उदारता – अत्यन्त पठनीय, मननीय व अनुकरणीय लेख
स्वाध्याय आलेखः उदारता – पं. श्रीलालजीरामजी शुक्ल (स्रोतः कल्याण, अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) मनुष्यक व्यक्तित्व केँ आकर्षक बनबयवाली जँ कोनो वस्तु अछि तऽ ओ उदारता थिक। उदारता प्रेमक परिष्कृत रूप थिक। प्रेम मे यदा-कदा स्वार्थभावना छुपित रहैत छैक। कामातुर मनुष्य अपन प्रेयसी सँ प्रेम करैत अछि, मुदा जखन ओकर प्रेम-वासनाक तृप्ति भऽ जाइत … उदारता – अत्यन्त पठनीय, मननीय व अनुकरणीय लेख









