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विराटनगर मे अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन सम्बन्धी अद्यावधिक सूचना

212 भ्यूज

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन २०२५

तैयारी अपडेट

बन्धुगण !

हर्षक संग सूचित कय रहल छी जे मैथिली एसोसिएशन नेपालक संगहि वरिष्ठ आ प्रतिष्ठित संस्था “मैथिली सेवा समिति” सेहो सहकार्य कय रहल अछि । आयोजक रूप मे हम सब संयुक्त रूप सँ आयोजन भव्य आ सफल बनेबाक कार्य मे लागि गेल छी ।

सब सँ पहिने शोभा यात्रा विराटनगरक त्रिमूर्ति चौक पर महाकवि विद्यापतिक स्मृतिगान करैत, भाषाशास्त्री महानन्द सापकोटा व नेपाली भाषाक प्रसिद्ध कवि भानुभक्त आचार्य सहितक त्रिमूर्ति पर माल्यार्पण सँ कोशी प्रदेशक पर्यटन मंत्री सदानन्द मंडल द्वारा शुभारम्भ होयत “अ. मै. स. २०२५” ।

तैयारीक सन्दर्भ मे – लगभग १०० गोट विद्वानक प्रतिनिधित्व एहि बेरुक सम्मेलनक मुख्य आकर्षण अछि । विषय सब सेहो बहुत महत्वपूर्ण आ समयानुसार जरूरी अछि चर्चा करबाक लेल । एहि भौतिकतावादी संसार मे विदेहराजक भूमि लहुलुहान भेल अछि । तेँ –

– मिथिलालोकक जीवन पद्धतिक मूल सन्दर्भ आ एकर प्रासंगिकता-अप्रासंगिकताक स्थिति,

– भाषा सँ रोजगार आ भविष्य-निर्माणक सम्भावना पर विशद विमर्श,

– नेपाल मे भेल हालहि राजनीतिक परिवर्तन आ सब दिन क्रान्तिये-क्रान्ति होइत रहत आ कि कहियो स्थिरता आयत, भारत मे १९४० ई. सँ मिथिला राज्य बनेबाक मांग टा अछि या फेर एकर सान्दर्भिकता अछिये नहि,

– मैथिली भाषाक विविध स्वरूप केहेन अछि जे नेताजी सब जाति मुताबिक बोलीक भिन्नता सँ समाज मे भाषिक विखंडनक दुष्प्रचार कय रहल छथि,

– मैथिली भाषा आ संचार – मीडिया जगत मे मैथिलीक प्रचलन आदिक अवस्था कतय धरि पहुँचल अछि,

– मिथिलाक संस्कृति मे क्षरण बड़ा तेजी सँ होबय लागल अछि, आब रोकथामक कोनो उपायो बचल या नहि ताहि पर कसगर चर्चा आ लोकमत संग्रह,

– मैथिल-मधेशी जेन-जी सब लग सेहो नेपालक सन्दर्भ मे किछु विचार छन्हि, ओ सब आगाँ लेल केहेन तैयारी कय रहल छथि,

– मिथिलाक्षेत्र मे पर्यटन, उद्योग आ आर्थिक विकासक सम्भावना कि-केना अछि

एतेक रास चर्चा कयल जायत । विद्वान् पर्यवेक्षक, टिप्पणीकर्ता, सत्र-समीक्षक सभक लगातार एगारहो सत्र मे उपस्थिति आ महत्वपूर्ण बात-विचार सब टिपबाक कार्य करैत अन्त मे “घोषणापत्र” जारी करैत ई सम्मेलनक समापन कयल जायत ।

एतेक रास विमर्श मे कतेक लोक रुचि लेता, किनका नीक लगतनि, किनका नहि नीक लगतनि, तेँ नीक लागयवला बात सब – यानि गीत, नृत्य, शो, फटक्का, सभक फ्यूजन सेहो रहत । जेना –

– पुस्तक मेला
– पर्यटन मेला
– चित्रकला मेला

तथा,

– भैरवि वन्दना नृत्यक अद्भुत दर्शन – साक्षात् भैरवि जाग्रत हेती
– पुनः महादेव केर अवतरण होयत डा. बिपिन कुमार मिश्र जीक शंखवादन सँ

पहिल दिनक साँझ रंगमय बनत –

– डा. बुद्धिनाथ मिश्रक ‘किछु मैथिली, किछु हिन्दी’ सँ
– दीपिका चन्द्राक काव्य उपहार सँ
– प्रेम विदेहक काव्य उपहार सँ
– पूनम मैथिलीक काव्य उपहार सँ

तदोपरान्त अनेकों कवि लोकनि मे संस्कृति मिश्रा, विकास वत्सनाभ, बिभा झा, कर्ण संजय, नारायण मधुशाला, सुरेश यादव, वन्दना चौधरी, अंजू प्रभा, आदिक संग कवि शिव नारायण पंडितक संचालन मे ‘सिंगल केर सेशन’ आयोजित अछि कवि सम्मेलनक अलग आ बिल्कुल नया फोरमेट मे,

दोसर दिन – भोरे ९ बजे सँ सम्मेलनक आरम्भ होयत जे रातिक ९ बजे धरि चलत । सन्ध्याकालीन सत्र मे अमर-प्रियाक युगल जोड़ी द्वारा सांस्कृतिक साँझ आयोजित अछि, जेकर संचालन सुप्रसिद्ध उद्घोषक – किसलय कृष्ण करता ।

एखन धरिक तय बात एतेक अछि । बाकी पराम्बा जानकीक आर जेना इच्छा होइन्ह सैह हेतैक ।

बम बम महादेव !!

हरिः हरः!!

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