मिथिलाक उद्योग व्यवसायक शिथिलता पर अपन युवा विचार – मिथिलेश कुमार

मिथिला मे औद्योगिक विकास आन राज्य-क्षेत्रक तुलना मे कम कियैक? कि कहैत छथि अपन मिथिलाक युवावर्ग-जानकार?

एहि प्रश्न पर सामाजिक संजाल सँ विचार संकलन क्रम जारी अछि। एहि सन्दर्भ मे मैथिली जिन्दाबाद पर निरन्तर किछु न किछु विचार प्रकाशित करैत आबि रहल छी। आउ, देखी – मिथिलेश कुमार नाम्ना युवा जे बी. एड. पूरा केलाक बाद शिक्षक पेशा मे राज्य सरकार द्वारा नौकरी प्राप्त करबाक प्रतीक्षा सूची मे छथि। एहि प्रश्नक उत्तर मे हिनकर मोनक विचार पढी।

मिथिलेश कुमार केर विचार 

कोनो उद्योग केर विकासक लेल सब सँ पहिने उचित माहौल, उद्योग स्थापित करबाक लेल उचित स्थान, तकर बाद प्रशिक्षण प्राप्त कुशल श्रमिक, कच्चा माल, उद्योगक लेल मशीन, कच्चा माल केर मशीन तक पहुँचेबाक लेल आ तैयार माल केँ बाजार तक पहुँचेबाक लेल यातायात केर सुविधा, पानी आ बिजली केर उत्तम व्यवस्था, ऐतबा व्यवस्था होय के बाद भी कुछ अन्य चीजक व्यवस्था करऽ पड़ैत छैक, तखनहि कोनो उद्योग स्थापित भऽ सकैत य ।

उचित लगानीकर्ताक अभावक कारण एहि क्षेत्र मे उद्योग पिछड़ल अवस्था मे अछि। बिहार सरकार जे औद्योगिक नीति ३१ अगस्त २०१६ केँ पास केलक ओहि में जे कियो उद्योग लगेता हुनका सरकार द्वारा किछु छूट मिलत जेना, फूड पार्क, टेक्सटाइल उद्योग पर परियोजना लागत केर ३५% आ स्टांप ड्यूटी पर १००% केर छूट भेटत। आब आएब जाउ उद्योग केँ व्यवस्थित करबाक लेल उचित स्थान पर, ताहि मे किछु उद्योगक लेल कम आ किछु के लेल अधिक जमीनक जरूरी होइत छैक – जेना इंडस्ट्रीयल पार्क, पर्यटन के लेल बेसी आ आई टी पार्क, छोट मशीन बनाबै, सब्जी – फल पर आधारित, चावल मिल, आटा मिल, दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र, मखाना उद्योग, बिस्कुट उद्योग, ग्लूकोज उद्योग इत्यादि बहुते रास छैक जेकरा लेल कम जगह केर आवश्यकता होइत छैक । आब सरकार एकरा पर अलग – अलग सब्सिडी केर व्यवस्था केने छै । उद्योग स्थापित करऽबला पर निर्भर करैत छैक जे ओ कोन हिसाब सँ अपन तैयारी केने छथि । सरकार कोन हिसाब सँ मदद करत से उपरोक्त जानकारी सँ स्पष्ट य । उद्योग जगत मे जेबाक लेल उत्सुक व्यक्ति अपन हिसाब सँ कोन उद्योग उचित हेतनि से चयन कऽ सकैत य । मखान, मक्का, कागज आर बहुते रास अछि । जँ नेपालक सहयोग भऽ जाय तँ लकड़ी पर आधारित उद्योग सेहो भऽ सकैत अछि । एहि मे लगानी करब एहि क्षेत्रक लगानीकर्ता लेल उचित बुझाइत अछि ।