Search

अपन रीति बिसरि आन समाजक रेबाज लेल सब बेहाल

132 भ्यूज

लेख विचार
प्रेषित: शेफालिक दत्त श्रीजा
श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह
लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि
विषय :- मैथिल विवाह मे जयमाल
#विषय – “विवाह आ बाह्म आडंबर”
************
ई बात तs सही अछि जे अखुनका युग मे आधुनिकता केर होड़ मे सब कियो वाह्य आडम्बर युक्त विवाह सँ प्रभावित भs रहल छथि।जिनका पास पैसा पर्याप्त छैनि हुनका कोनो दिक्कत नई होइत छै।आई कैल्ह के चकाचौंध आडम्बर करैत खुब धूमधाम सँ धिया पुता केर विवाह करैत छथि।लेकिन जे मध्यम वर्गीय परिवार छथिन ओ सब आधुनिकता आ आडम्बर युक्त विवाह करय मे खुब नीक जँका पिसा रहल छैथि।
हमरा जानि अइ सब मे सबसे पैघ मीडियाक असर होइएत अछि।आइ काल्हि केर धिया पुता फिल्म टीवी मे जे सब आधुनिकता आडम्बर देखैत छथि,वैह सब एखुनका परिवेश मे अपनाबैत छथि।आइ कैल्हि के धिया पुता सब  नीक नीक कम्पनी मे नौकरी करैत छथि,जाहि सँ खर्चा करय मे सेहो कनियो कोताही नै करैत छथि,माय बाप सब के सेहो अप्पन धिया पुता के खुशी के खातिर बात मानय परैत छैनि।आर अप्पन धिया पुता के शौख देखैत खुब नीक जँका धूमधाम स विवाह मनाबैत छैथि।
जिनका सब के पास पैसा के कमी छैन्हि ओ तs अप्पन जेना तेना साधारण जेहन अप्पन धिया पुता के विवाह कs दैत छैथि।अइ सब मे सबसँ पैघ मध्यम वर्गीय परिवार इ आडम्बर युक्त विवाह मे पिसाइत छैथि,जे बहुत दयनीय स्थिति बनल जा रहल अछि।
पहिले के विवाह मे एतेक आडम्बर नै रहैत छलै,सब रीति रिवाज कें संग विवाह सम्पन्न होइत छलै, लेकिन एतेक आडम्बर नै होइत रहै, जेना एखन भs रहल अछि। जेना की मेहदी,हल्दी,संगीत,प्री वेडिंग शूट,इंगेजमेंट,जयमाला, रिशेप्शन,डेस्टिनेशन विवाह,हनीमून ई सब अनिवार्य विधान भऽ गेल हुए। ओहुमे सबसँ पैघ होइत अछि एक दोसर कें देखादेखी, जे कियो एक गोटे इ आडम्बर केलैथ तs देखादेखीमे सब वैह करय लगलैथ, चाहे ओ हम रही या पूरा समाज। आब सब जगह इहे तरहक वाह्य आडम्बरक विवाह होइत अछि। इ आडम्बर आब कम होइ वला नई अछि, बल्कि और किछु जे फ़िल्म मीडिया फैशन मे आएत,ओ सब देख आजुक धिया पुता सब जरूर अपनौती। सब कियो आब फैशनक ऊपर भागि रहल छथि। इ दिनो दिन बढ़िए जाएत कम होइ केर कोनो संभावना नै बुझना  जा रहल अछि जे चिंता जनक अछि।
जय मिथिला जय मैथिल।

Related Articles