लेख विचार
प्रेषित: शेफालिका दत्त श्रीजा
श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह
लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि
विषय :-अवसाद केर कारण लक्षण आर निवारण
#विषय_अवसाद
*********
आई के बहुत गंभीर विषय अछि “#अवसाद”, एखुनका समय मे हरेक घर मे कियो ना कियो अवसाद स ग्रस्त मिल जाइत छैथि।
ई पुरूषक अपेक्षा ज्यादा महिला मे देखल जाइत अछि।कोनो भी प्रकारक तनाव रहला से ई अवसाद के रूप मे उत्तपन्न भs जाइत अछि।एकर किछ प्रमुख कारण अछि:- जेना नींद नई एनाई,पेट साफ नई रहनाई, कब्ज से गैस बननाई,हृदय में घबराहट भेनाई,उलटी एनाई,धड़कन तेज भेनाई,सिर मे दर्द भेनाई,चक्कर एनाई, ब्लड प्रेशर बढनाई,ई सब प्रमुख कारण देखल जाइत अछि।
अवसाद एगो मनोरोग बीमारी जेना होइत अछि। जे कोनो मन मे रहैत अछि आ पूरा नई भेला से अवसादक रूप लs लैत अछि। जिनका साथ जेहन तनाव रहैत छैन्ह, ओहन प्रभाव परैत छैन्ह। जेना कोनो बच्चा परीक्षा दैत छैथि आ हुनकर रिजल्ट नीक नई आबैत छैन्ह, तखन ओ अवसाद मे आवि जाइत छैथि। कियो नौकरी लेल बहुत प्रयास करैत छैथि, नीक नौकरी नई मिलैत छैन्ह तs हुनका तनाव भs जाइत छैन्ह।किनको कोनो गंभीर बीमारी से परेशान छैथि । हुनका सब जगह इलाज करा के थाकि जाइत छैथि।ओ ठीक नई होइत छैथि तखन ओ अवसाद मे आवि जाइत छैथि।
अवसाद कोनो लाइलाज बीमारी नई अछि लेकिन एकर पाछु जैविक आनुवांशिक कारण होइत अछि। ओ अप्पन संतुलन खो दैत छैथि।हुनका अवसाद एतेक ज्यादा भs जाइत छैन्ह जे ओ आत्महत्या करै के लेल सोचै लागैत छैथि।
- एहि सँ उबरै के उपाय:-
एहन रोगी पर अपन परिवारक लोग के ज्यादा ध्यान दै के आवश्यकता अछि। अगर ओ किनको परिवारक सदस्य छैथि आ ओ गुमसुम रहैत छैथि। ओ ज्यादा समय अकेले मे बिताबैत छैथि । हर समय निराशाजनक बात करैत छैथि। तखन हुनका तुरंत कोनो नीक मनोचिकित्सक के पास लs जाइ के चाही। हुनका कखनो अकेले नई रहै देबै के चाही ।हुनका मेडिटेशन कराबै के चाही। योग आ प्राणायाम से अवसाद मे बहुत फायदा होइत अछि। सुबह नित्य क्रिया से निवृत करा के हुनका प्राणायाम,अनुलोम विलोम, आ ॐ के जाप कराबै के चाही। तैयो ठीक नई बुझाई तखन हुनका हंसाबैत,खेलाबैत तुरंत उपचार कराबै के लेल लs जाई के चाही।
