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प्रकृति विना जीवन संभव नै छै तें प्राकृतिक वस्तुक सुरक्षा सभक दायित्व बनैछ

1298 भ्यूज

लेख विचार
प्रेषित: बबिता प्रकाश
श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह
लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि
विषय :- प्रकृति_केँ_महत्व_एवं_ओकर_सुरक्षा

प्रकृति’क रचना अद्भुत अछि, आर जन जीवन वास्ते एकर अभूतपूर्व महत्व अछि। भोजन, जल, औषधि, ऑक्सीजन, वायु, सूरज केर रोशनी आदि संसाधन प्रकृति प्रदान करैत अछि‌। एकर बिना जीवन असंभव अछि।

सामान्यत: कहि सकै छी जे मानव के सभ प्राणी जीवन जियै वास्ते पूर्णरूपेण प्रकृति पर निर्भर छथि। पृथ्वी पर संपूर्ण प्राकृतिक संसाधन विद्यमान अछि, मुदा जनसंख्या वृद्धि आर एकर दूरुपयोग केँ कारण प्राकृतिक संसाधन समाप्त भ रहल अछि। यदि हम सचेत नहि होयब त आबै बला समेय मे किछु नहि बाँचत। तैं एकर महत्व बुझनाय आवश्यक अछि।

प्रकृति जीवन’क आधार अछि आर जीवन जियै के सभ प्रकारक समस्या केँ समाधान करैत अछि जेना कि – स्वच्छ जल आ हवा, विविध भोजन, आदि – आदि प्रदान करैत अछि। बाढ़ि एहन विपदा के आबै सँ सेहो रोकैत अछि, मौसम के नियंत्रित करैत अछि।

हमरा सभ के प्रकृति के संरक्षण करबाक अछि आ एकर देखभाल के लेल प्रयास अतिआवश्यक अछि। यदि एकर संरक्षण नहि कयल जाएत त मानव जीवन के संग
आन प्राणी केर जीवन सेहो मोशकिल मे पड़ि जाएत।
प्रकृति के संरक्षण माने जंगल, भूमि, जल निकास के सुरक्षा सँ अछि आओर प्राकृतिक संसाधन के संरक्षण खनिज, ईंधन, प्राकृतिक गैस के सुरक्षा सँ जई सऽ सुनिश्चित भ’ सकए कि मानव जीवन के उपयोगक वास्ते प्रचुर मात्रा मे उपलब्ध रहि सकए।

अनेको तरीका अछि जाहि विधि मानव प्रकृति’क संरक्षण वास्ते मदति क’सकैत छथि जाहि सऽ मानव जीवनमे बहुत लाभ भ सकैत अछि जेना कि –

1.पानि के सदुपयोग आर सही तरीका सँ उपयोग करनाई – जौं पानि के ठीक सौं उपयोग नहि कयल जाएत तऽ आबै बला दिवस मे पानि कऽ लेल तरसै पड़त। बहुत ठाँ अखनो किल्लत भ रहल अछि। तैं नल खोइल क’ पानि बहैत नै छोड़ी, स्नान के वास्ते बाल्टी’क प्रयोग करी, आरओ के अपशिष्ट पानि सौं घर’क साफ सफाई मे आर गाछ वृक्ष मे दय उपयोग करी।

3.अधिक सँ अधिक गाछ-वृक्ष आओर तरकारी लगाकए- जतेक भ’ सकए ओतेक गाछ वृक्ष सींचू। तरकारी आर फूल के गाछ लगाऊ आर माटि के मजबूत बनाऊ। वर्तमान समय मे सब दिन ततेक गाछ वृक्ष कटि रहल अछि जेकर कारण प्रकृति असंतुलित भ’ रहल अछि।

3. बिजली केँ सीमित उपयोग – अक्सर अपना सब बिजली के दुरुपयोग करैत छी। प्रकृति संरक्षण के लेल एकर उपयोग कम स कम करी त बिजली के उत्पादन मे लगई बला कोयला आदि के बचत भ सकैत अछि।

4. पुनरुपयोग (रिसाक्लिंग)- रिसाइक्लिंग के माने अछि इस्तेमाल कयल सामान के पुनः इस्तेमाल करनाई। जेना कि प्लास्टिक बोतल, अलमुनियम आदि के रिसाइक्लिंग कयल जा सकैत अछि।
खाद्य अपशिष्ट केँ बागबानी लै खाद तैयार क’ उपयोगी बनौनाइ आवश्यक अछि जाहि सौं माटि उर्वर बनत। गाछ विरीछ पाइन केँ बहाव के रोकत आओर माइट’क कटाव कम होयत ।

अंत मे , प्रकृति मे सब किछु विद्यमान अछि जेकर उपयोग अपन सभक जीवन मे अति आवश्यक अछि। माइट, पानि, हवा, नदी, जंगल आदि प्रकृति के अहम हिस्सा अछि। पृथ्वी पर जीवन रक्षण केँ वास्ते प्रकृति आर प्राकृत’क संसाधन केर सुरक्षित रखनाई महत्वपूर्ण अछि।

खराब प्राकृतिक वातावरण मे पृथ्वी पर जीवन यापन करनाई बहुत कठिन अछि। प्रकृति संरक्षण के लेल उचित डेग बढ़ौनाई मानव जाति केँ प्राथमिकता हेबाक चाही। सिरिफ मानवे अछि जे अपन क्षमता सौं प्रकृति केँ शुद्ध रूप मे राखि सकैत अछि आर अपन जीवन संग कतेको प्राणी केँ जीवन सुरक्षित क’ सकैत छथि।

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