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प्रवीण नारायण चौधरी

बिहार विधानसभा चुनाव २०२० सन्दर्भित मैथिल मतदाता लेल विचारनीय विषय-वस्तु

विचार – राज किशोर झा #बिहार_विधानसभा_चुनाव_2020 बिहारमे प्रस्तावित चुनाव अगिला पांच वर्षक भविष्य तय करत। राज्य एखनो बेसिक जरूरतकेँ पूरा करबामे जुझैत देखा रहला। जाहि राज्यमे एतेक मेधावी, कर्तव्यनिष्ठ आ मेहनती युवा वर्गक संख्या होइक ओहि राज्य के तेजीसँ विकास करबाक संभावना बेसी हेबाक चाही छल। हम सब वैश्विक विकासक एक अहम धूरी बनि चुकलौंहा बिहार विधानसभा चुनाव २०२० सन्दर्भित मैथिल मतदाता लेल विचारनीय विषय-वस्तु

मातृभाषा मैथिली प्रति समर्पण आ सेवा केर १०० वर्ष पूर्ण

मातृभाषा लेल समर्पण केर १०० वर्ष मैथिली भाषा-साहित्यक इतिहास मे मातृभाषाक रूप मे मैथिलीक संरक्षण, संवर्धन आ प्रवर्धनक अभियान लगभग १९२० ई. मे शुरुआत भेल छल। विद्यापति केर ‘देसिल वयना सब जन मिट्ठा’ केर उद्घोष संग अपन भाषाक प्रति जनजागरण केर अभियान सेहो एहि आसपास १९२०-३० केर बीच मे मानल जाइत अछि। एहि तरहें मातृभाषा मातृभाषा मैथिली प्रति समर्पण आ सेवा केर १०० वर्ष पूर्ण

एक जरूरी आ पठनीय लेखः प्रमाणपत्र

प्रमाणपत्र – प्रवीण नारायण चौधरी   जी, एहि लेख मे ओहि ‘प्रमाणपत्र’ अथवा ‘चरित्र प्रमाणपत्र’ आदि केर चर्चा हम नहि करय जा रहल छी जे विद्यालय सँ जारी कयल जाइछ, जाहि मे उल्लेख रहैत छैक जे विद्यालय अवधि मे फल्लाँक चरित्र आ व्यवहार ‘नीक’ देखल गेल। अंग्रेजी मे सेहो एकर प्रस्तुति कतेको लोक केँ स्मरण एक जरूरी आ पठनीय लेखः प्रमाणपत्र

कोरोनाकाल मे मैथिली फिल्म – भाषाक प्राण तत्त्व थिक फिल्म आ बढि रहल अछि दर्शक

२० सितम्बर २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! आइ एबीएम कालेज जमशेदपुर द्वारा एकटा महत्वपूर्ण वेबिनार केर आयोजन कयल गेल अछि। मैथिली भाषा-साहित्य पर कोरोनाक प्रभाव – एहि विषय पर काफी रास वक्ता लोकनि अपन विचार रखता। एहि सन्दर्भ मे ‘मैथिली जिन्दाबाद’ केर सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरी सेहो आमंत्रित छथि आर हुनकर वक्तव्यक विषय अछि कोरोनाकाल मे कोरोनाकाल मे मैथिली फिल्म – भाषाक प्राण तत्त्व थिक फिल्म आ बढि रहल अछि दर्शक

मैथिलसर्जक कृष्णकान्त झा विरचित बेहतरीन ‘रघुपत्यष्टकं’

१९ सितम्बर २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! रघुपत्यष्टकं   – श्री कृष्णकान्त झा रचित एक बेहतरीन आ भावयुक्त रचना   राजीवनयन त्रिभुवनभूषण। भवदुःखहरण परमात्म विभो॥ सीतावल्लभ रघुकुलनन्दन। नलिनायतलोचन राम प्रभो ॥1॥   रघुकुलनायक करधृतसायक। मंगलदायक भव पाहि विभो॥ अनुरूप स्वरूप विरूपारूप । अजस्र सहस्त्रस्वरूप प्रभो ॥2॥   शिवमानसहंस रघुवंशवतंश निषूदनकंस सुवंश विभो॥ उत्तम सर्वोत्तम पुरूषोत्तम। नरोत्तम मैथिलसर्जक कृष्णकान्त झा विरचित बेहतरीन ‘रघुपत्यष्टकं’

मिथिला समाज मे दहेज प्रथा कहियो नहि छल, कन्यादान संग गृहस्थी उपयोगी सामानक दान स्वेच्छा सँ

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी दान आ दहेज मे फरक अहाँक याद होयत, एक बेर भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी बड़ा स्पष्ट तौर पर अन्तर्वार्ता मे पूछल एक सवाल ‘भ्रष्टाचार कहिया धरि खत्म होयत?’ केर जवाब मे कहलखिन जे ई तुरन्त खत्म नहि कयल जा सकैत अछि, कम करबाक वचन दैत छी आ खत्म होइ मिथिला समाज मे दहेज प्रथा कहियो नहि छल, कन्यादान संग गृहस्थी उपयोगी सामानक दान स्वेच्छा सँ

मैथिल ब्राह्मण आ विवाह

आलेख – कुमुद मोहन झा हिन्दू धर्ममे सोलह संस्कार अन्तर्गत विवाह एकटा एहेन संस्कार थीक जे वंश परम्परा के चलबैत छैक । एक पीढी सं दोसर पीढी धरि अपन आनुवंशिक गुण के संचारित करैत छै । तदर्थ अपन कौलिक तेज आ संस्कार के अक्षुण्ण रखवाक हेतु विवाह के परा पूर्व काल सँ एकटा संस्था के मैथिल ब्राह्मण आ विवाह

रोचक आ प्रेरणादायक रचना – भाग २

१६ सितम्बर २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! १. नीलम झा केर लेख ‘बेटी केँ शिक्षा कतेक जरूरी’ आइ हम अहाँ सब सँ बेटी के शिक्षा पर बात करब। और ओहि मे हुनकर माय-बाप के कतेक योगदान के जरूरी छन्हि सेहो। ओना त शिक्षा बेटा और बेटी दुनू लेल जरूरी य, मगर हम बेटी के शिक्षा पर आइ रोचक आ प्रेरणादायक रचना – भाग २

रोचक आ प्रेरणादायक रचना – भाग-१ः मैथिली साहित्यक सर्वोत्तम उपयोगिता पर केन्द्रित (अत्यन्त पठनीय)

१५ सितम्बर २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! आइ सँ एकटा नव अवधारणा पर चलबाक संकल्प संग मैथिली पाठक लेल सर्वोपयोगी रचना सभक संकलनक धारावाहिक आरम्भ कय रहल छी। मैथिली जिन्दाबाद वेब न्यूजपोर्टल पर साभार फेसबुक आ विशेष रूप सँ ‘दहेज मुक्त मिथिला’ समूह जतय एक सँ बढिकय एक विद्वान् आ विदुषी सदस्य सभ उपस्थित छथिन हुनका रोचक आ प्रेरणादायक रचना – भाग-१ः मैथिली साहित्यक सर्वोत्तम उपयोगिता पर केन्द्रित (अत्यन्त पठनीय)

प्रेरणापुरुषः मैथिलीपुत्र प्रदीप

अर्पण स्मारिका लेल समर्पित ई लेख – प्रवीण नारायण चौधरी प्रेरणापुरुषः मैथिलीपुत्र प्रदीप मध्य विद्यालय, कुर्सों जेकर स्थापना १८९२ ई. ब्रिटिश सरकार कएने रहय, जाहि विद्यालय सँ हजारों छात्र अपन प्रारम्भिक पढाई कय आइ राष्ट्रीय-अन्तर्राष्ट्रीय क्षेत्र मे अपन अलग ख्याति बनौलनि अछि, जे विद्यालय ओहि इलाकाक दर्जनों गाम केर एकमात्र आधार रहय आर जतय एक प्रेरणापुरुषः मैथिलीपुत्र प्रदीप