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प्रवीण नारायण चौधरी

उदारता – अत्यन्त पठनीय, मननीय व अनुकरणीय लेख

स्वाध्याय आलेखः उदारता – पं. श्रीलालजीरामजी शुक्ल   (स्रोतः कल्याण, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)   मनुष्यक व्यक्तित्व केँ आकर्षक बनबयवाली जँ कोनो वस्तु अछि तऽ ओ उदारता थिक। उदारता प्रेमक परिष्कृत रूप थिक। प्रेम मे यदा-कदा स्वार्थभावना छुपित रहैत छैक। कामातुर मनुष्य अपन प्रेयसी सँ प्रेम करैत अछि, मुदा जखन ओकर प्रेम-वासनाक तृप्ति भऽ जाइत उदारता – अत्यन्त पठनीय, मननीय व अनुकरणीय लेख

भगवान केर पहिचान पर नैय्यायिक पंडित रुद्रधर झा – अत्यन्त पठनीय आ मननीय लेख

समस्त चराचर प्राणी तथा सम्पूर्ण विश्व साक्षात् भगवाने छथि – पंडित रुद्रधर झा (मैथिली अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) ‘हरि रेव जगज्जगदेव हरिर्हरितो जगतो न भिन्नतनुः’ (आर्षवाणी) भगवाने समस्त जड़चेतनमय संसार छथि आर सम्पूर्ण जड़चेतनमय विश्वे भगवान् थिक, कियैक तँ समस्त जड़चेतनमय संसारक भगवान् सँ भिन्न शरीर नहि अछि। अर्थात् – भगवान् केर शरीर सम्पूर्ण जड़चेतनमय भगवान केर पहिचान पर नैय्यायिक पंडित रुद्रधर झा – अत्यन्त पठनीय आ मननीय लेख

गुआहाटी एमएसयू द्वारा जैड़ केँ सींचनः मिथिलाक्षर आ मैथिली भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमक आयोजन

राजन झा, गुआहाटी। अगस्त १४, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला स्टुडेंट यूनियन गुवाहाटी द्वारा रवि दिन “मिथिलाक्षर सीखु आ सीखाबु” साप्ताहिक कार्यशाला के शुरुआत कयल गेल जे हरेक रवि के 9-11 बजे धरि होयत जाहि में बच्चा सभकेँ मिथिलाक्षर के साथ साथ देवनागरी युक्त मैथिली पढबा, लिखबा आ बजय लेल सीखायल जायत, ताकि नव बच्चा सब गुआहाटी एमएसयू द्वारा जैड़ केँ सींचनः मिथिलाक्षर आ मैथिली भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमक आयोजन

साक्षात् जानकीदूत हनुमानजीक समान छथि मैथिलीदूत विनोद बाबू

संस्मरण – प्रवीण नारायण चौधरी मैथिलीक दूत विनोद बाबू प्रस्तुत तस्वीर मे एक सँ एक मैथिलीक सपुत लोकनि देखा रहला अछि। सदिखन अपन मातृभाषा आ मातृसंस्कृति लेल जमीन आ आसमान एक कयनिहार कय गोटा शख्सियत केँ अपना सब एहि फोटो मे देखि रहल छी। अपन-अपन क्षेत्र मे सब कियो नीक योगदान दय रहला अछि। साक्षात् साक्षात् जानकीदूत हनुमानजीक समान छथि मैथिलीदूत विनोद बाबू

आब सुनू यू ट्यूब पर प्रेमक बसात केर सुन्दर सुपर हिट गीत

मैथिली फ़िल्म गीत पर अमित मिश्र कहबा मे कोनो संकोच नै जे ई एकटा सुन्दर सन गीत अछि ।आइटम गीत होइतो शब्द मर्रादामे अछि।नेहा आ प्रवेश जीक गायकी फुल एनर्जीमे देखा रहल अछि ।हमरापर विश्वास नै हुए त’ अपने सुनि क’ प्रमाण ल’ सकैत छी ।म्यूजिक आ बोल बॉलीबुड आइटम नंबरक स्तरक बुझना जाइत अछि आब सुनू यू ट्यूब पर प्रेमक बसात केर सुन्दर सुपर हिट गीत

गोनू झा चोर केँ कोना पकड़बेलनि

खिस्सा गोनू झा केर साभार: चंदन झा द्वारा फेसबुक पर पोस्ट मार्फ़त -:गोनू झा के खिस्सा :- चोर कें छकेलैन/पकड़बेलैन गोनू झा गोनू झा रहथि सतर्क लोक । यद्यपि ओ कोनो धनवान लोक नहि रहथि तथापि गौंआ आ अनगौंआ कें लगैक जे हो ने हो हुनका लग कोनो गाड़ल संपत्ति जरूर छनि । आ तें गोनू झा चोर केँ कोना पकड़बेलनि

हाथी चले बजार – कुत्ता भुके हजारः सन्दर्भ ५ अगस्त मिथिलावाद लेल दिल्ली मे बनल २ इतिहास

दिल्ली मे ५ अगस्त केँ २ टा ऐतिहासिक आयोजन भेल, दुनू महत्वपूर्ण छल ५ अगस्त केँ दिल्ली मे मिथिलावाद दू तरहें स्थापित भेल। एकटा क्रान्तिकारी प्रदर्शन कय केँ मिथिला डेवलपमेन्ट बोर्ड केर गठन लेल सरकार पर दबाव बनेबाक लेल काज केलक, ओत्तहि दोसर मिथिलाक हेराइत लोकसंस्कृति केँ बचेबाक लेल मधुश्रावणी सनक पाबैन केँ व्यक्तिगत घरक हाथी चले बजार – कुत्ता भुके हजारः सन्दर्भ ५ अगस्त मिथिलावाद लेल दिल्ली मे बनल २ इतिहास

सावन मास मे बाबा बैद्यनाथ केँ समर्पित एक मैथिली भजन

भजन – प्रवीण नारायण चौधरी बाबा हो! पूरा कर दू सपना हमार भोग के पाछू पागल हम्में – आऽऽऽ आऽऽऽ आऽऽऽ भोग के पाछू पागल हम्में भटकि रहलि संसार बाबा हो! पूर कर दू सपना हमार!   ई भवसागर थाह कतहु नहि हेलि हेलि हम्मे थाकल – २ हाथ गोर सब थाकि चुकल है हेलबो सावन मास मे बाबा बैद्यनाथ केँ समर्पित एक मैथिली भजन

चिकित्सा क्षेत्र मे लूट, रोगीक स्वास्थ्य संग खेलबाड़

सावधान, कहीं डाक्टर लफुआ त नहि अछि!! देखिकय!!   बीमार शरीर कमजोर भऽ जाइत छैक। बीमारी केकरो नीक नहि लगैत छैक। आइ सब सँ महंग भेल अछि डाक्टरी केर पढाई। पहिने बैद-हकीम केर भरोसे सब इलाज भऽ जाएक। आब….? संभव नहि अछि। डाक्टर सँ इलाज कराबय जाउ आ पहिने सब तरहक खून, हग्गी, मुत्ती, थूक, चिकित्सा क्षेत्र मे लूट, रोगीक स्वास्थ्य संग खेलबाड़

बीमारी सँ छुटकारा लेल ई साधन सर्वाधिक लाभदायक होएछ

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी बीमारी सँ मुक्ति केर अचुक मार्ग प्रभुजीक विशेष कृपा अछि जे आइ भोरे-भोर तुलसीदासजी रचित रामचरितमानसक एक अत्यन्त गूढतम् मुदा देखय मे एकदम सहज ज्ञान सँ भरल ‘दोहा’ पढबाक लेल भेटलः   बिनु सत्संग न हरि कृपा तेहि बिनु मोह न भाग। मोह गएँ बिनु राम पद होइ न दृढ बीमारी सँ छुटकारा लेल ई साधन सर्वाधिक लाभदायक होएछ