Search

क्रिएटर नैतिक मूल्य पर आधारित कंटेंट बनैब तँ एकटा समतामूलक, शिक्षित आ समृद्ध समाजक निर्माण संभव भऽ सकत

14 भ्यूज

लेख विचार
प्रेषित: माला झा
श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह
लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि
विषय :— सामाजिक उत्थान मे कंटेंट क्रिएटरक योगदान

आधुनिक डिजिटल युग मे सूचना प्रौद्योगिकीक विकास समाजक रूपरेखा केँ पूर्ण रूप सँ बदलि देलक अछि। इंटरनेट आ सोशल मीडियाक एहि दौर मे एकटा नव वर्गक उदय भेल अछि, जेकरा हम सब ‘कंटेंट क्रिएटर’ कहैत छी। कंटेंट क्रिएटर ओ व्यक्ति होइत छथि जे वीडियो, ब्लॉग, ऑडियो , सोशल मीडिया पोस्ट आ अन्य डिजिटल माध्यमक द्वारा विभिन्न विषय पर अपन विचार आ रचनात्मकता साझा करैत छथि। आजुक समय में कंटेंट क्रिएटरक भूमिका मात्र मनोरंजन धरि सीमित नहि अछि, बल्कि सामाजिक उत्थान, जागरूकता आ सकारात्मक परिवर्तन आबयबाक एकटा सशक्त माध्यम बनि गेल अछि।

सामाजिक जागरूकता आ कुप्रथा पर प्रहार :
कंटेंट क्रिएटर समाज में पसरल कतेको कुप्रथा, अंधविश्वास आ रूढ़िवादी सोच केँ समाप्त करबाक लेल निरंतर प्रयास करैत छथि। ओ लघु फिल्म, रील्स आ व्यंग्यात्मक वीडियोक माध्यम सँ दहेज प्रथा, बाल विवाह, लिंग भेद, आ जातिवाद जेहन गम्भीर मुद्दा पर प्रहार करैत छथि। मैथिली आ अन्य क्षेत्रीय भाषाक क्रिएटर सब अपन माटि सँ जुड़ल गप्प-सप्प आ नाटकक माध्यम सँ लोकक सोझाँ ई संदेश पहुँचाबैत छथि, जे सीधे लोकक हृदय केँ छुबैत अछि आ हुनका अपन सोच बदलबाक लेल विवश करैत अछि।

कंटेंट क्रिएटर सब शिक्षाक क्षेत्र मे एकटा पैघ क्रांति अनलनि अछि। ओ ज्ञान आ विज्ञान केँ पैघ-पैघ आ महँग संस्थानक चारि देबारे सँ बाहर निकालि कऽ गाम-घरक गरीब सँ गरीब बच्चा धरि पहुँचा देलनि अछि। यूट्यूब आ अन्य मंच पर कतेको एहन शिक्षक आ क्रिएटर छथि जे गणित, विज्ञान, भाषा, कोडिंग आ प्रतियोगी परीक्षाक तैयारी मुफ़्त में करवा रहल छथि। एकर अतिरिक्त, डिजिटल मार्केटिंग, हस्तशिल्प, सिलाई-बुनाई, आ खाना बनयबाक कला जेहन कौशल सिखा कऽ ओ लोक केँ, विशेष रूप सँ महिला आ युवा वर्ग केँ, आत्मनिर्भर आ स्वरोजगारक योग्य बना रहल छथि।

वैश्वीकरणक एहि दौर मे जहाँ कतेको क्षेत्रीय भाषा सब अपन अस्तित्व बचेबाक लेल संघर्ष कऽ रहल अछि, तहीं कंटेंट क्रिएटर सब अपन मातृभाषा केँ एकटा नव जीवन दऽ रहल छथि। मैथिली भाषाक क्रिएटर सभक योगदान एहि मे अतुलनीय अछि।

कंटेंट क्रिएटर अपन वीडियोक माध्यम सँ स्थानीय कलाकार, लघु उद्योग आ गामक कारीगर सभक कला केँ वैश्विक मंच प्रदान करैत छथि। उदाहरणक लेल, मिथिला पेंटिंग, खादी वस्त्र, आ हस्तशिल्प कऽ क्रिएटर द्वारा प्रचार कयला सँ ओकर माँग बढ़ैत अछि। एहि सँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होइत अछि आ कारीगर सभक आर्थिक उत्थान होइत अछि। संगहि, क्रिएटर खुद अपन टीम मे वीडियो एडिटर, स्क्रिप्ट राइटर आ कैमरामैन केँ राखि कऽ रोजगारक नव अवसर सृजित करैत छथि।

निष्कर्ष
कंटेंट क्रिएटर आजुक समाजक नव युगक समाज सुधारक छथि। ओ अपन कैमरा, कलम आ आवाजक बल पर समाज केँ एकटा नव दिशा देखा रहल छथि। यद्यपि कखनो-काल किछु नकारात्मक या भ्रामक कंटेंट सेहो सोझाँ आबैत अछि, मुदा क्रिएटर सभक सकारात्मक योगदानक पलड़ा भारी अछि। यदि कंटेंट क्रिएटर सब अपन सामाजिक उत्तरदायित्व केँ बुझि कऽ सत्य, ज्ञान आ नैतिक मूल्य पर आधारित कंटेंट बनेबाक क्रम जारी रखथि, तँ ओ दिन दूर नहि जखन डिजिटल माध्यमक सहयोग सँ एकटा समतामूलक, शिक्षित आ समृद्ध समाजक निर्माण संभव भऽ सकत।

Related Articles