चट मंगनी पट बियाह, झट झगड़ा फट तलाकः कियैक टूटि रहल अछि वैवाहिक सम्बन्ध तीव्रता सँ

कियैक टूटि रहल अछि पति-पत्नी सम्बन्ध – केस स्टडी मैथिल ब्राह्मण समुदाय

– प्रवीण नारायण चौधरी

चट मंगनी पट बियाह, झट झगड़ा फट तलाक

हमर पिता जे एक सत्यवादी आ अध्ययनशील चिन्तक वर्ग केर ओजस्वी व्यक्तित्व छलाह – हुनका कियो जँ कहि दैत छलन्हि जे जमाना बदैल गेलैक काका…. बस एतेक सुनैत देरी ओकरा फझेहतक तर कय देथिन आ अपन ओजस्विताक संग कहय लगथिन जे केहेन जमाना, कोन जमाना… कि सूर्य पूब सँ उदय भेनाय बन्द कय देलक… कि दिन-राति होयब खत्म भऽ गेल, कि बरसातक बिना अन्न उपजय लागल, कि मनुक्ख केँ सींग निकैल गेल कि पूँछ निकैल गेल… आदि। युग परिवर्तनक बात फेर स्वीकार करथिन, युग परिवर्तन माने लोकव्यवहार मे आबि रहल परिवर्तन केँ ओ स्वीकार करथिन। तखन हम बुझी जे एक तरहें जमाना बदैल जेबाक बात जे लोक सब बाजय तेकरा ओहो अप्रत्यक्ष रूप सँ स्वीकार करैत छथिन। चलू, लोकक व्यवहार मे बदलावक पैघ इतिहास छैक। पाषाण युग सँ वर्तमान सभ्य मानवीय संसार धरिक युग केर अपन अलग इतिहास छैक।
 
मिथिला मे कुटमैती, ताहू मे ब्राह्मण समुदाय केर कुटमैती बड़ा कठिन मानल गेल अछि। पूर्व मे एहि विन्दु पर एकटा लेख सेहो लिखने छी जे सर्वाधिक कठिन प्रक्रिया सँ कुटमैती (वैवाहिक सम्बन्ध) निर्धारण होइत छैक मैथिल ब्राह्मण परिवार मे। मुदा आइ मैथिल ब्राह्मण जे अपन मूल खुट्टा छोड़ि दिल्ली-बम्बई धय लेलक ताहि मे कतेको परिवार कुटमैती आदि ओम्हर बाहरे-बाहर करय लागल छथि। ओ सब आब पहिने जेकाँ अधिकार निर्णय, सिद्धान्त लेखन, आज्ञा डाला लैत भगवतीक घर पहुँचि षोडश मातृका पूजा, कुलदेवी सँ विशेष आशीर्वाद, पितर केर आशीर्वाद आदि परम्परा केँ ताख पर राखि ‘धर्मानन्द’ मात्र नामहि टा मे राखि सम्पूर्ण प्रक्रिया पूर्णरूपेण अधर्मानन्द जेकाँ करैत छथि। बस, बरियाती आयेगा, कन्याक बाप है तो तूँ सबको खीलायेगा, विवाह भवन को सजायेगा, दूल्हे राजाको शाले लोग कंधा पर उठायेगा और शाली लोग लड़केवालों के जूते चुरायेगी और खूब भांगड़ा नाच होगा… जो नहीं पीता है वो भी उस रात में दारू पियेगा, मस्ता नाचेगा आ एना मैथिल ब्राह्मणो के बियाह-शादी हो जायेगा…. पाग गया छप्पर पर, आजकाल तो शूट पैन्ट पहिरेगा आ राजस्थान वला पगड़ी-मुरेठा जे अक्षय कुमार हिन्दी सिनेमा मे पहिरता है ऊहे मिथिलाका दूल्हा सब पहिरेगा… हिन्दिये मे बात करेगा आ नाचते-गाते एक्के रात मे बियाह हो जायेगा। ‘चट मंगनी पट बियाह’ केर सारा लक्षण आधुनिक विवाह मे खूब देखाइत अछि।
 
संभवतः यैह कारण छैक जे आइ-काल्हि ‘झट झगड़ा फट तलाक’ केर स्थिति सेहो जहतर-पहतर देखाय दय लागल अछि। कतहु पुतोहु केँ नौकरानी जेकाँ काज करेबाक शिकायत सँ पुतोहु रुष्ट, ताहि लेल घर मे कलह होइत-होइत अन्त मे तलाक केर नौबत आबि गेल। कतहु पुतोहु केँ सासु द्वारा ताना आ नौकरीक तनखा घर मे जमा करबाक तालिबानी फरमानक कारण झगड़ा बढल आ फेर कतहु पुतोहु केँ पति आ ओकर बुढिया-माय-बाप वा सासूर छोड़ि घर मे रहि रहल ननदि आदिक उपस्थिति सँ पतिक प्यार मे कमी अबैत देखायल ताहि लेल झगड़ा बढल…. लेकिन पति तऽ ‘ओये, क्या बोलती तूँ! अपुन अक्खा संसार छोड़ सकता पर अपुन अपना माँ-बाप-बहन को कैसे छोड़ेगा रे? अपुन मोहब्बत पहले बहन से किया…! चल तूँ निकल ले इधर से।’ – विडंबना, लेकिन आजुक विवाह टूटबाक पाछाँ उपरोक्त चट-मंगनी-पट-बियाह केर स्थिति सेहो अछि तेकरा हम-अहाँ नहि नकारि सकैत छी।
 
आउ देखी, विज्ञजन, मनोवैज्ञानिक आ साइकियाट्रीस्ट सब जे विवाह सँ उत्पन्न तनाव आ फेर तलाकक नौबत पर अपन राय दैत छथि से कि कहैत अछिः
 
विवाहक सम्बन्ध केँ मजगुत बनेबाक लेल नेह आ विश्वास केर बड पैघ जरूरत होएत छैक मुदा जखन एहि दुनू बातक कमी होइत ई खत्म भऽ जाइत छैक तखन सम्बन्ध केँ बचायब संभव नहि रहि जाएछ। आइ-काल्हि पति-पत्नी मेंतलाक केर कतेको कहानी सुनबाक लेल भेटैत अछि जेकर कारण लड़ाई-झगड़ा और एडजस्टमैंट नहि करब छैक। एकर अलावे तलाक केर आरो कतेको कारण भऽ सकैत छैक।
 
१. एक-दोसराक ख्याल नहि राखब
 
विवाहक शुरूआती दिन मे पति-पत्नी एक-दोसराक काफी ख्याल रखैत छैक। पत्नी अपन पतिक दिनभरिक खबैर पूछत त ओकर पसीनक खाना बनायत लेकिन जखन ई सब चीज बेकार लागय लागल तऽ सम्बन्ध मे दरार आबय लगैत छैक।
 
२. लड़ाई-झगड़ा
 
कोनो सम्बन्ध मे लड़ाई-झगड़ा होयब नीक नहि होइत छैक। खासकर जखन ओ सम्बन्ध पति-पत्नी केर हो। जखन छोट-छोट बात पर झगड़ा होबय लागल तऽ बात काफी आगू पहुंचि जाइत छैक और तलाक केर नौबत आबि जाइत छैक।
 
३. बेवफाई
आइकाल्हि ज्यादातर सम्बन्ध टूटबाक वजह पार्टनर संग बेवफाई होइत छैक। ऑफिस मे काज करैत समय पति हो या पत्नी कोनो दोसराक तरफ आकर्षित भऽ जाइत अछि जाहि कारण सँ तलाक होयब संभव छैक।
 
४. बेसी उम्मीद लगायब
 
विवाहक बाद लड़की केँ अपन पति और ससुरालक लोक सँ काफी उम्मीद रहैत छैक मुदा जखन ई उम्मीद सभ पूरा नहि भऽ पबैत छैक तखन सम्बन्ध मे कड़वाहट आबि जाइत अछि। एना मे कहियो केकरो सँ जरूरत सँ ज्यादा उम्मीद नहि लगाबी।
 
५. मारिपीट
जखन लड़ाई-झगड़ा अधिक बढ़ि जाय और पार्टनर मारिपीट पर उतैर जाइत अछि, तखन एक-दू बेर तऽ बर्दाश्त होएत छैक लेकिन जखन अक्सर मारिपीट होेबय लागल तऽ सम्बन्ध बेसी दिन धरि नहि टिक पबैत छैक।
 
६. कम उम्र
कम उम्र मे विवाह करला सँ सेहो सम्बन्ध मे मजबूती नहि अबैत छैक। ज्यादातर लव मैरिज मे सेहो यैह तरहक बात देखय लेल भेटैत अछि। लड़का-लड़की कम उम्र मे प्रेम विवाह तँ कय लैत अछि लेकिन विवाहक बाद जखन माथ पर जिम्मेदारी पड़ैत छैक तऽ सम्बन्ध मे दूरी आबि जाइत छैक आर बात तलाक धरि पहुँचि जाइत छैक।
 
७. जबरदस्ती विवाह
 
कतेको बेर लड़का अपना घरवालाक मर्जी और दबाव सँ विवाह कय लैत अछि लेकिन विवाहक बादो ओ अपन पार्टनर केर संग सही संबंध नहि बना पबैछ आर एहि तरहें पत्नी केँ वांछित प्रेम केर कमी भेलाक कारण ओकर सम्बन्ध खराब भऽ जाइत छैक।
 
८. घरक लोकक दखल
 
कतेको लड़कीक घरक लोक विवाहक बादो ओकर जीवन मे काफी दखल दैत छैक जेकरा लड़का पसीन नहि करैछ आर पति-पत्नी केर आपस मे झंझटि होबय लगैत छैक।
 
एहि संभावित ८ गोट कारण (साभारः डेली हन्ट आर्टिकल) केर अतिरिक्त आरो गोटेक गूढ कारण छैक। क्रमशः ऐगला लेख मे….
 
हम त एखनहुँ कहब जे चलू चाइल सादा जे निमहय बाप दादा। अपन पारंपरिक वैवाहिक निर्धारण आ समस्त वैदिक विधान सँ सम्पन्न विवाह मे अपवादे कतहु टूट अबैत देखायल, अतः एहि दिशा मे सब कियो मनन करय जाउ।
 
हरिः हरः!!