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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिली भाषा में शिक्षा की वर्तमान स्थिति और चुनौतियाँ – शोधालेख – डा. स्वीटी कुमारी

Current Status of Education in the Maithili Language and Its Challenges मैथिली भाषा में शिक्षा की वर्तमान स्थिति और चुनौतीयाँ RESEARCH REVIEW International Journal of Multidisciplinary | e-ISSN: 2455-3085 “Dr. Sweety Kumari Date of Publication: 20 April, 2025 Assistant professor, Maithili Department, BRB College Samastipur LNM University, Darbhanga, Bihar Abstract: This research paper describes, as मैथिली भाषा में शिक्षा की वर्तमान स्थिति और चुनौतियाँ – शोधालेख – डा. स्वीटी कुमारी

मैथिली भाषा आ संस्कृतिक दुरावस्थाक कारण की ?

विशेष सम्पादकीय मैथिली भाषा आ संस्कृतिक दुरावस्थाक कारण की ? कियो मैथिली कियैक पढ़य ? शिक्षा मे मैथिलीक अनिवार्यता आ तेकर लाभ कि छैक ? भारत मे लागू कयल गेल नव शिक्षा पद्धति NEP-2020 सँ त्रिभाषा शिक्षाक आधार सँ छात्र केँ कि सब लाभ भेटतैक ? नेपाल मे मैथिली पाठ्यक्रमक विकास, शिक्षकक नियुक्ति आ पढ़ाइ-लिखाइ मैथिली भाषा आ संस्कृतिक दुरावस्थाक कारण की ?

Mahabharat: Chapter III – Amba and Bhishma

MAHABHARAT by C. Rajagopalachari Chapter III Ambha and Bhishma Chitrangada, the son of Satyavati, was killed in battle with a gandharva. As he died childless, his brother Vichitravirya, was the rightful heir and was duly crowned king, and he was a minor, Bhishma governed the kingdom in his name till he came of age. When Mahabharat: Chapter III – Amba and Bhishma

शिक्षा आ संविधान मे मैथिली भाषाः गीतिका देव (क्राइस्ट इंस्टिट्यूट ऑफ़ लॉ, बंगलुरु) केर शोध

ई शोध आलेख इंटरनेशनल जर्नल फॉर मल्टीडिसिप्लिनरी रिसर्च, वोल्यूम ५, इश्यू ५, सितम्बर-अक्टूबर २०२३ केर अंक मे शोधार्थी गीतिका देव द्वारा कयल गेल शोध पर आधारित – प्रकाशित लेख साभार आईजेएफएमआर केर वेबसाइट सँ हूबहू उतारल गेल अछि । एकर सन्दर्भ केर सम्पूर्ण विवरण तथा भाषा सन्दर्भित संवैधानिक एवं सरकारक कामकाज सम्बन्धी विज्ञजन सभक राय शिक्षा आ संविधान मे मैथिली भाषाः गीतिका देव (क्राइस्ट इंस्टिट्यूट ऑफ़ लॉ, बंगलुरु) केर शोध

बाबा-पोताक ओ खिस्सा

खिस्सा-पिहानी – प्रवीण नारायण चौधरी बाबा-पोताक ओ खिस्सा (प्रवीण स्मृति मे सिखल एक अद्भुत नैतिक कथा) काल्हि कहने रही न जे खिस्सा कहब… से सुनू ! गीता एक बेर पढ़िकय अथवा बेर-बेर पढ़िकय पर्यन्त पूर्ण रूप मे हम मानव समुदाय स्मृति मे अक्षरशः नहि राखि सकैत छी । विरले कियो सुपर स्मृति (बेजोड़ स्मरण शक्ति) बाबा-पोताक ओ खिस्सा

Mahabharata: Chapter II – Bhishma’s Vow

MAHABHARATA – CHAPTER II by C. Rajagopalachari Book Published by: Bharatiya Vidya Bhawan, Mumbai, India. BHISHMA’S VOW WITH joy the king received to his heart and his kingdom the resplendent and youthful prince Devavrata and crowned him as the yuvaraja, the heir apparent. Four years went by. One day as the king was wandering on Mahabharata: Chapter II – Bhishma’s Vow

स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वतीक भाष्य सहित गीताक अंग्रेजी अनुवाद

ॐ श्री परमात्मने नमः !! ŚRĪMAD-BHAGAVAD-GĪTĀ ॥प्रथमोऽध्यायः॥   धृतराष्ट्र उवाच । धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः ॥ मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय ॥१॥ Dhṛtarāstra said: Tell me, O Sañjaya! Assembled on Kuruksetra, the centre of religious activity, desirous to fight, what indeed did my people and the Pandavas do? True it is that the two parties were स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वतीक भाष्य सहित गीताक अंग्रेजी अनुवाद

अंजनी कुमार चौधरी संग साक्षात्कारः गाम सँ सिंगापुर धरि निजत्वक रक्षार्थ समर्पित व्यक्तित्व

साक्षात्कारः अंजनी कुमार चौधरी संग मैथिली जिन्दाबाद सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरीक वार्ता अंजनी कुमार चौधरी मूल रूप सँ दरभंगा जिलाक हयाघाट प्रखंड अन्तर्गत बसहा मिर्जापुर गामक निवासी छथि । वर्तमान में सिंगापुर में एगो मल्टीनेशनल बैंक में वाईस प्रेसिडेंट केर रूप में कार्यरत छथि । पूज्य पिता श्री माया शंकर चौधरीक संस्कार, साहित्यिक चेतना आ अंजनी कुमार चौधरी संग साक्षात्कारः गाम सँ सिंगापुर धरि निजत्वक रक्षार्थ समर्पित व्यक्तित्व

आखिर नेपाल-भारत मैत्री केकरा खटैक रहल छैक आ कियैक ?

नेपाली राजनीति आ भारत ‘भारतवर्ष’ अन्तर्गतक अनेकों देश मे आइ अपना – अपना भूगोल अनुसारक अनेकों दावी आ गाथा सब पर आधारित बात-विचार सब सुनि-देखि रहल छी हम सब । कहल जाइत छैक – भारत बीच मे, आजू-बाजू विभिन्न देश । उत्तर नेपाल, पूब बंगलादेश, पच्छिम पाकिस्तान आ दक्षिण म्यांमार । सीमा सँ जुड़ल आरो आखिर नेपाल-भारत मैत्री केकरा खटैक रहल छैक आ कियैक ?

Mahabharat: Chapter 1 – Devavrata

Mahabharata – by C. Rajagopalachari  Chapter 1 Devavrata “You must certainly become my wife whoever you may be.” Thus said the great king Santanu to the Goddess Ganga who stood before him in woman form, intoxicating his senses with her superhuman loveliness. The king earnestly offered for her love, his kingdom, his wealth, his all, Mahabharat: Chapter 1 – Devavrata