ल अछि जे गोत्र निर्धारणक खास व्यवस्था एतय परापूर्वकाल सँ रहि आयल अछि। जेकर कोनो गोत्र नहि छल ओकर गोत्र काश्यप भेल। ई किंवदन्ति बहुतो बेर मिथिलाक सनातन समाजवाद पर एक दृष्टि

बहुचर्चित मिथिला – विद्वानक मत आ मिथिलाक पौराणिक इतिहास

आलेखः मिथिलाक पौराणिक इतिहास – संकलनः प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाक लेल कुल १२ नामक चर्चा अबैछ, ई श्लोक देखी: मिथिला तैरभुक्तिश्च वैदेही नैमिका नाम्। ज्ञानशीलम् कृपापीठं स्वर्णालांगल पद्धति:॥ जानकी जन्मभूमिश्च निरपेक्षा निकल्मष। रामानन्दकरी विश्वभावनी नित्य मंगला:॥ इति द्वादश नामानि मिथिलाया:!! पाणिनी द्वारा मिथिलाक वर्णनसूत्र: मिथिला दयष्व उण्! मैथिल च मथ्यन्ते शत्रवो अस्याम्!! मथ्यन्ते यत्र रिपवो बहुचर्चित मिथिला – विद्वानक मत आ मिथिलाक पौराणिक इतिहास

मिथिलाक एक कर्मठ सपुत धीरज चन्द्र झा केर याद मे दहेज मुक्त मिथिलाक नेतृत्वक संस्मरण

श्रद्धाञ्जलि सुमनः स्व. धीरज चन्द्र झा – पंकज झा, अध्यक्ष, दहेज मुक्त मिथिला, भारत “क्षण मे क्षणाक भेल, समाजसेवी आ आयकर अधिकारी धीरज बाबू क्षणहि मे चलि गेलाः पंकज झा – दमुमि अध्यक्ष” हिन्दी मे एकटा कहाबत छैक जे हृदय केँ टीस मारैत अछिः   “बिछड़ा कुछ इस अदा से कि रुत ही बदल गई मिथिलाक एक कर्मठ सपुत धीरज चन्द्र झा केर याद मे दहेज मुक्त मिथिलाक नेतृत्वक संस्मरण

मिथिला मे सेहो हो स्टार्टअप इंडियाक क्रान्तिकारी शुरुआतः सिद्धार्थ झा, अबेरुक डट कम संस्थापक

बंगलौर, २८ फरबरी, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! वर्तमान युग जतय एक दिश मोबाइल-कंप्युटर मार्फत इन्टरनेट सँ उपलब्ध सोशल साइट आदि पर निर्भर करय लागल अछि ताहि समय ‘बुक्स आर द बेस्ट फ्रेन्ड्स’ – पोथी मनुष्क सब सँ नीक मित्र थिक – ई कहिनीक महत्व सेहो दिन-प्रतिदिन घटैत जा रहल अछि। संकेत ईहो भेटैत अछि जे नीक-नीक मिथिला मे सेहो हो स्टार्टअप इंडियाक क्रान्तिकारी शुरुआतः सिद्धार्थ झा, अबेरुक डट कम संस्थापक

मिथिला की गरिमाः बार-बार पठनीय, मननीय एवम् अनुकरणीय

मिथिला की गरिमा   – स्व. पं. रुद्रधर झा (अपनी पुस्तक ‘गूढ तत्त्व समीक्षा’ में)   यद्यपि पृथ्वी के सभी स्थान भूमित्वेन समान हैं, तथापि –   “अयोध्या मथुरा माया काशी काञ्ची अवन्तिका। पुरी द्वारावती चैप सप्तैता मोक्षदायिकाः॥”   इस पुराण वचन के अनुसार उक्त सातों स्थान के विशेष महत्व हैं। जिनमें ‘माया’ पद से मिथिला की गरिमाः बार-बार पठनीय, मननीय एवम् अनुकरणीय

बनगाँव मे मिथिलाक्षर संग मिथिला चित्रकलाक प्रतियोगिता संपन्न

सुभाषचंद्र झा, सहरसा। फरबरी २७, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला संस्कृति संरक्षण व संबर्धन शोध परिषद के द्वारा सुफल सेवा संस्थान के सौजन्य स वनगामक भगवती स्थान में मिथिलाक्षर साक्षरता अभियान व मिथिला चित्रकारी प्रतियोगिता के आयोजन कयलक जाहि में कार्यक्रम के अध्यक्षता प्रख्यात शिक्षाविद अवकाश प्राप्त नेतरहाट, प्रोःअभिमन्यु खॉ कयलनि । जाहि में मुख्य अतिथि बनगाँव मे मिथिलाक्षर संग मिथिला चित्रकलाक प्रतियोगिता संपन्न

सहरसा मे कोशी महोत्सव एहि बेर २४‍‍-२५ मार्च केँ, प्रकाशित होयत स्मारिका सह सचित्र विवरणिका

सुभाषचन्द्र झा, सहरसा। फरबरी २६, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! कोशी क्षेत्रक धार्मिक पौराणिक एवं ऐतिहासिक विरासत के अक्षुण्ण रखबा के लेल कतेको वर्ष स कोशी महोत्सव केर आयोजन जिला मुख्यालय में कयल जाइत रहल अछि । पूर्वहि जेकाँ एहि साल कोशी महोत्सवक तैयारीक लेल आयोजित पहिल बैठक में महोत्सव केर आयोजनक तिथि केर घोषणा कयल गेल सहरसा मे कोशी महोत्सव एहि बेर २४‍‍-२५ मार्च केँ, प्रकाशित होयत स्मारिका सह सचित्र विवरणिका

दहेज प्रथा अन्त करबाक लेल संकल्पः अपन मिथिला सेवा समाज नेपाल ‘कुबैत समूह’

श्याम दास, फाईल, कुबैत। फरबरी २६, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! अपन मिथिला सेवा समाज नेपाल केर कुबैत देशक कार्यसमूह द्वारा यैह शुक्र दिन फाईल नामक शहर मे एकटा बैसार कएल गेल जाहिि मे श्याम दास आर गोविन्द महतोक अगुवाई मे संस्था सँ जुड़ल आगामी योजनादि पर चर्चा कएल गेल अछि। एहि बैसार मे पुरान सदस्यक संग-संग नव जुड़निहार सदस्य सब सेहो दहेज प्रथा अन्त करबाक लेल संकल्पः अपन मिथिला सेवा समाज नेपाल ‘कुबैत समूह’

जनकपुर मे १५-दिना मध्यमा परिक्रमा काल्हि सँ शुरू

ऋषिकेश झा, जनकपुरधाम, फरबरी २६, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि २५ फरबरी सँ मिथिलाक प्राचीन राजधानी जनकपुरधाम केर सुप्रसिद्ध धार्मिक परम्परा मध्यमा परिक्रमा आरम्भ भेल। परिक्रमाक लेल ‘मिथिला विहारी’ केर डोला काल्हिये जनकपुर पहुँचि गेल। पूर्व योजनानुरूप काल्हि रात्रिक विश्राम हनुमाननगर मे भेल। विदित हो जे परिक्रमाक प्रारम्भ विन्दु भारतीय मिथिलाक प्रसिद्ध तीर्थस्थल कलना महादेवस्थान सँ जनकपुर मे १५-दिना मध्यमा परिक्रमा काल्हि सँ शुरू