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रीलक गुलाम जुनि बनी, सार्थक उपयोग लेल देखी

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लेख विचार
प्रेषित: कीर्ति नारायण झा
श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह
लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि
विषय :- ‘रील’ देखब कतेक हानिकारक वा लाभदायक

मीडियाक एहि युग मे ‘रील’ मनोरंजनक एकटा सशक्त माध्यम बनि क’ सोझाँ आएल अछि। छोट छिनक ई वीडियो आब लोकक दिनचर्याक हिस्सा बनि गेल अछि। रीलक प्रभाव लाभकारी आ हानिकारक दुनू होइत छैक
​सभ सँ पहिले लाभकारी के चर्चा करी –
​रील मात्र मनोरंजन नहि, बल्कि कतेको लोकक लेल अवसरक द्वारि सेहो खोलने अछि:
​एकर अतिरिक्त रीलक माध्यम सँ गाम-घरक नुकाएल प्रतिभा जेना गायन, नृत्य, अभिनय इत्यादि दुनियाक सोझाँ आबि रहल अछि। आब नीक कलाकार केँ कोनो पैघ स्टूडियोक बाट नहि जोहय पड़ैत छैक ।
​सभ सँ बेसी लाभकारी जे ‘इन्फोटेनमेंट’ (Infotainment) होइत छैक , जतय १५ सँ ६० सेकंड मे खाना बनेबाक विधि, स्वास्थ्य संबंधी टिप, वा कोनो भाषा सीखबाक जानकारी भेटि जाइत छैक ।
​छोट व्यवसायी अपन सामानक प्रचार रीलक माध्यम सँ क’ क’ अपन व्यापार बढ़ा रहल छथि।
​कतेको युवा मैथिली गीत आ मैथिली संवाद पर रील बना क’ अपन मातृभाषा केँ वैश्विक मंच पर लोकप्रिय बना रहल छथि।
​आब अबैत छी एकर हानिकारक पक्ष पर,
​जहिना कोनो चीजक अति खराब होइत छैक तहिना रीलक लत (Addiction) सेहो घातक सिद्ध भ’ रहल छैक, जेना ​समय केर बर्बादी, एकटा रील देखब’ कहि क’ लोक मोबाइल हाथ मे लैत छथि आ स्क्रॉल करैत-करैत कतय कतेक घंटा बीति जाइत छै, तकर पता नहि चलैत छैक ।
दोसर ​मानसिक स्वास्थ्य पर एकर असर पड़ैत छैक दोसरक रील देखि क’ अपन जीवनक तुलना ओकर ‘दिखावटी दुनिया’ सँ करनाइ मानसिक तनाव आ हीन भावना पैदा करैत अछि।
तेसर ​एकाग्रता मे कमी, बेसी रील देखला सँ एकाग्रता मेऔ कमी अबैत छैक, लोक केँ बेसी काल धरि कोनो गंभीर विषय (जेना पढ़ाई वा काज) पर ध्यान टिकोनाइ कठिन भ’ जाइत अछि।
सभ सँ खराब ​अश्लीलता आ गलत सामग्री केर दर्शन जेना कतेको बेर सस्ता लोकप्रियताक लेल लोक अभद्र भाषा वा अश्लील कृत्यक सहारा लैत छथि, जेकर कुप्रभाव बच्चा सभ पर पड़ैत अछि।

​रील अपन आप मे नहि तँ नीक अछि आ नहि खराब; ई ओकर उपयोग पर निर्भर करैत छैक । जँ एकर उपयोग अपन कला केँ निखारबाक लेल वा किछु सीखबाक लेल कयल जाय, तँ ई वरदान अछि। मुदा जँ ई मात्र समय काटबाक आ अंधाधुंध स्क्रॉल करबाक साधन बनि जाय, तँ ई मानसिक आ सामाजिक रूप सँ हानिकारक अछि।
​सार तत्व ई जे — तकनीकक गुलाम नहि, ओकर मालिक बनी तखन ओकरा पर नियन्त्रण राखि सकैत छी।

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